पाकिस्तान के स्वात में पुलिस थाने के बाहर आत्मघाती धमाके में 14 लोगों की मौत, 15 से ज़्यादा घायल
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इमेज कैप्शन, रविवार को पाकिस्तान के स्वात ज़िले में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए आत्मघाती बम धमाके के बाद पुलिस अधिकारी घटनास्थल का मुआयना करते हुए
पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत के स्वात ज़िले में रविवार शाम कबल पुलिस थाने के बाहर हुए आत्मघाती धमाके में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से ज़्यादा लोग घायल हो गए.
पुलिस के मुताबिक, धमाका पुलिस स्टेशन के बाहर हुआ. पाकिस्तान के संघीय गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने पुष्टि की कि यह आत्मघाती हमला था.
मोहसिन नक़वी ने कहा कि बहादुर पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आत्मघाती हमलावर को थाने के अंदर घुसने से रोक दिया, जिससे बड़ा नुक़सान टल गया.
बताया गया है कि यह धमाका उस समय हुआ, जब स्वात में बढ़ती आतंकी घटनाओं के विरोध में स्थानीय लोग 'अमन प्रदर्शन' कर रहे थे.
रेस्क्यू 1122 के मुताबिक, 15 से ज़्यादा घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है.
वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका पुलिस थाने के पास उस वक्त हुआ, जब इलाक़े में शांति मार्च चल रहा था.
गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया है.
19 साल बाद कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन ने कहा, 'मदरसों को ख़त्म कर देना चाहिए'
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इमेज कैप्शन, तसलीमा नसरीन ने कहा, "कोलकाता लौटकर ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपनी ज़िंदगी के उस हिस्से में वापस आ गई हूँ, जिसे यहीं छोड़कर गई थी."
बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद कोलकाता लौटी हैं.
इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी वापसी इस बात का सबूत है कि "अन्याय लंबा चल सकता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं रह सकता."
कोलकाता में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भावुक दिखीं 63 वर्षीय तसलीमा नसरीन ने कहा कि शहर में लौटना उनके लिए ऐसा है जैसे वह अपनी ज़िंदगी के उस हिस्से में वापस आ गई हों, जिसे सालों पहले पीछे छोड़ना पड़ा था.
तसलीमा नसरीन ने यह भी साफ किया कि उनकी लड़ाई कभी किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में नहीं रही.
उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष हमेशा महिलाओं के अधिकारों और अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए रहा है.
इस दौरान तसलीमा नसरीन ने मदरसों पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा, "मदरसों को ख़त्म कर देना चाहिए क्योंकि वे 'जिहादी फ़ैक्ट्रियां' हैं, उन्हें सेक्युलर स्कूलों में बदल देना चाहिए."
गौरतलब है कि तसलीमा नसरीन को साल 2007 में कोलकाता छोड़ना पड़ा था और उसके बाद से वह शहर से दूर थीं.
मनु भाकर बोलीं, 'गाली देना कूल नहीं, सम्मान करना ही असली कूल है'
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इमेज कैप्शन, दो ओलंपिक मेडल विजेता मनु भाकर ने कहा है कि कूल वही है जो मेहनती हो, दूसरों और खुद का सम्मान करे
भारतीय निशानेबाज़ मनु भाकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाषा और व्यवहार को लेकर एक अहम संदेश साझा किया है.
उन्होंने कहा, "आप जैसी भाषा बोलते हैं, वही आपके व्यक्तित्व और सोच को दर्शाती है. इसलिए शब्द हमेशा सोच-समझकर चुनिए. क्योंकि समय के साथ इंसान वैसा ही बन जाता है जैसा वह सोचता है, बोलता है और अपने जीवन में अपनाता है. किसी का अपमान करना या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना भी कूल नहीं है."
"अगर 'कूल' की परिभाषा आसान शब्दों में समझें, तो कूल वही है जो मेहनती हो, दूसरों और खुद का सम्मान करे, ईमानदारी से सफलता हासिल करने की कोशिश करे और अपने माता-पिता व देश का नाम रोशन करे. यही असली कूल है."
उन्होंने आगे लिखा, "इस बात का ज़िक्र इसलिए ज़रूरी है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में गाली-गलौज को लेकर लोगों की सोच काफी बदल गई है. आज कई लोगों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल इतना आम हो गया है कि उसे ही 'कूल' समझा जाने लगा है. बिना सोचे-समझे लोग रोज़मर्रा की बातचीत में ऐसी भाषा बोल देते हैं जो दूसरे का अपमान करती है और सम्मान की भावना को ठेस पहुंचाती है."
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक वर्टिकल वीडियो साझा करते हुए जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान उन्हें अपशब्द बोलने वाले बच्चों को माफ़ करने की बात कही थी.
इसके बाद से ही लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
ग्रीस में जंगल की आग बुझाने के दौरान दो हेलीकॉप्टर क्रैश, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
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इमेज कैप्शन, फिलहाल क्रू मेंबर्स की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है
ग्रीस में एथेंस के पश्चिमी इलाके में जंगल की आग बुझाने के मिशन के दौरान दो फायरफाइटिंग हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गए. ग्रीक फायर सर्विस ने इस हादसे की पुष्टि की है.
अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा अटिका के पसाथा इलाक़े के आसपास हुआ. दोनों हेलीकॉप्टर फायर डिपार्टमेंट ने लीज़ पर लिए थे और हर हेलीकॉप्टर में दो-दो क्रू मेंबर सवार थे.
बताया गया है कि दोनों हेलीकॉप्टर एलिफ्सिना सैन्य एयरपोर्ट से उड़ान भरकर जंगल की आग बुझाने के अभियान में शामिल हुए थे. हादसे के बाद मौके पर बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
फिलहाल क्रू मेंबर्स की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. राहत और बचाव दल लगातार इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं.
दोनों हेलीकॉप्टरों की टक्कर आखिर किस वजह से हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं दी गई है. हादसे में सवार चारों क्रू मेंबर्स की हालत क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है. क्रू मेंबर्स की पहचान भी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है.
राहुल गांधी बोले, 'छात्रों को माफ़ी नहीं, सरकार उन्हें न्याय दे'
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कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री मोदी छात्रों को 'माफ़ करने' की बात करते हैं, लेकिन असल में सरकार को छात्रों को सच्चाई और न्याय देना चाहिए, साथ ही छात्रों से माफी मांगनी चाहिए."
राहुल गांधी ने तमिलनाडु दौरे के दौरान नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले मेडिकल अभ्यर्थियों के परिवारों से मुलाक़ात का वीडियो साझा किया.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
राहुल गांधी ने कहा कि हर परिवार के सामने एक ही दर्द भरा सवाल है, "एक बेईमान व्यवस्था की क़ीमत ईमानदार और मेहनती छात्रों को क्यों चुकानी पड़े?"
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना और उन्हें न्याय दिलाना ज़रूरी है.
टी-20 लीग के लॉन्च के मौके पर बोले शुभमन गिल, 'मेरे पिता थोड़े अंधविश्वासी हैं'
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इमेज कैप्शन, भारतीय वनडे और टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल, शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग के लॉन्चिंग इवेंट में शामिल हुए
मोहाली में शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग के लॉन्च के मौके पर भारतीय वनडे और टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने अपने पिता के क्रिकेट के प्रति जुनून और अपने सफर को लेकर भावुक बातें साझा कीं.
शुभमन गिल ने कहा, "मेरे पिता का हमेशा सपना था कि मैं क्रिकेट खेलूं. हमारे गांव में एक मुफ्त क्रिकेट एकेडमी भी चलती है, ताकि आसपास के गांवों के बच्चे वहां आकर खेल सकें. जब भी मेरे पिता को समय मिलता है, वे अकादमी जाकर बच्चों का खेल देखते हैं."
उन्होंने बताया, "वह अक्सर मुझे फोन करके कहते हैं, 'आकर इस लड़के की बल्लेबाज़ी देखो', या किसी दूसरे बच्चे की फील्डिंग की तारीफ करते हुए कहते हैं, 'देखो, यह कितना अच्छा फील्डर है', जबकि वह बच्चा सिर्फ छह या सात साल का होता है. मुझे लगता है कि आज मैं यहां हूं तो इसकी सबसे बड़ी वजह मेरे पिता का क्रिकेट के प्रति प्यार और जुनून है."
अपने पिता के कुर्ता-पायजामा पहनने को लेकर शुभमन ने मुस्कुराते हुए कहा, "मेरे पिता थोड़े अंधविश्वासी हैं. उनका मानना है कि जब भी वह कुर्ता-पायजामा पहनते हैं, या तो हमारी टीम मैच जीतती है या फिर मैं रन बनाता हूं. इसलिए अब वह जहां भी जाते हैं, कुर्ता-पायजामा ही पहनते हैं."
मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव ब्रॉड पीक पर मिला
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब के मुताबिक, निर्मल पुर्जा का शव करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला (फ़ाइल फ़ोटो)
दुनिया के मशहूर पर्वतारोही और ब्रिटिश-नेपाली नागरिक निर्मल पुर्जा का शव पाकिस्तान के ब्रॉड पीक से बरामद कर लिया गया है. बचाव दल ने रविवार को इसकी जानकारी दी.
पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब के मुताबिक़, निर्मल पुर्जा का शव क़रीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला. इसी इलाक़े में तीन अन्य शव भी देखे गए हैं, हालांकि उनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है.
43 वर्षीय निर्मल पुर्जा की मौत की जानकारी शनिवार को उनकी कंपनी एलीट एक्सपीडिशंस ने दी थी. कंपनी के अनुसार, वह उन 10 लोगों में शामिल थे, जिनकी मौत हिमस्खलन में हुई. ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स समेत कई लोगों ने उनकी मौत पर श्रद्धांजलि दी.
नेपाल में जन्मे निर्मल पुर्जा बाद में ब्रिटिश सेना में शामिल हुए थे. वह साल 2019 में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों को सिर्फ छह महीने से कुछ ज़्यादा समय में फतह करने के रिकॉर्ड के लिए जाने जाते थे.
अल्पाइन क्लब ने बताया कि ग्राउंड टीम बरामद शवों को जापानी कैंप तक पहुंचाएगी.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शनिवार को इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि काराकोरम पर्वत क्षेत्र में प्रसिद्ध निर्मल पुर्जा समेत छह नेपाली और चार विदेशी पर्वतारोहियों की दुखद मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है.
ट्रंप के बयान के बाद ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री बोले- हमारे लिए हर धमकी असली, ताक़त बढ़ाना जारी रहेगा
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इमेज कैप्शन, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री मजीद इब्न रज़ा (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री मजीद इब्न रज़ा ने कहा है कि ईरान के लिए हर तरह की धमकी वास्तविक है और उसे गंभीरता से लिया जाता है.
कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा है, "दुश्मन के हालिया बयान भले ही मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक युद्ध का हिस्सा हों, लेकिन हमारे लिए हर धमकी वास्तविक और गंभीर है."
उन्होंने आगे कहा, "हम न तो चौंकेंगे और न ही निष्क्रिय रहेंगे. हर धमकी को हम अपनी सैन्य तैयारी बढ़ाने, प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत करने और अपनी ताकत में इज़ाफ़ा करने का आधार मानते हैं."
मजीद इब्न रज़ा ने अपने बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया. हालांकि, उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ घंटे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के अनुरोध पर उन्होंने फिलहाल ईरान पर संभावित हमले की योजना को रोक दिया है.
केरल में भारी बारिश से कावेरी विवाद फ़िलहाल थमा, काबिनी डैम से कर्नाटक ने छोड़ा पानी, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से कहा कि काबिनी रिज़र्वायर में पानी का स्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण शुक्रवार दोपहर से तमिलनाडु की ओर पानी छोड़ा जा रहा है
केरल में हुई भारी बारिश के बाद कावेरी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच बना तत्काल संकट काफ़ी हद तक कम हो गया है.
बारिश के चलते काबिनी समेत कावेरी बेसिन में तेज़ी से पानी आने लगा, जिसके बाद कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना पड़ा.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से कहा कि काबिनी रिज़र्वायर में पानी का स्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण शुक्रवार दोपहर से तमिलनाडु की ओर पानी छोड़ा जा रहा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अतिरिक्त पानी नहीं है, बल्कि बांध की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए छोड़ा गया है, क्योंकि काबिनी रिज़र्वायर पूरी तरह भर चुका है.
इससे पहले कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को छोड़ने का निर्देश दिया था. कुल मिलाकर यह करीब 4.5 टीएमसी फीट पानी होता है.
काबिनी रिज़र्वायर को बचाने के लिए पानी छोड़ा जा रहा
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारी बारिश के बाद काबिनी रिज़र्वायर में करीब 26,000 क्यूसेक, कृष्णराज सागर में 22,000 क्यूसेक, हरंगी में 10,440 क्यूसेक और हेमावती में 11,884 क्यूसेक पानी की आवक हुई है.
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु और आसपास के इलाकों की पेयजल ज़रूरतों के लिए करीब 36 टीएमसी फीट पानी सुरक्षित रखना ज़रूरी है, जबकि लगभग 4 टीएमसी फीट पानी वाष्पीकरण के लिए आरक्षित रखा जाता है.
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इमेज कैप्शन, शिवकुमार ने कहा कि बैठक में शामिल सभी नेताओं ने सरकार के रुख का समर्थन किया
सर्वदलीय बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सुझाव दिया कि नहरों में पानी बेहद सावधानी से छोड़ा जाए और सबसे पहले पेयजल ज़रूरतों को प्राथमिकता दी जाए.
शिवकुमार ने कहा कि बैठक में शामिल सभी नेताओं ने सरकार के रुख का समर्थन किया और कई सुझाव दिए हैं, जिन पर कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी.
सामान्य वर्ष में कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए 177 टीएमसी फीट पानी छोड़ना होता है. हालांकि, इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की अनियमितता के कारण जुलाई में कर्नाटक केवल 3.6 टीएमसी फीट पानी ही छोड़ सका, जबकि तय मात्रा 40 टीएमसी फीट थी. यह पानी तमिलनाडु की कुरुवई धान फसल के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
जोसेफ़ विजय पर क्या बोले शिवकुमार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय को लेकर पूछे गए सवाल पर डीके शिवकुमार ने कहा कि उनका किसी को बदनाम करने का कोई इरादा नहीं है.
उन्होंने कहा, "जोसेफ़ विजय एक अच्छे इंसान हैं और मैं उनका सम्मान करता हूं. मुझे भरोसा है कि वे हमारी बात समझेंगे. राजनीति में नए होने के बावजूद वे साहसी और परिपक्व नेता हैं. मैं उनके साहसिक फैसले की सराहना करता हूं. मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम सबको मिलकर रहना और साथ काम करना है. आखिरकार भारत एक है."
इंडोनेशिया में समुद्र के बीच फ़ेरी में भीषण आग, 5 लोगों की मौत और 41 लापता
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इमेज कैप्शन, फ़ेरी में कुल 271 लोग सवार थे
इंडोनेशिया में समुद्र के बीच एक फ़ेरी (जहाज़) में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है. अधिकारियों के मुताबिक, फ़ेरी में सवार 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 41 लोग लापता हैं.
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी बसरनास के अनुसार, फ़ेरी में कुल 271 लोग सवार थे. यह जहाज़ पूर्वी जावा के सुराबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासार जा रहा था. यात्रा के दौरान मदुरा द्वीप के पास फ़ेरी में आग लग गई, जिसके बाद कप्तान ने घटना की सूचना अधिकारियों को दी.
स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो में कई यात्री लाइफ जैकेट पहने लाइफ़बोट में दिखाई दे रहे हैं.
वहीं, कुछ अन्य वीडियो में लोग धुएं और आग की लपटों से घिरी फ़ेरी से नीचे उतरते नज़र आ रहे हैं.
फ़िलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है. अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों की तलाश की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है.
पप्पू यादव बोले- जितने केस दर्ज करने हैं कर लीजिए, सनातन की रक्षा के लिए आवाज़ उठाता रहूंगा
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इमेज कैप्शन, पप्पू यादव बोले, "मैं पूरी मर्यादा के साथ सदन में गया और मैंने किसी को कोई गाली नहीं दी. मैंने किसी साधु का नाम भी नहीं लिया" (फ़ाइल फ़ोटो)
संसद में भगवा वस्त्र पहनकर पहुंचने को लेकर उठे विवाद के बीच सांसद पप्पू यादव ने अपनी सफ़ाई दी है.
उन्होंने कहा, "मैं पूरी मर्यादा के साथ सदन में गया और मैंने किसी को कोई गाली नहीं दी. मैंने किसी साधु का नाम भी नहीं लिया."
पप्पू यादव ने आगे कहा, "सनातन की रक्षा और भारत के करोड़ों लोगों की आस्था के लिए मैं एक लाख बार भी कुर्बान हो जाऊंगा. जितने केस दर्ज करने हों, कर लीजिए."
उन्होंने आरोप लगाया, "सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता. बच्चों पर लाठी और गोलियां चलाई जाती हैं. उनके पेपर लीक होते हैं. ऐसे में सनातन की रक्षा और जनता की आवाज़ उठाना ज़रूरी है."
दरअसल, वह शुक्रवार को संसद भवन परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनकर पहुंचे थे, जहां उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था.
इसके बाद वाराणसी में उनके ख़िलाफ़ सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के प्रदर्शन पर क्या बोलीं आईओए की अध्यक्ष पीटी उषा
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इमेज कैप्शन, आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि हमने कुल 38 पदक जीते हैं. इनमें 13 स्वर्ण और 17 रजत पदक शामिल हैं. यह शानदार उपलब्धि है" (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का पल है.
पीटी उषा ने कहा, "यह हमारे देश, हर भारतीय और हर उस बॉक्सर के लिए गर्व का पल है, जो गोल्ड मेडल जीतता है और जब 'जन गण मन' बजता है. उस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता."
उन्होंने भारतीय मुक्केबाज़ों की तारीफ करते हुए कहा, "हमारे बॉक्सरों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. आखिरी पल तक वे हार नहीं मानते, क्योंकि वे मानसिक रूप से बेहद मज़बूत हैं."
आईओए अध्यक्ष ने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि हमने कुल 38 पदक जीते हैं. इनमें 13 स्वर्ण और 17 रजत पदक शामिल हैं. यह शानदार उपलब्धि है."
उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ियों की भी सराहना करते हुए कहा, "मुझे इस बात की भी खुशी है कि हमारे एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने भी पदक जीते हैं."
पीटी उषा ने खिलाड़ियों को मिल रहे सरकारी सहयोग का ज़िक्र करते हुए कहा, "हमारे प्रधानमंत्री खुद खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं. वह खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं. प्रतियोगिताओं के बाद खिलाड़ियों को अपने घर भी बुलाते हैं. सरकार और आईओए एक ही सोच के साथ काम कर रहे हैं. इसी वजह से हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है."
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.
इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी का ज़िक्र किया
उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई है.
अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, "जौहर विश्वविद्यालय को लेकर पहले दिन से इनकी मंशा ठीक नहीं रही."
उन्होंने आगे कहा, "ये नहीं चाहते कि शिक्षण संस्थान आगे बढ़ें, लोग पढ़े-लिखे हों, लोग अपने आप रोज़गार पाएं. ये यूनिवर्सिटी नहीं बना पाए और अब यूनिवर्सिटी पर हथौड़ा चलाना चाहते हैं."
गौरतलब है कि फ़िलहाल यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी गई है.
यह रोक मुरादाबाद मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने लगाई है, जो रामपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं.
स्थानीय पत्रकार मुजस्सिम ख़ान के मुताबिक़, यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश के ख़िलाफ़ अपील दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई के दौरान मंडलायुक्त ने अंतरिम रोक लगाने का फ़ैसला लिया.
केरल में भारी बारिश से कितना नुक़सान, सीएम ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, केरल में शनिवार को कुछ हिस्सों में 320 मिमी तक बारिश दर्ज़ की गई
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने रविवार को बताया कि बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, आठ अन्य लापता हैं और 13 लोग घायल हुए हैं.
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्य में 27 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है.
हालात को देखते हुए 209 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मृतकों के परिजनों के साथ-साथ घर और आजीविका खोने वाले लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी.
उन्होंने बताया कि शनिवार की तुलना में रविवार को बारिश कम हुई है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, "जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. जिन इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति थी, वहां पानी घटने के बाद सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अनुसार, शनिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में 320 मिमी तक बारिश दर्ज़ की गई.
सबसे अधिक 320 मिमी वर्षा कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नू क्षेत्र में हुई, जबकि उत्तरी मालाबार क्षेत्र के कई इलाकों में शनिवार सुबह तीन बजे से मध्यरात्रि तक 90 से 180 मिमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई.
गौरतलब है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए राज्य के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था.
पवन खेड़ा बोले- पीएम मोदी इसलिए रील बनाते हैं क्योंकि...
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इमेज कैप्शन, पवन खेड़ा की ये टिप्पणी तब सामने आई है, जब पीएम मोदी ने हाल के समय में युवाओं को संबोधित करते हुए कुछ रील्स पोस्ट की हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेन ज़ी से डरते हैं, क्योंकि 2029 में यही सबसे बड़ा वोटर तबका है.
पवन खेड़ा की ये टिप्पणी तब सामने आई है, जब पीएम मोदी ने हाल के समय में युवाओं को संबोधित करते हुए कुछ रील्स पोस्ट की हैं.
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "2029 में जेन ज़ी भारत का सबसे बड़ा सबसे बड़ा वोटर तबका होगा और इससे मोदी डरते हैं. इसलिए वह आधी रात को रील बना रहे हैं. उन्हें उनकी फ़िक्र नहीं है, बल्कि वह सिर्फ़ प्रचार करते हैं."
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने शुक्रवार रात ही इंस्टाग्राम पर एक और रील शेयर की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं.
हालांकि, उन्होंने कहा कि बचपन ग़लतियों को सुधारने का अवसर भी होता है, इसलिए वो उन बच्चों को माफ़ कर रहे हैं.
कंगना रनौत ने ऋतिक रोशन से क्यों कहा- आग में घी डालने के बजाय...
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इमेज कैप्शन, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और अभिनेता ऋतिक रोशन
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने अभिनेता ऋतिक रोशन के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए उसे 'बेबुनियाद' क़रार दिया है. कंगना का आरोप है कि ऋतिक की टिप्पणियां उनके ख़िलाफ़ हो रही ऑनलाइन ट्रोलिंग को बढ़ावा देती हैं और ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ वह खुलकर बोलने से बच रहे हैं.
दरअसल, सोशल मीडिया पर इन दिनों 'सॉरी ऋतिक' ट्रेंड और कंगना-ऋतिक के पुराने विवाद को लेकर चर्चा तेज़ है.
इस बीच एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा गया, "दुनिया को ऋतिक रोशन से माफ़ी मांगनी चाहिए."
यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई, जब कंगना रनौत ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी की थी.
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतिक रोशन ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर चल रहे नैरेटिव से प्रभावित नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि वह किसी भी मुद्दे पर अपनी राय बनाने से पहले सही संदर्भ और तथ्यों का इंतज़ार करेंगे.
ऋतिक ने कमेंट में लिखा, "मेरे दोस्त, सिर्फ़ इसलिए 'ए' का साथ देना क्योंकि अब तुम्हें 'बी' पसंद नहीं है, हमारे समाज की बड़ी समस्या का एक छोटा हिस्सा है. मैं सही संदर्भ और तथ्यों का इंतज़ार करूँगा. वही निष्पक्ष होगा. लेकिन अब इसकी परवाह किसे है?"
ऋतिक के इस बयान का स्क्रीनशॉट कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया और उनकी आलोचना की.
कंगना ने आरोप लगाया कि जो लोग ऋतिक का नाम लेकर उन्हें ट्रोल और परेशान कर रहे हैं, उनके ख़िलाफ़ अभिनेता कोई क़दम उठाने या सार्वजनिक रूप से बोलने की हिम्मत नहीं दिखा रहे हैं.
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, "प्रिय ऋतिक, मुझे ख़ुशी है कि आपको आपका परफ़ेक्ट मैच सबा आज़ाद मिल गई हैं. आप दोनों साथ में बेहद अच्छे लगते हैं और एक कमिटेड रिलेशनशिप में हैं. ऐसे में किसी महिला को इस तरह चिढ़ाना आपको शोभा नहीं देता."
उन्होंने आगे कहा, "इसके बजाय आपको उन लोगों की निंदा करनी चाहिए, जो आपका नाम लेकर मुझे परेशान कर रहे हैं और ऑनलाइन बुलिंग कर रहे हैं. आग में घी डालने और अपनी पार्टनर को शर्मिंदा करने के बजाय समझदारी से काम लीजिए. उम्मीद है कि आपको सद्बुद्धि आएगी और आप इस तरह की बेबुनियाद टिप्पणियाँ करना बंद करेंगे."
कंगना ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणियां करना उचित नहीं है और इससे ट्रोलिंग को बढ़ावा मिलता है.
इराक़ के सुलेमानिया में ड्रोन हमले के बाद लगी भीषण आग
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इमेज कैप्शन, हमलावर ड्रोन को रोक दिया गया था, लेकिन इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा मुख्यालय के पास गिरने के बाद आग लग गई (सांकेतिक तस्वीर)
इराक़ी मीडिया ने बताया है कि कुर्दिस्तान के शहर सुलेमानिया में ड्रोन हमले के बाद एक इलाक़े में भीषण आग लग गई.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इस हमले में कुर्द पेशमर्गा (कुर्द क्षेत्र के सशस्त्र सुरक्षा बल) की 70वीं ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाया गया था.
हमलावर ड्रोन को रोक दिया गया था, लेकिन इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा मुख्यालय के पास गिरने के बाद आग लग गई.
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें मौके पर लगी भीषण आग दिखाई दे रही है. ये वीडियो रुडॉ न्यूज़ नेटवर्क की ओर से प्रकाशित किए गए हैं.
अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि, लेबनान के समाचार नेटवर्क अल-मयादीन ने दावा किया है कि यह हमला इराक़ में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों की ओर से किया गया.
वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने बताया कि हमले का निशाना ईरान के विरोधी समूहों का मुख्यालय था.
सिंधु जल संधि विवाद पर भारत का बड़ा बयान, पाकिस्तान को लेकर ये कहा
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इमेज कैप्शन, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सिंधु जल संधि लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह संधि 'भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना और दोस्ती की भावना' से हुई थी, लेकिन 'पाकिस्तान ने पांच दशकों में इस भावना को ख़त्म' कर दिया.
न्यूज़वीक मैगज़ीन में प्रकाशित अपने लेख में क्वात्रा ने कहा, "भारत का सिंधु जल संधि को संधि को स्थगित करना केवल उस वास्तविकता को स्वीकार करना है, जिसे पाकिस्तान की नीतियों ने जन्म दिया."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, क्वात्रा का यह बयान पाकिस्तान की ओर से हाल ही में आयोजित उस सम्मेलन के बाद आया है, जिसमें भारत के सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फ़ैसले का विरोध किया गया था.
भारत ने यह फ़ैसला पहलगाम हमले के एक दिन बाद लिया था, जिसमें चरमपंथियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी.
क्वात्रा ने कहा कि संधि की प्रस्तावना में इसे ‘सद्भावना और मित्रता की भावना’ से किया गया समझौता बताया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने वर्षों तक अपने क़दमों से इस भावना को कमज़ोर किया.
क्वात्रा ने आरोप लगाया, "पाकिस्तान ने 1965, 1971 और 1999 में भारत के ख़िलाफ़ युद्ध किए और इसके अलावा लंबे समय तक सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिया."
इस दौरान उन्होंने संसद हमले (2001), मुंबई हमला (2008), पठानकोट और उरी हमले (2016), पुलवामा हमला (2019) और पहलगाम हमले (2025) का भी उल्लेख किया.
विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, "अगर पाकिस्तान वास्तव में द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का सहयोग चाहता है तो उसे सबसे पहले वर्षों से बनाए गए आतंकी ढाँचे को ख़त्म करना होगा."
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जल संकट के लिए वहां की सरकार की ख़राब जल प्रबंधन नीतियां ज़िम्मेदार हैं.
क्वात्रा ने कहा कि पाकिस्तान को भारत पर आरोप लगाने के बजाय अपनी जल उत्पादकता और घरेलू व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.