अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए स्विट्ज़रलैंड में बातचीत चल रही है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी, जिस पर ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ की प्रतिक्रिया भी आई है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अगर ईरान ने लेबनान में इसराइल से लड़ रहे हिज़्बुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका हमला करेगा."
ईरान ने इस चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह लड़ने के लिए तैयार है.
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ट्रंप का जवाब देते हुए कहा, "क्या उन्हें लगता है कि अगर उनकी धमकियों का कोई असर होता, तो वो आज इस हालत में होते? चाहे वो जितनी बातें करें, असली कार्रवाई हम ही करते हैं."
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बीते हफ़्ते साइन हुई डील में यह शर्त थी कि लेबनान समेत हर मोर्चे पर युद्ध रोकना होगा. हालांकि, इसके बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह और इसराइली सेना के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइल के हवाई हमलों में दर्जनों लेबनानी नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
इस बढ़ते तनाव के चलते अमेरिका ने शुक्रवार को इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच नया युद्धविराम घोषित किया. लेकिन झड़पें और हवाई हमले जारी रहने पर ईरान ने शनिवार को कहा कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर दिया है. हालांकि, जहाज़ों की आवाजाही के आंकड़े बताते हैं कि वहां से जहाज़ गुजर रहे हैं.
दूसरी ओर, रविवार रात अमेरिकी राजनयिक ने बताया कि स्विट्ज़रलैंड में दोनों पक्षों की चर्चा का मक़सद ईरान की उलझन भरी बातों को साफ़ करना है. इसमें होर्मुज़ स्ट्रेट खोलना, लेबनान में लड़ाई रोकना और परमाणु समझौते के कुछ हिस्से शामिल हैं.