लाइव, बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा: बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से की ये अपील

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह ने दोनों तीर्थस्थलों की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं से अपील की है.

सारांश

छोड़कर वीडियो आगे बढ़ें
  • हादसे के बाद रेस्टोरेंट की तस्वीर
  • मालवीय नगर के होटल में आग को लेकर चश्मदीद ने ये बताया
  • rollercoaster
  • pat cumins
  • हैंडपंप से पानी पीता शख़्स
  • सोनम वांगचुक
  • हादसे के बाद रेस्टोरेंट की तस्वीर

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा: बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से की ये अपील

    केदारनाथ

    इमेज स्रोत, @ANINewsUP

    इमेज कैप्शन, केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

    बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह ने दोनों तीर्थस्थलों की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं से अपील की है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ''अब धीरे-धीरे बरसात का मौसम भी आने वाला है. यहाँ भीड़ बहुत ज़्यादा है और जोशीमठ को वन-वे भी किया गया है. जो लोग यहाँ आ रहे हैं वे अपना रजिस्ट्रेशन ज़रूर कराएं. इससे हमारे पास एक आंकड़ा रहता है.''

    उन्होंने कहा है कि जो लोग बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा पर आ रहे हैं वो अपने ठहरने की व्यवस्था पहले से कर के आएं, ताकि बाद में होने वाली तकलीफ़ से बचा जा सके.

    उन्होंने कहा, ''यात्रियों को थोड़ा कष्ट ज़रूर होगा क्योंकि भीड़ ज़्यादा है और कतारें लंबी लग रही हैं. दर्शन करने में थोड़ा वक़्त ज़रूर लग सकता है इसलिए धैर्य बनाकर रखें.''

    बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. दोनों ही तीर्थस्थलों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ अब तक दस लाख से श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम की यात्रा की है, जबकि सवा आठ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए हैं.

  2. फ़िल्म अभिनेता प्रकाश राज ने कॉकरोच जनता पार्टी को दिया समर्थन, जानिए क्या कहा

    प्रकाश राज

    इमेज स्रोत, @ANI

    इमेज कैप्शन, प्रकाश राज ने 'सभी युवा कॉकरोचों' से दिल्ली पहुंचने का आग्रह' किया है

    फ़िल्म अभिनेता प्रकाश राज ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' को समर्थन देने की घोषणा की है और कहा है कि वो इसके लिए 6 जून को दिल्ली आने की कोशिश करेंगे.

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वो 6 जून को भारत लौटेंगे और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करेंगे.

    अभिजीत दीपके फ़िलहाल अमेरिका में हैं. उन्होंने वहां पर बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया है.

    अभिजीत दीपके नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

    प्रकाश राज ने लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की एक एक्स पोस्ट को शेयर भी किया है.

    प्रकाश राज ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "मैं 6 तारीख को वहाँ पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि सबसे प्रासंगिक 'कॉकरोच आंदोलन' के प्रति अपनी एकजुटता दिखा सकूँ."

    "मैं अभी एक फ़िल्म की शूटिंग के सिलसिले में काफ़ी दूर हूँ (यह मेरी पहले से तय ज़िम्मेदारी है), फिर भी मैं वहाँ पहुँचने की पूरी कोशिश कर रहा हूँ. सभी युवा 'कॉकरोचों' से मेरा आग्रह है कि वे रेंगते हुए वहाँ पहुँचें."

    इससे पहले सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा है, "अगर हम नहीं, तो कौन? अगर अभी नहीं, तो कब? अगर 5 जून तक हालात नहीं बदलते, तो मैं 6 जून को दिल्ली में सीजेपी सदस्यों के साथ शामिल हो जाऊँगा."

    उन्होंने लिखा है, "अगर हालात इतने बिगड़ जाएँ, तो किसी भी स्वाभिमानी मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए... लाखों युवाओं की ज़िंदगी पर पड़ने वाले असर की तो बात ही छोड़िए, बल्कि इससे तो भारत का भविष्य ही दाँव पर लग जाता है."

  3. बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में आग लगने से कई लोगों की मौत

    मुज़फ़्फ़रपुर के ज़िलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन

    इमेज स्रोत, @DM_Muzaffarpur

    इमेज कैप्शन, मुज़फ़्फ़रपुर के ज़िलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन हॉस्पिटल में आग लगने से लोगों की मौत की पुष्टि की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लगने से कई लोगों की मौत हो गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ ज़िले के प्रसाद हॉस्पिटल में यह घटना हुई है.

    स्थानीय ज़िलाधिकारी ने बताया है कि हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है.

    बाद में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि की और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की.

    इस घटना में और भी लोगों के प्रभावित होने की आशंका है और कई ख़बरों में मारे गए लोगों की संख्या क़रीब दस बताई जा रही है, जबकि कई लोग घायल भी हैं. मृतकों और घायलों में से ज़्यादातर हॉस्पिटल में भर्ती मरीज़ बताए जा रहे हैं.

    यह घटना गुरुवार तड़के क़रीब 3 बजे की है. आईसीयू में आग लगने के बाद कई मरीज़ों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

    ज़िलाधिकारी के मुताबिक़ पहली नज़र में यह घटना शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई दिखती है. हालाँकि इस मामले में पूरी जानकारी जांच की बाद ही मिल पाएगी.

    कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें दिख रहा है कि हॉस्पिटल से मरीज़ों को बाहर निकाला जा रहा है.

  4. इसराइल और लेबनान के बीच इस शर्त के साथ हुआ युद्धविराम समझौता, डेविड ग्रिटन और हेलेन सुलीवन

    बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमले के बाद की तस्वीर

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमले के बाद की तस्वीर

    अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा है कि इसराइल और लेबनान ने सीज़फ़ायर लागू करने पर सहमति जताई है, हालाँकि इसके लिए एक शर्त यह है कि हिज़्बुल्लाह को अपने हमले पूरी तरह रोकने होंगे.

    यह सहमति तब बनी जब बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में कम से कम नौ लोग मारे गए और हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट हमले किए.

    अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान में कहा, "सभी देशों ने इस बात की पुष्टि की है कि इसराइल और लेबनान के बीच संबंधों का भविष्य दोनों संप्रभु सरकारों को ही तय करना चाहिए. उन्होंने किसी भी देश या नॉन स्टेट एक्टर की ओर से लेबनान के भविष्य को बंधक बनाने के किसी भी प्रयास को ख़ारिज किया."

    यह समझौता इस शर्त पर भी आधारित है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल के नियंत्रण वाले उस क्षेत्र से "हिज़्बुल्लाह के सभी लड़ाकों को हटा दिया जाए". यह इलाक़ा लिटानी नदी से लेकर सीमा तक फैला हुआ है और जिसे समझौते में 'साउथ लिटानी सेक्टर' कहा गया है.

    मार्च के अंत में, इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा था कि आईडीएफ़ दक्षिणी लेबनान के एक बड़े इलाक़े में एक सुरक्षा क्षेत्र स्थापित करेगा, और जब तक उत्तरी इसराइल सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक विस्थापित हुए हज़ारों निवासियों को वहां वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

    यह सीज़फ़ायर समझौता सोमवार को हुई एक आंशिक सीज़फ़ायर सहमति के बाद आया है. लेबनान ने कहा था कि इस सहमति के तहत इसराइल बेरूत पर बमबारी नहीं करेगा, जिसके बदले में हिज़्बुल्लाह इसराइल पर हमला नहीं करेगा.

    दोनों देश 22 जून को फिर मिलेंगे ताकि "एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के मक़सद से" आगे की बातचीत की जा सके. हिज़्बुल्लाह ने अभी तक इस घोषणा पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.

  5. ईरान युद्ध पर राष्ट्रपति ट्रंप को अमेरिकी संसद ने दिया बड़ा झटका, क्वासी ग्यांफ़ी असीडू, वॉशिंगटन

    ट्रंप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस से मंज़ूरी नहीं ली थी

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान में सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स ने एक प्रस्ताव पास किया है.

    यह प्रस्ताव 208 के मुक़ाबले 215 वोटों से पास हुआ. ऐसा तब संभव हुआ जब चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेटिक पार्टी का साथ दिया.

    अमेरिकी संसद में युद्ध को लेकर असहमति का ऐसा सार्वजनिक प्रदर्शन कभी-कभार ही देखने को मिलता है.

    ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका ने इसी साल फ़रवरी में युद्ध शुरू किया था. यह चौथी बार है जब हाउस ने ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों पर लगाम लगाने की कोशिश की है.

    आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने इन शक्तियों के लिए संसद की मंज़ूरी नहीं ली थी.

    हाउस के इस प्रस्ताव को अभी भी रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली अमेरिकी सीनेट की मंज़ूरी मिलना बाकी है.

    भले ही यह प्रस्ताव सीनेट में पास हो जाए, लेकिन इस बात की संभावना कम ही है कि यह ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह से रोक पाएगा.

    ट्रंप इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो इसे रद्द करने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत होगी.

    सीनेट ने मई में भी इसी तरह का एक प्रस्ताव आगे बढ़ाया था. सात पिछली नाकाम कोशिशों के बाद यह प्रस्ताव आगे बढ़ा था, लेकिन अभी तक इस पर पूरे सदन में वोटिंग नहीं हुई है.