टी-20 में नया रिकॉर्ड बनाने के बाद वैभव सूर्यवंशी पर क्या बोले जोस बटलर
इमेज स्रोत, Oli SCARFF / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, जोस बटलर ने भारत के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को लेकर भविष्यवाणी की है (फ़ाइल फ़ोटो)
इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज़ जोस बटलर ने टी-20 क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.
जोस बटलर ने वेस्टइंडीज़ के केरोन पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ा है. हालांकि, इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने के बाद बटलर ने भारत के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को लेकर भविष्यवाणी की है.
बटलर ने कहा, "यह वास्तव में बहुत ख़ास एहसास है कि आपके नाम सबसे ज़्यादा टी-20 रन हैं. एक दिन कोई न कोई इस रिकॉर्ड को ज़रूर तोड़ेगा, और उसका नाम शायद वैभव सूर्यवंशी होगा."
गौरतलब है कि जोस बटलर पिछले कुछ समय से अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे.
हालांकि, द हंड्रेड लीग के दौरान उनका प्रदर्शन अच्छा रहा. पिछले मुक़ाबले में उन्होंने 20 गेंदों पर 51 रनों की धमाकेदार पारी खेली.
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसराइल से मतभेदों के सवाल पर क्या कहा
इमेज स्रोत, Scott Olson/Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष पर भी अपनी राय रखी (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इसराइल अमेरिका का एक अच्छा पार्टनर और सहयोगी देश है, लेकिन दोस्तों के बीच मतभेद भी रह सकते हैं.
फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि इसराइली पीएम प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ब्लेयर हाउस में हुई बैठक के दौरान उनका विरोध नहीं किया.
दरअसल, इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि नेतन्याहू ने वेंस की मुखालफत की थी.
जेडी वेंस ने ईरान का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि वहां एक धड़ा बातचीत के पक्ष में है, जबकि दूसरा कट्टरपंथी गुट युद्ध को जारी रखना चाहता है.
वेंस ने कहा, "ईरान के साथ टकराव और संघर्ष की प्रक्रिया में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन इसका परिणाम अमेरिकी लोगों के हित में होगा."
इस बीच, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ आने वाले दिनों में पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं.
हालांकि, ईरान की ओर से इन ख़बरों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
पाकिस्तान: जेल में बंद इमरान ख़ान के लिए उनके बेटों ने क्या कहा
इमेज स्रोत, X/@ImranKhan
इमेज कैप्शन, इमरान ख़ान अपने बेटों क़ासिम ख़ान और सुलेमान ख़ान के साथ (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान ख़ान के बेटों क़ासिम ख़ान और सुलेमान ख़ान ने दावा किया है कि पिछले सात महीनों से उन्हें अपने पिता से मिलने की अनुमति नहीं मिली है.
दोनों ने अमेरिकी चैनल सीएनएन से बातचीत में इमरान ख़ान की सेहत को लेकर चिंता जताई.
क़ासिम और सुलेमान ने कहा, "हमारी आख़िरी बार मार्च में फ़ोन पर बात हुई थी. इसके बाद से परिवार के किसी भी सदस्य को उनसे मिलने या बात करने की इजाज़त नहीं दी गई."
उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश के मुताबिक़, हर दो हफ़्ते में परिवार की इमरान ख़ान से बात कराई जानी चाहिए, लेकिन इस बार सबसे लंबा अंतराल हो गया है.
इमरान ख़ान के बेटों ने यह भी दावा किया कि उन्हें अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान का वीज़ा नहीं दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "हमारे पाकिस्तानी पासपोर्ट की अवधि ख़त्म हो चुकी है. हमें समझ नहीं आ रहा कि अब तक वीज़ा क्यों नहीं दिया गया."
उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान ख़ान के साथ क़ानून के मुताबिक़ व्यवहार नहीं किया जा रहा है और इसे उन्होंने 'एक तरह की हिंसा' बताया.
भ्रष्टाचार के मामलों में इमरान ख़ान की सज़ा पर क़ासिम और सुलेमान ने कहा, "हमारे पिता बचपन से ही हमें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ खड़ा होने की सीख देते थे. जब हम पांच और सात साल के थे, तब भी वह ईमानदारी की सीख देते थे. ऐसे में उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में देखना हमारे लिए बेहद दर्दनाक है."
उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान को जेल में रखना उनके करोड़ों समर्थकों और मतदाताओं के साथ भी अन्याय है.
किसी संभावित समझौते के सवाल पर दोनों ने कहा कि उनके पिता अपनी रिहाई के बदले किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे.
राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम से पहले विवाद, केपी कॉलेज मैदान का आवंटन रद्द, गौरव गुलमोहर, बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, Ishant Chauhan/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, प्रयागराज में आठ अगस्त के लिए प्रस्तावित है राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम
प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले विवाद खड़ा हो गया है.
प्रयागराज के कायस्थ पाठशाला प्रबंधन ने 8 अगस्त को कांग्रेस के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए केपी कॉलेज के खेल मैदान का आवंटन रद्द कर दिया है.
कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष जितेंद्र नाथ सिंह ने एक पत्र लिखा है. इसमें बताया गया है कि कॉलेज के प्राचार्य ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश का ज़िक्र करते हुए चिंता जताई है कि इससे छात्रों की पढ़ाई और खेल गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं.
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से दो स्कूलों के छात्रों को परेशानी हो सकती है. इसमें लिखा, "कार्यक्रम के कारण स्कूल की गतिविधियां प्रभावित होंगी. साथ ही, बरसात के पानी से खेल का मैदान खराब हो सकता है, जिसे ठीक करने में काफ़ी समय और मेहनत लगेगी. इसलिए कार्यक्रम की तारीख़ ऐसी रखी जाए, जिससे स्कूल की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में कोई बाधा न आए."
हाई कोर्ट के आदेश और मौजूदा हालात को देखते हुए कार्यक्रम को बरसात के बाद छुट्टियों के समय आयोजित करने का सुझाव दिया गया है.
इन्हीं कारणों का हवाला देते हुए प्रबंधन ने पहले दी गई अनुमति रद्द कर दी है.
पत्र में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के लिए जमा की गई धनराशि वापस ली जा सकती है और आयोजन की नई तारीख़ बरसात के बाद, स्कूल के अवकाश के दौरान तय की जाए.
वहीं, 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के संयोजक अनिल यादव ने मैदान का आवंटन रद्द किए जाने के फ़ैसले का विरोध किया है.
अनिल यादव ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "हमें कायस्थ पाठशाला की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है लेकिन कांग्रेस पार्टी कार्यक्रम की तैयारी में जुटी है. राहुल गांधी का कार्यक्रम तय समय पर होगा. हम कार्यक्रम करेंगे, चाहे इसके लिए सड़क पर ही आयोजन क्यों न करना पड़े."
झारखंड छात्र आंदोलन: छात्र नेता का दावा- सरकार बातचीत के लिए तैयार हुई
इमेज स्रोत, ANI Video Grab
इमेज कैप्शन, छात्र नेता रविंद्र पासवान
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ आंदोलन चल रहा है. छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बुधवार को कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करना चाहती है.
रवींद्र पासवान ने बताया, "बुधवार को हमें एसडीओ के ज़रिए सरकार का संदेश मिला कि वह हमारे प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करना चाहती है."
"हमें अभी अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का भी चयन करना था, यानी टीम के लिए सही लोगों को चुनना था. इसलिए एसडीओ को बता दिया है कि आज यह संभव नहीं है. हम प्रतिनिधिमंडल का चयन करके उन्हें गुरुवार 10 बजे तक जानकारी दे देंगे."
रवींद्र पासवान ने कहा, "पिछले 12 दिनों से विपक्ष के नेता ख़ुद हमसे मिलने आ रहे हैं. सामान्य शिष्टाचार के तौर पर बेहतर होता कि मुख्यमंत्री कम से कम किसी मंत्री को हमसे मिलने भेजते. वे हमारा हाल-चाल पूछते और यह बताते कि वे बातचीत करना चाहते हैं."
उन्होंने कहा, "लेकिन बातचीत का संदेश एसडीओ के ज़रिए भेजा गया. फिर भी, हम इस पर विचार करेंगे और अपना पक्ष साफ़ कर देंगे."
गौरतलब है कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो इस मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
यूपी में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन
इमेज स्रोत, Facebook/@umashankarsinghballia
इमेज कैप्शन, बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह का 55 साल की उम्र में निधन (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार रात को निधन हो गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बलिया ज़िले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह 55 साल के थे और लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे. उनका इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीएसपी प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया.
उमाशंकर सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी. साल 1990-91 में वह बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज में छात्रसंघ के महासचिव चुने गए थे.
वह पहली बार साल 2012 में रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे. इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने जीत हासिल की.
ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर अब क्या दावा किया, सोफ़िया फ़रेरा सैंटोस
इमेज स्रोत, Fatemeh Bahrami/Anadolu via Getty Images
इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की आवाजाही के लिए एक नए रूट पर ओमान के साथ सहमति बना ली है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि यह समझौता अंतिम चरण में है, हालांकि, उन्होंने इसके बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की.
बक़ाई ने स्पष्ट किया कि ओमान के साथ हुए इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह सुरक्षित हो गया है. उनका आरोप है कि अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी और अन्य आक्रामक गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र की सुरक्षा अब भी प्रभावित है.
वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए से कहा कि नया समुद्री मार्ग अस्थायी होगा और इसे दो से चार महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है.
अमेरिका और ओमान की ओर से इस प्रस्ताव पर फ़िलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज़ स्ट्रेट को जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को 'बहुत कड़ी कीमत' चुकानी पड़ेगी.
इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि जहाज़ों की आवाजाही बहाल करने को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है और इस सप्ताह के अंत तक शिपमेंट दोबारा शुरू हो सकती है.
हालांकि, ईरान ने इन दावों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि वह अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं कर रहा है और न ही ऐसी कोई योजना है.
नमस्कार!
बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आपतक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.
कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.
इस समय बीबीसी हिंदी के पन्ने पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.