ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए भेजी शर्तें, ट्रंप के जवाब का इंतज़ार
ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई का कहना है कि ईरान ने क़तर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के ज़रिए से अमेरिका को बातचीत के लिए अपनी शर्तें बता दी हैं
सारांश
गुजरात: पीएम मोदी और गृह मंत्री का पुतला जलाने पर 21 किसानों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज
ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए भेजी शर्तें, ट्रंप के जवाब का इंतज़ार
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ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई का कहना है कि ईरान ने क़तर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के ज़रिए से अमेरिका को बातचीत के लिए अपनी शर्तें बता दी हैं और अब वह "राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहा है."
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, उन्होंने कहा कि ईरान की शर्तों में "सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति, ईरान की फ़्रीज़ की गई संपत्तियों की रिहाई और नौसैनिक नाकाबंदी की समाप्ति" शामिल है, और क़तर और पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ परामर्श जारी है.
रेज़ाई ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान पर हमले की स्थिति में, उसकी सेनाएं क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और को और अधिक ताक़त के साथ निशाना बनाएंगी.
परमाणु कार्यक्रम के संबंध में, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने यह भी कहा कि ईरान ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से हटने का निर्णय नहीं लिया है, और इस संबंध में निर्णय अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर करेगा.
उन्होंने कहा कि ईरान अभी भी परमाणु हथियारों पर पूर्व ईरानी नेता के फतवे का पालन करता है और उसने अपने परमाणु सिद्धांत में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन उन्होंने आगे कहा, "हम नहीं जानते कि भविष्य में क्या होगा."
रेज़ाई ने सऊदी अरब और यमन के बीच युद्ध समाप्त करने का भी आह्वान किया और कहा कि उनका मानना है कि यमन में हूती भी सऊदी अरब के साथ एक समझौते पर पहुंचना चाहते हैं.
यमन: हूती लड़ाकों और सरकारी सेना के बीच जंग में 48 लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, यमन के तैज़ इलाक़े में जारी संघर्ष की तस्वीर
सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच यमन के दक्षिण में हुई ताजा झड़पों में कम से कम 48 लोग मारे गए हैं, दोनों पक्षों के सैन्य सूत्रों ने एएफपी को यह जानकारी दी.
सरकारी सैन्य सूत्रों के अनुसार, 17 सैनिक मारे गए हैं, और हूती ने भी पिछले 24 घंटों में अपने 31 सैनिकों के मारे जाने की सूचना दी है.
बीबीसी अरबी सेवा ने शुक्रवार को बताया था कि इस संघर्ष में 24 घंटों में कम से कम 63 लोग मारे गए थे.
कई साल की शांति के बाद यमन में दोनों पक्षों के बीच जुलाई से संघर्ष फिर से बढ़ गया है, और पिछले सप्ताह हूती हथियारबंद गुट के एक अचानक हमले से स्थिति और भी ख़राब हो गई.
इन हमलों के बाद हूती, हिंद महासागर और लाल सागर को जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर अहम बाब अल-मंदेब स्ट्रेट तक अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र का विस्तार करने में कामयाब रहे हैं.
ट्रंप के आदेश के बाद सीएनएन को व्हाइट हाउस में नहीं मिली एंट्री
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इमेज कैप्शन, सीएनएन ने भी बताया कि शनिवार सुबह उसके एक रिपोर्टर को अंदर जाने से रोका गया और उसका बैज ज़ब्त कर लिया गया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद न्यूज़ चैनल सीएनएन और एमएस नाऊ के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में एंट्री नहीं दी गई है.
एमएस नाऊ के एक रिपोर्टर और फ़ोटोग्राफ़र ने शनिवार सुबह व्हाइट हाउस के परिसर में घुसने की कोशिश की, लेकिन उनके बैज स्कैन नहीं हो पाए और एक अफ़सर ने उन्हें ज़ब्त कर लिया. यह जानकारी एमएस नाऊ ने दी है.
सीएनएन ने भी बताया कि शनिवार सुबह उसके एक रिपोर्टर को अंदर जाने से रोका गया और उसका बैज ज़ब्त कर लिया गया.
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह एमएस नाऊ, सीएनएन और पॉलिटिको, अमेरिका के तीन बड़े मीडिया आउटलेट्स को व्हाइट हाउस से रोक रहे हैं.
उन्होंने इन पर अपने प्रशासन के बारे में "मनगढ़ंत बातें या झूठ" लिखने का आरोप लगाया.
एमएस नाऊ की रिपोर्टर अकायला गार्डनर ने कहा, "अधिकारी ने मुझसे मेरा बैज सौंपने के लिए कहा. उन्होंने बताया कि बैज डीएक्टिवेट कर दिया गया था. मैंने पूछा कि मैं अंदर क्यों नहीं जा पा रही हूं. उन्होंने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात थी."
सीएनएन की रिपोर्टर बेट्सी क्लाइन ने बताया कि एक सीक्रेट सर्विस एजेंट ने उन्हें कहा कि उनका बैज डीएक्टिवेट कर दिया गया है.
यह साफ़ नहीं था कि शनिवार को पॉलिटिको के रिपोर्टर व्हाइट हाउस में थे या नहीं.
ट्रंप के बैन के बाद, तीनों मीडिया संस्थानों ने इस फ़ैसले का विरोध किया है और ट्रंप पर अभिव्यक्ति की आज़ादी और प्रेस की स्वतंत्रता जैसे उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.
दिल्ली एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सीएम रेखा गुप्ता को जारी किया गया था नोटिस
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चुनाव आयोग ने बताया कि दिल्ली में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियों की सूची में नाम आने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक नोटिस जारी किया गया था.
चुनाव आयोग ने कहा है कि उनके तथ्यों और दस्तावेज़ों की जांच के बाद, उनकी एंट्री को सही मान लिया गया है और इसे एसी-14 (शालीमार बाग) की अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा, जिसे 4 नवंबर, 2026 को प्रकाशित किया जाना है.
वहीं, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि यह हैरानी की बात है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों पर वोटर लिस्ट से मेरा नाम हटाने का दबाव है. मैं इस मामले को आगे बढ़ाना चाहता हूं और शायद सुप्रीम कोर्ट में केस भी कर सकता हूं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत आप संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार को नोटिस जारी किए हैं.
ये नोटिस अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, उनके बेटे पुलकित केजरीवाल और उनके माता-पिता, गोबिंद राम केजरीवाल और गीता देवी को जारी किए गए हैं.
गूगल के जेमिनी एआई ने सिक्योरिटी टेस्ट में तीन कंपनियों को हैक किया
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इमेज कैप्शन, कुछ टेक कंपनियां एआई के तेज़ी से हो रहे विकास को मानवता के लिए ख़तरा मानती हैं
गूगल के एआई मॉडल 'जेमिनी' ने अपनी साइबर-सिक्योरिटी क्षमताओं के टेस्ट के दौरान तीन कंपनियों को हैक कर लिया. यह इस तरह का पहला ज्ञात मामला माना जा रहा है.
गूगल के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि जेमिनी ने ऑनलाइन मौजूद सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल किया और उन वेबसाइट्स को एक्सेस करने के लिए क्रेडेंशियल्स का अंदाज़ा लगाया, जिन्हें वह टेस्ट का हिस्सा मानता था.
हैक हुई कंपनियों को इस बारे में जानकारी दे दी गई है.
यह घटना एआई के विकास की रफ़्तार को लेकर जनता की बढ़ती चिंता के बीच हुई है.
कुछ टेक कंपनियां इसके विकास की गति धीमी करने की मांग कर रही हैं क्योंकि उन्हें इससे मानवता के लिए संभावित ख़तरा नज़र आता है.
हालांकि, सभी कंपनियां इस बात से सहमत नहीं हैं.
गूगल में सिक्योरिटी इंजीनियरिंग की वाइस प्रेसिडेंट हीदर एडकिंस ने बीबीसी को दिए एक बयान में कहा, "हमने यह पक्का किया कि तीनों संस्थाओं को इस बारे में जानकारी हो, और हमने अपने ट्रेनिंग पार्टनर के साथ मिलकर उन बदलावों पर काम किया जो उन्होंने अब अपनी टेस्टिंग प्रोसेस में किए हैं."
उन्होंने आगे कहा, "ये घटनाएं दिखाती हैं कि पावरफुल एआई मॉडल को ज़िम्मेदारी से काम करने के लिए ट्रेन करना कितना ज़रूरी है."
सऊदी अरब में हवाई हमले के अलर्ट के बाद रियाद एयरपोर्ट के पास दिखा धुआं
इमेज कैप्शन, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हवाई हमले की चेतावनी जारी होने के कुछ घंटों बाद रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास काले धुएं का गुबार देखा गया है.
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के साथ हाल ही में बढ़े तनाव के बाद यह पहली बार था जब रियाद में लोगों को अलर्ट जारी कर घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई.
तब से राजधानी में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रभावित होने ख़बरें मिली हैं. ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट रडार 24 ने रियाद एयरपोर्ट से उड़ानों में लंबी देरी और उनके रद्द होने की जानकारी दी है.
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल टैंक में आग लगा दी गई थी. सऊदी अधिकारियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
एएफ़पी के एक पत्रकार ने बताया कि सरकारी तेल और गैस कंपनी अरामको के जले हुए फ्यूल टैंक की आग बुझाने की कोशिश करते हुए फायरफाइटर्स को देखा गया है.
सऊदी सिविल डिफेंस ने रात भर फोन पर अलर्ट भेजकर रियाद और अन्य इलाकों में संभावित खतरे की चेतावनी दी थी और शनिवार सुबह खतरा टलने का संदेश जारी किया था.
स्थानीय लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर एएफ़पी को बताया कि अलर्ट के बाद उन्होंने शहर में कई धमाकों जैसी आवाज़ें सुनीं.
चुनाव आयोग ने दिल्ली एसआईआर में कटे 33 लाख नाम जारी किए
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है
आरटीआई एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज ने दावा किया है कि चुनाव आयोग ने दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कटे 33 लाख नामों को सार्वजनिक कर दिया है.
अंजिल भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "चुनाव आयोग ने आखिरकार उन 33 लाख वोटरों की लिस्ट जारी कर दी है जिन्हें दिल्ली एसआईआर के तहत नोटिस भेजे जा रहे हैं. यह काम 31 अगस्त को ही हो जाना चाहिए था, जब एसआईआर की ड्राफ़्ट लिस्ट जारी की गई थी."
उन्होंने लिखा, "हम लगातार इस बड़ी चूक की ओर ध्यान दिला रहे थे और आख़िरकार हमने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की. गुरुवार को चीफ़ जस्टिस की बेंच के सामने यह मामला उठाया गया और कोर्ट 22 सितंबर को इस पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया."
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, पारदर्शिता के लिए लड़ाई जारी है. चुनाव आयोग ने अभी तक तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में वोटरों को चिह्नित करने के मानदंड के बारे में नहीं बताया है. मनमानी को रोकने के लिए यह बहुत ज़रूरी है."
अंजिल भारद्वाज के मुताबिक़, "दिल्ली में 1.45 करोड़ वोटरों में से 47 लाख को एसआईआर की गणना चरण के दौरान हटा दिया गया था. ड्राफ्ट सूची में शामिल 97 लाख लोगों में से अब 33 लाख लोगों को अनमैप्ड होने या तार्किक विसंगति के कारण नोटिस जारी किए गए हैं."
इंदौरः 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए राहुल गांधी इंदौर पहुंचे हैं
मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम शुरू हो चुका है.
छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मुझे यहां (इंदौर) आकर बहुत खुशी हो रही है. छात्रों के लिए हमारा यह कार्यक्रम हमने अलग-अलग शहरों में किया है. आज हम यह कार्यक्रम इंदौर में कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "इस कार्यक्रम में हम स्टूडेंट्स से जुड़े मुद्दे उठाते हैं. आपके दिल के मुद्दे और आपके भविष्य के मुद्दे उठाते हैं. पेपर लीक, संस्थानों की विफलता, इंफ्रास्ट्रक्चर का ध्वस्त होना, निजीकरण, ऐसे मुद्दे हम उठाते हैं. आज इंदौर में हमने तय किया है कि हम सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स के मुद्दे पर बात करेंगे."
राहुल गांधी ने कहा, "स्टूडेंट्स भारत का भविष्य हैं. स्टूडेंट्स के बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता है."
ग़ौरतलब है कि कार्यक्रम से पहले आयोजन की अनुमति को लेकर कांग्रेस और स्थानीय प्रशासन के बीच तनातनी देखने को मिली.
पुलिस ने आयोजकों को 31 बिंदुओं वाली शर्तों की सूची दी थी, जिसमें वीआईपी सुरक्षा को लेकर जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की सिफारिशों का हवाला दिया गया था.
पुलिस के मुताबिक़, 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक आयोजनों को
लेकर सामने आई कमियों के मद्देनजर जस्टिस वर्मा आयोग ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे.
इसी
रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए इस बार राहुल गांधी के कार्यक्रम
में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया गया था.
जबकि कांग्रेस का कहना था कि बीजेपी और स्ताथानीय प्रशासन कार्यक्रम में अड़ंगे लगा रहा है.
गुजरात: पीएम मोदी और गृह मंत्री का पुतला जलाने पर 21 किसानों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज
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इमेज कैप्शन, मोरबी में किसान अपने खेतों में बिजली के पोल लगाए जाने के ख़िलाफ़ जून से ही प्रदर्शन कर रहे हैं
गुजरात के मोरबी के जेतपर गांव में अपने खेतों में बिजली के खंभे लगाए जाने का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है.
बीबीसी गुजराती के अनुसार, किसानों पर आरोप है कि उन्होंने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पुतले जलाए और 'अपमानजनक नारे' लगाए.
जेतपर गांव में बिजली के खंभों के मुआवज़े को लेकर कई महीनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. पुलिस के मुताबिक, दो दिन पहले किसानों के विरोध-प्रदर्शन वाले कैंप के पास प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतले जलाए गए थे.
इस मामले में, मोरबी तालुका पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने 21 लोगों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की है.
इस मामले में पुलिस ने किसान नेता नेहुल अमरुतिया समेत कुल 21 किसानों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. इसमें कुछ महिलाओं के नाम भी शामिल हैं.
बीबीसी संवाददाता राजेश अंबिलिया के मुताबिक़, पुलिस अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने की प्रक्रिया में है.
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इमेज कैप्शन, मोरबी जेतपर गांव में बिजली के खंभों के मुआवज़े को लेकर कई महीनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है
एफ़आईआर 21 लोगों पर हुई है. इनमें महिलाओं के नाम भी शामिल हैं.
मोरबी ग्रामीण पुलिस इंस्पेक्टर नीलेश घेटिया ने पुलिस शिकायत में लिखा, "आरोपियों (अभियुक्तों) ने ज़िला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन किया, दूसरों को सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाया, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतले जलाए, उनमें तोड़-फोड़ की नारेबाज़ी की और जान-बूझकर उनका अपमान किया."
उन्होंने शिकायत में कहा है कि 17 सितंबर की रात को जब वे गश्त पर थे, तो उन्हें व्हाट्सएप पर एक वीडियो मिला जिसमें ये पुतले जलाए जाते और नारेबाज़ी होती हुई दिखाई दे रही थी.
किसान नेता नेहुल अमरुतिया ने बीबीसी गुजराती को बताया कि "पुलिस ने हमें अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है, इसलिए यह कहना मुमकिन नहीं है कि आगे क्या कार्रवाई होगी."
उन्होंने कहा, "सभी किसान अभी भी सत्याग्रह कैंप में मौजूद हैं और एकजुट हैं. पुलिस की ओर से की जा रही किसी भी कार्रवाई के बारे में हमें अभी तक फ़ोन या लिखित रूप में कोई सूचना नहीं मिली है."
एशियन गेम्स 2026 की हुई शुरुआत, मनु भाकर ने भारतीय दल का किया नेतृत्व
जापान के नायोगा में शनिवार को एशियन गेम्स की रंगा रंग कार्यक्रम के साथ शुरुआत हो चुकी है.
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इमेज कैप्शन, एशियन गेम्स 2026 का हुआ आगाज
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का नेतृत्व शूटिंग खिलाड़ी मनु भाकर और पवन सहरावत ने किया है.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एशियन गेम्स 2026 15 दिनों तक चलेगा और 4 अक्टूबर को इसका समापान होगा.
इसमें 45 देशों के लगभग 11,000 एथलीट, 43 खेलों और 71 सब-इवेंट्स में हिस्सा लेंगे और कुल 469 गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला करेंगे.
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजे आए, एबीवीपी को मिली इतनी सीटें
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इमेज कैप्शन, एबीवीपी के यश डबास ने जीता दिल्ली छात्रसंघ के अध्यक्ष का पद
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने तीन पदों पर कब्ज़ा कर लिया है, जबकि एक पद इंडिपेंडेंट उम्मीदवार के खाते में गया है.
डीयू छात्रसंघ के चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जीत हासिल की है. उपाध्यक्ष पद पर इंडिपेंडेंट उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की है.
वहीं, सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी और सह-सचिव पद पर एबीवीपी के ही लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की है.
अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने के बाद यश डबास ने कहा, "पीयू (पंजाब यूनिवर्सिटी) से लेकर डीयू तक छात्रों ने हमें जिताने की कोशिश की. हमारे लिए सबसे पहला मुद्दा हॉस्टल्स और पीजी का सेफ्टी ऑडिट करना है. क्योंकि हम नहीं चाहते कि आने वाले समय में सत्य निकेतन जैसा हादसा दोबारा हो."
वहीं, उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाले दीपांशु शौकीन ने कहा, "मेरा यह संघर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए रहा है और छात्रों के लिए मैं आगे भी संघर्ष करता रहूंगा."
दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी को जीत मिलने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बधाई दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "युवाओं की आवाज़ बुलंद और स्पष्ट है. दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के सभी विजयी उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं और सभी शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई!"
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लगाया आरोप, छवि धूमिल करने के लिए करोड़ों खर्च हो रहे
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इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया है कि बीजेपी ने दूसरों की छवि को धूमिल करने के लिए करोड़ों रुपये ख़र्च किए हैं.
अखिलेश यादव ने कहा है, "पिछले दस साल में बीजेपी ने दूसरों की छवि को धूमिल करने के लिए हज़ारों करोड़ रुपये ख़र्च किए हैं. कंटेंट क्रिएटर्स को पैसे पहुंचाए गए हैं. नकारात्मक प्रचार करने के लिए दुनिया में किसी भी पार्टी ने इतना पैसा ख़र्च नहीं किया होगा, जितना बीजेपी कर रही है."
उन्होंने कहा, "वो (बीजेपी) घबराए हुए हैं, इसीलिए नेगेटिव कंटेंट क्रिएट कर रहे हैं."
ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को किस बात के लिए कहा शुक्रिया
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और ईरान पर प्रतिबंधों को बढ़ाने वाले बिल पर साइन किए थे.
अब, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस बिल पर साइन करने के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है.
इस क़ानून को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था. सीनेटर ग्राहम का निधन हो चुका है. सीनेटर ग्राहम ने अपनी मौत से पहले यूक्रेन का दौरा किया था.
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "लिंडसे की याद को सम्मान देने का सबसे अच्छा तरीका यह होगा कि इस क़ानून की बातों को पूरी तरह और तेज़ी से लागू किया जाए."
वोटर अधिकार मंच ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की मुलाकात, रखी ये मांगें
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इमेज कैप्शन, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार
वोट अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार से मुलाकात की है. मंच ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी है.
मंच ने दिल्ली में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है,
1. बाहर किए गए लोगों की बड़ी संख्या (33 लाख + 47 लाख) को देखते हुए, हमने मांग की कि गड़बड़ी और ग़लत तरीक़े से लोगों को बाहर किए जाने से बचने के लिए, दावे और आपत्तियां दर्ज करने और नोटिस वाले चरण की समय-सीमा कम से कम 2 महीने बढ़ाई जाए.
2. तार्किक विसंगति से जुड़े मानदंडों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. नोटिस हिंदी में भी जारी किए जाने चाहिए और जिन लोगों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए एसएमएस के ज़रिए भी जानकारी दी जानी चाहिए.
3. नोटिस का पता लगाने के लिए एक सर्च सुविधा दी जाए, जिसके ज़रिए लोग यह पता लगा सकें कि उन्हें नोटिस मिला है या नहीं (अपने EPIC नंबर का इस्तेमाल करके).
4. बेघर लोगों, तोड़-फोड़ से प्रभावित लोगों, ट्रांसजेंडर और समाज के अन्य हाशिए पर रहने वाले समूहों के लिए विशेष कैंप लगाने की मांग की गई.
5. प्री एसआईआर के दौरान हटाए गए नामों (11 लाख) के कारणों को सार्वजनिक किया जाए.
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता सौरभ यादव रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
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पीएम मोदी बोले- कार्बन उत्सर्जन के लिए विकासशील देशों को ज़िम्मेदार ठहराना ग़लत
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री ने दिल्ली के विज्ञान भवन में पर्यावरण और जलवायु पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए संबोधन दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कार्बन उत्सर्जन के लिए विकासशील देशों को ग़लत तरीक़े से ज़िम्मेदार ठहराया जाता है.
प्रधानमंत्री ने दिल्ली के विज्ञान भवन में पर्यावरण और जलवायु पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में यह बात कही.
पीएम मोदी ने कहा, "अक्सर कार्बन उत्सर्जन की ज़िम्मेदारी ग़लत तरीक़े से विकासशील देशों पर डाल दी जाती है. आज यहां ग्लोबल साउथ के मेरे कई साथी बैठे हैं. जबकि, ऐतिहासिक सच्चाई यह है कि आज भी, प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान वैश्विक औसत से आधे से भी कम है."
उन्होंने कहा, "विकसित देशों का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत की तुलना में छह गुना अधिक है. भारत इस तथ्य को वैश्विक मंचों पर मज़बूती से रखता है. और मैं हर भारतीय से कहूंगा कि आप भी इस बात को मज़बूती से कहिए."
पीएम मोदी ने कहा कि बीते 12 वर्षों में पर्यावरण से जुड़े हर क्षेत्र में भारत ने असाधारण प्रगति की है.
उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी पर बड़ा फ़ोकस रहा है, जिसने पर्यावरण सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है.
असम: जुबिन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर कई कार्यक्रम, सीएम हिमंत ने ये कहा, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, जुबिन की याद में राज्य में 17 सितंबर से ही उनके प्रशंसक तीन दिन का 'जुबिन दिवस' मना रहे हैं
असम में शनिवार को मशहूर गायक जुबिन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. जुबिन की याद में कई जगह प्रार्थना, नाम-कीर्तन किए जा रहे हैं.
इसके अलावा प्रदेश के स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय से लेकर सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफ़ॉर्म पर जुबिन के फ़ैन उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए पोस्ट साझा कर रहे हैं.
अपने चहेते म्यूज़िकल आइकॉन की पहली पुण्यतिथि में गुवाहाटी के पास सोनापुर में स्थित उनके समाधि स्थल 'जुबिन क्षेत्र' में सुबह से ही सैकड़ों लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है.
दरअसल, जुबिन की याद में राज्य में 17 सितंबर से ही उनके प्रशंसक तीन दिन का 'जुबिन दिवस' मना रहे हैं. इस दौरान 'जुबिन क्षेत्र' में हज़ारों प्रशंसक जुटे हैं. यह वही जगह है जहां इस मशहूर गायक का अंतिम संस्कार किया गया था.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी जुबिन को याद कर उनकी तस्वीर के साथ सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक श्रद्धांजलि पोस्ट साझा किया.
सीएम हिमंत ने लिखा, "दिखाई नहीं देने वाली दूरी पर खड़े होकर आज भी तुम हमारे बीच हो. हमेशा रहोगे. अनंतकाल तक. मिस यू जुबिन!"
पिछले साल 19 सितंबर, 2025 को सिंगापुर के पास समुद्र के पानी में कथित तौर पर डूबने से जुबिन की मौत हो गई थी. वह 52 साल के थे. जुबिन की मौत के एक साल बाद भी पूरा मामला पहेली बना हुआ है.
जुबिन की पत्नी गरिमा गर्ग ने अपने पति की पहली पुण्यतिथि पर मीडिया से कहा, "असम के लोग और हम सभी अभी भी इस बात का जवाब ढूंढ रहे हैं कि सिंगापुर में 19 सितंबर, 2025 को क्या हुआ था? हम अभी भी उस जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं. हमें न्याय मिलना ही चाहिए ."
इस समय जुबिन गर्ग की मौत के मामले की सुनवाई गुवाहाटी के एक ख़ास फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट में चल रही है. उनकी मौत से जुड़े मामले में श्यामकानू महंता और सिद्धार्थ शर्मा समेत सात अभियुक्त फ़िलहाल जेल में हैं.
असम सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी, अर्थात विशेष जांच दल बनाई थी. एसआईटी ने पिछले साल दिसंबर में लगभग 300 गवाहों के बयानों के आधार पर 2,500 पन्नों की चार्जशीट दाख़िल की थी, जिसमें मामले से जुड़े कुल दस्तावेज़ 12 हज़ार पन्नों से ज़्यादा थे.
आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के मामले में कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, आईआईटी बॉम्बे के प्रदर्शनकारी स्टूडेंट डायरेक्टर से इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं
आईआईटी बॉम्बे के सेकंड ईयर के 19 वर्षीय छात्र को शुक्रवार को उसके कमरे में मृत पाया गया. इस मामले पर कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आई है.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "आईआईटी बॉम्बे में सेकंड ईयर के छात्र ने आत्महत्या कर ली. उसे फ़ोन का इस्तेमाल करके परीक्षा का पेपर चैटजीपीटी पर डालते हुए पकड़ा गया था. आईआईटी बॉम्बे का कहना है कि उसके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, उसके इंस्ट्रक्टर और एचओडी ने उससे बात की थी और उसे बताया था कि इससे उसके पढ़ाई के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा."
उन्होंने लिखा, "लेकिन अब छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और डायरेक्टर के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. संस्थान की बात को सही मानें, तब भी इस घटना से यह सवाल उठना चाहिए कि छात्रों पर कितना दबाव है और देश के बड़े संस्थानों में भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद की व्यवस्था कितनी कम है."
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
कॉकरोच जनता पार्टी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, "दूर-दराज़ के आदिवासी इलाक़ों में छात्रों की मौत हो रही है और मुंबई जैसे बड़े शहर में भी छात्र मर रहे हैं. यह संकट हर जगह है. छात्रों की ज़िंदगी को ज़रूरी मानने से पहले और कितने छात्रों की जान जाएगी?"
इस मामले पर डीसीपी दत्तात्रेय नलवाडे ने मीडिया को बताया कि आईआईटी के स्टूडेंट्स इकट्ठा हुए और उन्होंने अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शन करना शुरू किया. आईआईटी प्रशासन उनके साथ चर्चा करके समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है.
गौरतलब है कि स्टूडेंट डायरेक्टर से इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं और कॉलेज प्रशासन से इस तरह के मामला दोबारा न आने को लेकर आश्वासन मांग रहे हैं.
पश्चिम बंगाल उपचुनाव: रेजीनगर में ममता गुट के उम्मीदवार का बदला फ़ैसला, अब लड़ेंगे चुनाव
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले रेजीनगर सीट से ममता बनर्जी गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस लेने का फ़ैसला बदल दिया है. अब उन्होंने कहा है कि वह चुनाव लड़ेंगे.
रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी से हुई बातचीत के बाद उन्होंने नामांकन वापस नहीं लेने का फ़ैसला किया.
उन्होंने कहा, "पहले मैंने ऐसा करने का फ़ैसला किया था. लेकिन अब वह फ़ैसला बदल दिया है. मैं चुनाव लड़ूँगा."
जब उनसे पूछा गया कि पहले वह चुनाव चिन्ह को लेकर दिक़्क़त की बात कह रहे थे, तो अब उनका रुख क्यों बदला, इस पर रबीउल आलम चौधरी ने कहा, "अब जो होगा, देखा जाएगा."
उन्होंने अपना फ़ैसला बदलने की वजह बताते हुए कहा, "हम दीदी की पार्टी में हैं. वो हमारा भला-बुरा सोचती-समझती हैं. ऐसे में हम दीदी की बात नहीं काट सकते. इसलिए दीदी की बात पर भरोसा करते हुए मैंने चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है."
इससे पहले रेजीनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी के नामांकन वापस लेने की ख़बर सामने आई थीं.
वहीं, 18 सितंबर 2026 को नंदीग्राम सीट से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाक़ात के बाद अपना नामांकन वापस लिया था.
इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की बात कही थी. हालांकि, बाद में मिलन प्रधान को 19 साल पुराने एक मामले में गिरफ़्तार कर लिया गया.
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी.