ट्रंप ने रूटे से कहा 'यूरोप के रवैये से निराशा', रूटे बोले- 'यूरोप आपके साथ'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नेटो के महासचिव मार्क रूटे ने बुधवार को व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की.
इस दौरान मार्क रुटे ने ईरान जंग पर अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा, "मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ईरान के मुद्दे पर आप जो कर रहे हैं, वह कितना अहम है. यह सबसे पहले उस परमाणु क्षमता के बारे में है, जिसे ईरान लगभग हासिल करने वाला था. यह पूरी दुनिया के लिए ख़तरा बन सकता था."
उन्होंने आगे कहा, "ईरान परमाणु क्षमता हासिल करने के बहुत करीब पहुंच चुका था. आपने देखा होगा कि जी-7 के सभी नेताओं ने इस बात की सराहना की कि इस परमाणु क्षमता को काफी हद तक कमज़ोर कर दिया गया है."
"इस युद्ध के दौरान छह हफ़्ते में यूरोप स्थित ठिकानों से 4 हज़ार से 5 हज़ार अमेरिकी विमान उड़ान भर चुके थे. रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के हवाई अड्डे को व्यावसायिक उड़ानों के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आप हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों को संचालित कर सकें."
"कुछ अलग-थलग घटनाएं जरूर हुईं, जिनसे आप निराश हैं, लेकिन कुल मिलाकर आपके यूरोपीय सहयोगी आपके साथ खड़े रहे हैं."
वहीं यूरोपीय सहयोगियों के व्यवहार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निराशा जताई.
ट्रंप ने कहा, "अगर मेरी जगह कोई और होता, तो आज आपकी हमारे साथ यह बैठक भी नहीं हो रही होती. यह अच्छा होता अगर वो कहते कि हम मदद करना चाहते हैं. अगर मैं इन्हें फोन करता, तो शायद ज़रूरत पड़ने पर ये मदद का कोई न कोई रास्ता निकाल लेते.”
ट्रंप ने कहा, “मैं इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से निराश था. स्पेन की स्थिति तो बेहद खराब है. फिर भी, मुझे इस व्यक्ति का बहुत सम्मान करता हूं. इसलिए हम यहां इस बात पर चर्चा करने वाले हैं कि क्या हुआ था, और आगे क्या होता है, यह देखेंगे."