लाइव , मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद ट्रंप ने उम्मीदवारों पर फोड़ा ठीकरा

संभावित हार को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया से देशभर के रिपब्लिकन नेताओं में नाराजगी बढ़ सकती है.

सारांश

लाइव कवरेज

संदीप राय

  1. मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद ट्रंप ने उम्मीदवारों पर फोड़ा ठीकरा, डैनियल बुश, वॉशिंगटन संवाददाता

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, रिपब्लिकन पार्टी की संभावित हार को देखते हुए ट्रंप ने पहले ही अपनी पार्टी से दूरी बना ली है

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया से देशभर के रिपब्लिकन नेताओं में नाराजगी बढ़ सकती है.

    रिपब्लिकन पार्टी को मिल रही हार के बीच ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पहली प्रतिक्रिया दी है.

    ट्रंप ने लिखा, "मैं चुनाव मैदान में नहीं था. अगर मैं चुनाव लड़ रहा होता, तो हम भारी अंतर से जीतते."

    ट्रंप ने अपनी पोस्ट में दोहराया कि वह इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे और अगर वह मैदान में होते तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीत हासिल करती.

    इस संक्षिप्त बयान के जरिए ट्रंप अपनी ही पार्टी से दूरी बनाते और चुनाव में मिल रही हार की ज़िम्मेदारी रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर डालते नज़र आए.

    मिडटर्म चुनावों को लेकर ट्रंप के रुख से पहले ही कई रिपब्लिकन नेता नाराज़ थे.

    हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में नियंत्रण गंवाने और सीनेट में भी हार की आशंका के बीच ट्रंप के इस बयान से पार्टी के भीतर मतभेद और बढ़ सकते हैं.

    अब रिपब्लिकन नेताओं के सामने चुनावी हार के नतीजों से निपटने की चुनौती है.

  2. सीबीएस का अनुमान: अमेरिकी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव पर डेमोक्रेट्स का कब्ज़ा

    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव

    अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में बहुमत हासिल करने जा रही है. जबकि सीनेट का चुनाव भी डेमोक्रेट की ओर झुका दिखाई दे रहा है.

    बीबीसी के अमेरिकी न्यूज़ पार्टनर सीबीएस के अनुमान के मुताबिक़, डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी से प्रतिनिधि सभा का नियंत्रण छीन सकते हैं.

    435 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की ज़रूरत होती है. सीबीएस के मुताबिक़, डेमोक्रेट्स कम से कम 218 सीटें जीतने की राह पर हैं. जबकि रिपब्लिकन पार्टी को कम से कम 160 सीटें मिलने का अनुमान है.

    हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव अमेरिकी कांग्रेस का निचला सदन है. इसके सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होता है.

    आमतौर पर क़ानूनों के प्रस्ताव सबसे पहले हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में पेश किए जाते हैं और उन पर चर्चा होती है. इसके बाद उन्हें सीनेट में भेजा जाता है.

    पिछले एक घंटे में डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी से दो और सीटें छीन ली हैं.

    केन्टकी में जैक डेम्बो और न्यू जर्सी में रेबेका बेनेट के जीतने का अनुमान है. इन दोनों की जीत से हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में डेमोक्रेट्स की सीटों की संख्या बढ़ेगी.

  3. मिडटर्म चुनाव: 36 राज्यों के गवर्नर चुने जाएंगे, डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मज़बूत

    विवेक रामास्वामी
    इमेज कैप्शन, ओहायो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी का समर्थन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था

    अमेरिका में हो रहे मिडटर्म चुनावों की मतगणना जारी है. साथ ही वहां 36 राज्यों के गवर्नर पद के लिए भी मतदान हुए हैं.

    बीबीसी के अमेरिकी न्यूज पार्टनर सीबीएस ने कई राज्यों में गवर्नर पद के चुनावी मुकाबलों को लेकर अपना आकलन जारी किया है, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी बढ़त मिलती दिख रही है.

    ओहायो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार और भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी भी मैदान में हैं.

    बीबीसी के अमेरिकी न्यूज पार्टनर सीबीएस ने अपने अनुमान में, कंसास में सीनेट और गवर्नर, दोनों पदों के चुनावी मुकाबलों को डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में 'लीन डेमोक्रेट' श्रेणी में रखा गया है, यानी डेमोक्रेट पार्टी की स्थिति मजबूत है.

    कंसास में 1932 के बाद से किसी भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने सीनेट का चुनाव नहीं जीता है.

    • एरिजोना: डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत
    • आयोवा: डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत
    • कंसास: मुकाबला कांटे का
    • मिशिगन: डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत
    • मिनेसोटा: डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत
    • नेब्रास्का: मुकाबला कांटे का.
    • न्यू मैक्सिको: डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत
    • साउथ डकोटा: रिपब्लिकन पार्टी की जीत की संभावना मजबूत
    • टेक्सास: मुकाबला कांटे का
    • विस्कॉन्सिन: मुकाबला कांटे का
  4. अमेरिकी मिडटर्म चुनावः डेमोक्रेट उम्मीदवार रॉय कूपर ने नॉर्थ कैरोलाइना में खेल पलटा

    रॉय कूपर
    इमेज कैप्शन, रॉय कूपर ने नॉर्थ कैरोलाइना में जीत दर्ज की है

    नॉर्थ कैरोलिना से डेमोक्रेटिक पार्टी के रॉय कूपर ने अपने समर्थकों को संबोधित किया. वह रात में सीनेट की पहली ऐसी सीट जीतने वाले उम्मीदवार बने हैं, जिस पर पहले रिपब्लिकन का क़ब्ज़ा था.

    समर्थकों को संबोधित करते हुए कूपर ने कहा, "आपने अपनी आवाज़ बुलंद की है और यह आवाज़ काफ़ी तेज़ थी."

    उन्होंने कहा, "नॉर्थ कैरोलिना के बहुत से लोगों के लिए मिडिल क्लास का हिस्सा बनना एक दूर का सपना बनता जा रहा था, जबकि सबसे अमीर अमेरिकी हमारी क़ीमत पर ऐसी दौलत कमा रहे थे, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती."

    कूपर ने कहा कि "वॉशिंगटन में अराजकता और भ्रष्टाचार" से लोगों को नुक़सान पहुंच रहा था. आज आपने कह दिया कि अब यह सब बंद होना चाहिए."

    उन्होंने आगे कहा, "अमेरिकी सीनेट में आपके नए प्रतिनिधि के तौर पर मैं इस संदेश को वॉशिंगटन तक पहुंचाने और इस दिशा में काम करने के लिए तैयार हूं."

    इस बीच बीबीसी के अमेरिकी न्यूज पार्टनर सीबीएस के मुताबिक़, सीनेट की पांच और अहम सीटों पर मुकाबला अब भी कांटे का है.

    सीबीएस ने उन राज्यों की सीनेट सीटों के चुनावी मुकाबलों का आकलन जारी किया है, जहां मतदान ख़त्म हो चुका है, लेकिन नतीजे अभी स्पष्ट नहीं हैं.

    • साउथ कैरोलिना: डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत.
    • आयोवा: मुकाबला कांटे का.
    • कंसास: मुकाबला कांटे का.
    • मिशिगन: मुकाबला कांटे का.
    • नेब्रास्का: मुकाबला कांटे का.
    • टेक्सास: मुकाबला कांटे का.
  5. ट्रंप की आर्थिक नीतियों को लेकर अमेरिकी लोगों में नाराज़गी: वोटर सर्वे, क्रिस जेवन्स, डेटा पत्रकार

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर वोटरों में एक किस्म की नाराज़गी देखने को मिली है

    अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले मतदाताओं के एक सर्वेक्षण के प्रारंभिक परिणामों के अनुसार, लगभग दो-तिहाई मतदाताओं का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को और ख़राब कर दिया है.

    इसके उलट, 28 प्रतिशत मतदाताओं का मानना ​​है कि ट्रंप की नीतियों ने आर्थिक स्थितियों में सुधार किया है, जबकि केवल आठ प्रतिशत ने कहा कि राष्ट्रपति की नीतियों का अर्थव्यवस्था पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है.

    सर्वे में मतदाताओं से यह भी पूछा गया कि क्या उनके मतदान का एक कारण राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति समर्थन या विरोध व्यक्त करना था.

    43 प्रतिशत ने कहा कि उनके मतदान का एक कारण राष्ट्रपति के प्रति विरोध व्यक्त करना था, जबकि 41 प्रतिशत ने कहा कि ट्रंप उनके निर्णय में कोई महत्वपूर्ण कारक नहीं थे.

    केवल 16 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति के प्रति समर्थन व्यक्त करने के लिए मतदान किया.

    हालांकि, ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और रात भर में अधिक जानकारी मिलने पर इनमें बदलाव हो सकता है.

    रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक मतदाताओं के बीच विभाजन के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है.

  6. अमेरिकी मिडटर्म चुनावः भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ़्लोरिडा से रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया

    पिया डांडिया
    इमेज कैप्शन, डेमोक्रेट उम्मीदवार पिया डांडिया

    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजे आने लगे हैं और डेमोक्रेट पार्टी को शुरुआती बढ़त के अनुमान लगाए जा रहे हैं.

    बीबीसी के सहयोगी चैनल सीबीएस के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार और भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ़्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट की सीट जीत ली है.

    उन्होंने साउथ फ़्लोरिडा के सबसे चर्चित चुनावी मुक़ाबलों में से एक में रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया.

    डांडिया की जीत ऐसे नए चुनावी क्षेत्र में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत है, जिसका परिसीमन 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले फ़्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस की कांग्रेसनल री-डिस्ट्रिक्टिंग प्रक्रिया के तहत किया गया था.

    डांडिया पहले हार्लेम में टीचर और हाई स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं. वह व्हाइट हाउस फ़ेलो के तौर पर भी काम कर चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने एप्पल में भी काम किया है.

    भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर पाम बीच काउंटी में जन्मीं और पली-बढ़ीं डांडिया ने अपने चुनाव प्रचार में शिक्षा, महंगाई से जुड़ी चुनौतियों और आर्थिक अवसरों को प्रमुख मुद्दा बनाया.

    उनके प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कर नेपल्स के कारोबारी और मरीन कॉर्प्स के पूर्व सैनिक हैं. उन्होंने रेस्टोरेंट फ्रेंचाइजी के कारोबार में अपना करियर बनाया. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार की नीतियों का समर्थक बताया.

    डांडिया ने अगस्त में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीता था.

  7. अमेरिका मिडटर्म चुनाव: मतदान ख़त्म होने की ओर, जॉर्जिया में डेमोक्रेट उम्मीदवार जीत की ओर

    डोनाल्ड
    इमेज कैप्शन, अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट पार्टी को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है

    अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में मतदान ख़त्म होने की ओर है और शुरुआत में पांच राज्यों में डेमोक्रेट पार्टी के भारी बढ़त का अनुमान लगाया जा रहा है.

    डेमोक्रेटिक पार्टी के जॉन ओसॉफ जॉर्जिया की अहम सीनेट सीट जीतने की ओर बढ़ रहे हैं. मिडटर्म चुनावों के शुरुआती बड़े नतीजों में यह एक महत्वपूर्ण नतीजा है.

    शुरुआती अनुमानों के अनुसार जॉर्जिया में डेमोक्रेट उम्मीदवार को 65 प्रतिशत से अधिक वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है.

    सभी की नजरें नॉर्थ कैरोलिना, साउथ कैरोलिना और ओहायो की सीनेट सीटों पर हैं, जहां मतदान हाल ही में ख़त्म हुआ है.

    अगले कुछ घंटों में 20 अन्य राज्यों में भी मतदान ख़त्म हो जाएगा.

    नॉर्थ अमेरिका में मौजूद बीबीसी संवाददाता के अनुसार, इस बीच, एक बड़े सर्वे में ज़्यादातर मतदाताओं ने कहा है कि वे देश की अर्थव्यवस्था से खुश नहीं हैं. यह सर्वे फ़िलहाल डेमोक्रेट्स को कुछ राहत दे सकता है.

    हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव की सभी 435 सीटों, सीनेट की 100 में से 35 सीटों और राज्य स्तर के कई पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं. इनमें गवर्नर के पद भी शामिल हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास फ़िलहाल हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव और सीनेट, दोनों पर नियंत्रण है.

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