अमेरिकी कारोबारियों ने क्यों कहा- ये तो कोरोना से भी बुरा दौर

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अमेरिका में गैसोलीन और डीज़ल की क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी का असर अब उद्योगों और कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है.
अमेरिकी न्यूज़ आउटलेट सीएनएन की एक रिपोर्ट में अमेरिकी बिज़नेस ऑनर्स और किसानों से बातचीत के आधार पर बढ़ती ईंधन क़ीमतों के कारण पैदा हो रही चुनौतियों को सामने रखा गया है.
रिपोर्ट में इंस्टीट्यूट फ़ॉर सप्लाई मैनेजमेंट के मासिक सर्वे का हवाला दिया गया है, जिसमें कई अधिकारियों और कारोबारियों ने मौजूदा परिस्थितियों की तुलना कोरोना महामारी के दौर से की.
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कारोबारियों ने मौजूदा हालात को महामारी के दौर से भी अधिक चुनौतीपूर्ण बताया और कहा कि कोरोना का दौर मौजूदा परिस्थितियों की तुलना में बेहतर था.
सीएनएन ने एक कॉफ़ी कारोबारी के हवाले से कहा कि परिवहन व्यवस्था में बाधा, कंटेनरों की कमी, लाल सागर की घटनाओं के कारण बढ़ी लागत और उर्वरकों की क़ीमतों में इज़ाफ़े ने कारोबार पर दबाव बढ़ा दिया है.
सीएनएन के मुताबिक़, देश के अलग-अलग उद्योगों से जुड़े अमेरिकी कारोबारी भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं.











