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यूरोप के सात देशों के दर्जनों सुपरमार्केट पर साइबर हमला, फ्रिज और फ़्रीज़र हुए प्रभावित
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यूरोप के सात देशों में दर्जनों सुपरमार्केट साइबर हमले का शिकार हुए हैं. इस हमले से फ्रिज और फ़्रीज़र प्रभावित हुए हैं.
बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग में डेलहाइज़ सुपरमार्केट की करीब 40 दुकानों पर इसका असर पड़ा. इसके अलावा स्वीडन, आयरलैंड, नीदरलैंड्स, एस्टोनिया और फ़िनलैंड में भी कुछ दुकानों को निशाना बनाया गया.
प्रभावित फ्रिज बनाने वाली बेल्जियम की कंपनी साबकोबेल ने बताया कि इन फ्रिज के इवैपोरेटर को डीफ़्रॉस्ट मोड में डाल दिया गया, जिससे उनका तापमान बढ़ने लगा. माना जा रहा है कि साइबर हमले का तरीका वही था, जिसका इस्तेमाल पिछले महीने फ़्रांस के सैकड़ों सुपरमार्केट पर हुए हमले में किया गया था.
उस समय स्थानीय मीडिया ने बताया था कि लाखों यूरो का खाद्य सामान फेंकना पड़ा था.
डेलहाइज़ के फ्रिज सिस्टम का संचालन करने वाली कंपनी साबकोबेल के सीईओ स्टीफ़न मोएलन्स ने सोमवार को बेल्गा न्यूज़ एजेंसी को बताया कि यह साइबर हमला था. उन्होंने कहा कि कंपनी प्रभावित फ्रिज को नेटवर्क से अलग करने के लिए पूरी रात और सुबह से काम कर रही थी.
उन्होंने बताया कि अक्तूबर की शुरुआत में फ़्रांस में हुए हमले के बाद से कंपनी अपने ग्राहकों के फ्रिज को इस ख़तरे से बचाने के लिए काम कर रही थी. हालांकि, इन फ्रिज में सिर्फ़ सॉफ़्टवेयर अपडेट से काम नहीं चलना था, बल्कि उनमें कुछ भौतिक बदलाव करना भी ज़रूरी था.
यूरोप के ज़्यादातर सुपरमार्केट के फ्रिज इंटरनेट से जुड़े होते हैं. इससे उनकी मरम्मत और तकनीकी समस्याओं का समाधान दूर से ही किया जा सकता है.
मोएलन्स ने कहा, "सबसे आसान उपाय यह है कि फ्रिज को सुरक्षित इंटरनेट कनेक्शन के ज़रिए नियंत्रित किया जाए. फ़्रांस में हुए हमले के बाद हमारे ज़्यादातर ग्राहकों ने यही व्यवस्था अपना ली थी."
रूस बोला- ईरान पर नए सैन्य हमले की तैयारी के संकेत चिंताजनक
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रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा है कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान के ख़िलाफ़ एक और सैन्य कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है.
उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताया.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, मारिया ज़खारोवा ने कहा, "हाल के महीनों के कड़वे अनुभव से पता चलता है कि सैन्य दुस्साहस की वजह से ईरान में कई मौतें और भारी तबाही हुई है, लेकिन ये सैन्य हमले ईरानियों के अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करने के इरादे को कमज़ोर नहीं कर सकते. जो लोग आज नए हमलों की धमकी दे रहे हैं, उन्हें इस पर फिर से विचार करना चाहिए."
रूस कई बार ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बता चुका है.
पिछले कुछ दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थों की कोशिशें तेज़ हुई हैं. इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से धमकियां जारी हैं. इस बीच सबकी नज़रें अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों पर भी हैं.
केदारताल में लापता आठ लोगों का अब तक नहीं मिला सुराग, आसिफ़ अली, देहरादून से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में केदारताल ट्रेक पर लापता हुए सात ट्रेकर्स और एक स्थानीय गाइड का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
सोमवार को हेलीकॉप्टर और पैदल तलाशी अभियान चलाने के बावजूद उनका पता नहीं चला. हालांकि, तलाशी अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम को घटनास्थल के पास टेंट और बैग मिले हैं.
ये सभी 27 अक्तूबर को वन विभाग से अनुमति लेकर गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे. दल में पश्चिम बंगाल के पांच, उत्तर प्रदेश के दो ट्रेकर्स और उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा शामिल हैं. इनकी वापसी 29 अक्तूबर को प्रस्तावित थी.
ज़िला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक़, ट्रैकिंग एजेंसी के संचालक ने 30 अक्तूबर को शाम 6:39 बजे घटना की सूचना दी थी. ज़िला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट में इसी दिन रात करीब 10 बजे सूचना मिलने का उल्लेख है.
भारी बर्फ़बारी और हिमस्खलन के कारण ये आठ लोग करीब चार हज़ार मीटर की ऊंचाई पर फंस गए थे.
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि सोमवार को एसडीआरएफ़ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) की संयुक्त टीम को हेलीकॉप्टर से उसी जगह उतारा गया, जहां सुरक्षित लौटे एक पोर्टर की मदद से लापता दल के होने की संभावना जताई गई थी.
डीएम के मुताबिक़, माउंटेन रेस्क्यू टीम के 10 सदस्य घटनास्थल पर तैनात हैं. टीम ने सोमवार को तलाशी अभियान चलाया और रात वहीं रुकी हुई है. मौसम अनुकूल रहने पर मंगलवार सुबह फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा.
डीएम ने बताया कि घटनास्थल पर गहरी खाई होने के कारण हेलीकॉप्टर को सीधे उतारना संभव नहीं है. इसलिए रेस्क्यू टीम को हेलीड्रॉपिंग के ज़रिए वहां पहुंचाया गया.
नए नियमों के चलते चारधाम हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद, डीजीसीए ने लिया ये फ़ैसला
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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं को-पायलट से जुड़े नए नियमों के कारण रोक दी गई हैं.
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि नए सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को दो पायलट तैनात करने होंगे, अतिरिक्त कंट्रोल सिस्टम में बदलाव करना होगा और यात्रियों की संख्या भी कम करनी होगी.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर क्रैश की वजहों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा, "यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए क्रैश के बाद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन(डीजीसीए) ने फ़ैसला लिया है कि अब एक की जगह दो पायलट अनिवार्य होंगे."
उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि दो पायलट होने से निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी.
दरअसल, उत्तराखंड के चमोली ज़िले में शुक्रवार को बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा लौट रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इसमें सवार पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद डीजीसीए ने यह फ़ैसला किया है.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती दी
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है.
राहुल गांधी ने अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए."
राहुल गांधी ने जिस ख़बर का स्क्रीनशॉट शेयर किया है, उसकी हेडलाइन है, "पीएम मोदी बोले- देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं बाधा डालने वाली ताक़तें, अफ़वाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल."
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के नर्मदा ज़िले के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही थीं.
राहुल गांधी ने आगे लिखा, "आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने. और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है."
"मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं."
अमित शाह ने हैदराबाद में राहुल गांधी का ज़िक्र करते हुए क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, हैदराबाद में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च में केंद्रीय मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बीजेपी की संगठनात्मक ताक़त का ज़िक्र करते हुए कहा कि पार्टी राज्य स्तर पर युवाओं के बीच भी मज़बूत है.
अमित शाह ने हैदराबाद में बीजेपी की ओर से देशभर में निकाली जा रही 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा.
अमित शाह ने कहा कि तेलंगाना युवा मोर्चा का बीजेपी अध्यक्ष भी राहुल गांधी को हरा सकता है.
अमित शाह ने कहा, “राहुल जी, आप जितनी कोशिश करना चाहें कर लें, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता सूची से एक-एक घुसपैठिए का नाम हटाया जाए. वह कहते हैं कि हम सिर्फ़ एसआईआर की वजह से जीते हैं. मैं राहुल जी से पूछना चाहता हूं कि 2014 में मोदी जी जीते थे. उस समय तो एसआईआर नहीं हुआ था, फिर क्या मोदी जी एसआईआर की वजह से जीते थे?"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जनता के वोटों से जीते थे. मोदी जी 2019 में भी जीते. उस समय भी एसआईआर नहीं हुआ था.
उन्होंने कहा, "2024 के बाद हमने महाराष्ट्र में सबसे बड़े बहुमत से जीत हासिल की. हरियाणा में भी सबसे बड़े बहुमत से जीते. 30 साल बाद दिल्ली में हमारी जीत हुई. बिहार में भी हमने सबसे बड़े बहुमत से जीत दर्ज की. बंगाल में भी दीदी (ममता बनर्जी) का पूरा राजनीतिक दबदबा ख़त्म हो गया है."
अमित शाह ने कहा, "कांग्रेस पार्टी ख़ुद वेंटिलेटर पर है. क्या वेंटिलेटर पर पड़ी यह पार्टी मोदी जी के साथ मैराथन दौड़ सकती है?"
मध्य प्रदेश: घर में मिले एक परिवार के चार लोगों के शव, दो बच्चे भी शामिल, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मालीखेड़ी इलाके में सोमवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया है.
मृतकों में 50 साल की एक महिला, उनकी बहू और दो बच्चे शामिल हैं. बच्चों की उम्र 10 साल और 6 साल है.
वहीं, बेटे नरेंद्र का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है. पुलिस को आशंका है कि नरेंद्र ने पहले परिवार के चारों सदस्यों की हत्या की और फिर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
भोपाल के ज़ोन 4 के डीसीपी आदर्श कांत शुक्ला ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "सोमवार सुबह हमें रेलवे ट्रैक के पास एक घटना की सूचना मिली थी. इस जानकारी के आधार पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक ही घर के चार सदस्यों और एक अन्य व्यक्ति की मौत का पता चला. उस व्यक्ति की मौत ट्रेन से कटकर हुई थी. परिवार के चार सदस्यों के शवों की शुरुआती जांच करने पर गला काटने का मामला लग रहा है."
मृतकों की पहचान नरेंद्र की मां सरस्वती साहू, पत्नी सोमलता साहू, बेटी कृति साहू और बेटे खुश साहू के रूप में हुई है. चारों के शव घर में एक ही बेड पर मिले.
पुलिस के मुताबिक, सभी के गले पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान थे. शवों के सिर और गले पर चोट के निशान भी मिले हैं.
भोपाल पुलिस की शुरुआती जांच में परिवार के इकलौते कमाने वाले शख़्स नरेंद्र पर कर्ज का दबाव और मानसिक तनाव होने की बात सामने आई है.
परिवार का एक छोटा रेस्टोरेंट था, जो कुछ समय पहले बंद हो गया था. बताया गया है कि नरेंद्र पिछले 15 से 20 दिनों से कोई काम नहीं कर रहे थे.
डीसीपी आदर्श कांत शुक्ला के मुताबिक, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि परिवार की आर्थिक परेशानियों का इस घटना से कोई संबंध था या नहीं.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने इमरान ख़ान को बिना शर्त माफ़ी मांगने का निर्देश दिया, और क्या कहा
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने अभिनेता इमरान ख़ान को प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगने का निर्देश दिया है.
इमरान ख़ान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे.
ये प्रदर्शन देश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के ख़िलाफ़ किए जा रहे थे.
लाइव लॉ के मुताबिक, कोर्ट ने अभिनेता को यह हलफ़नामा भी दाखिल करने का निर्देश दिया कि वह भविष्य में किसी भी प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे.
इसके साथ ही कोर्ट ने अभिनेता के ख़िलाफ़ विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफ़आरआरओ) की ओर से जारी 'लीव इंडिया नोटिस' पर रोक जारी रखी. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक इमरान ख़ान को नोटिस पर अपना जवाब देने का मौका नहीं मिल जाता.
इमरान ख़ान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर एफ़आरआरओ, मुंबई की ओर से जारी 'लीव इंडिया नोटिस' को चुनौती दी थी. इस नोटिस में उन्हें 28 अक्तूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया था.
पिछली सुनवाई के दौरान एफ़आरआरओ ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि सोमवार तक उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
मामले की कुछ देर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि वह अभिनेता से 'बिना शर्त माफ़ी' मांगने के लिए कहेगी.
कोर्ट ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि इमरान ख़ान ओसीआई (ओआईसी) कार्डधारक हैं, एसआईआर प्रक्रिया से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है और उन्हें ऐसे किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं होना चाहिए था.
इस मामले की अगली सुनवाई सात दिसंबर को होगी.
कार्टून : ऐसे कैसे चलेगा?
इमेज कैप्शन, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर आज का कार्टून
सीएआईटी ने दिल्ली के उप राज्यपाल को पत्र लिखकर प्रदर्शन स्थल को शहर से बाहर तय करने की मांग की
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कन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर दिल्ली के बाहरी इलाकों में प्रदर्शन के लिए जगह तय करने और उन्हें अधिसूचित करने की मांग की है.
दिल्ली के व्यापारियों की ओर से लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर बार-बार होने वाले विरोध प्रदर्शन, धरने, राजनीतिक सभाओं और मार्च के कारण सामान्य कारोबारी गतिविधियां और आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है.
पत्र में कहा गया है कि पिछले एक महीने से अधिक समय से दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण रुक-रुककर लेकिन लगातार व्यवधान पैदा हो रहे हैं.
पत्र में यह भी कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए. हालांकि, यह भी ज़रूरी है कि इस अधिकार के इस्तेमाल से दूसरे नागरिकों के अधिकारों और उनकी रोज़ी-रोटी पर असर न पड़े.
सीएआईटी ने पत्र में कहा, "प्रदर्शन करने का अधिकार शहर को ठप करने का अधिकार नहीं बन सकता, ठीक उसी तरह जैसे लोकतांत्रिक आज़ादी के इस्तेमाल के नाम पर कारोबार करने के अधिकार की अनदेखी नहीं की जा सकती."
कुछ दिनों पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल से हटा दिया था. इसकी जगह सरकार ने रामलीला मौदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया था.
बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर में गैस पाइपलाइन में धमाका, तीन लोग गंभीर रूप से घायल
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इमेज कैप्शन, एसडीएम आनंद ने कहा कि मौतों की संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती है
बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में नाले के निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन में धमाका हो गया.
इस हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
मुज़फ़्फ़रपुर (पूर्व) के एसडीएम आनंद उत्सव ने बताया, "शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गैस पाइपलाइन में रिसाव के कारण धमाका हुआ, जिससे आसपास नुकसान पहुंचा है. फिलहाल घटना की जांच की जा रही है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है."
उन्होंने बताया कि नाले का निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान जेसीबी मशीन से खुदाई करते समय पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई.
एसडीएम ने कहा कि मौतों की संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती है.
वहीं, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मुज़फ़्फ़रपुर के गोबरसही स्थित श्रीनगर कॉलोनी में गैस पाइपलाइन फटने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है.
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर से इस हादसे में लोगों की मौत होने की गंभीर सूचनाएं मिल रही हैं. उनकी संवेदनाएं हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ हैं.
मंत्री ने बताया कि उन्होंने ज़िलाधिकारी से बात कर राहत और बचाव कार्य तेज़ करने, घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने ज़रूरी कार्रवाई के लिए भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के मौके पर ग्रीन पटाखे जलाने की इजाज़त दी, क्या कहा
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली और एनसीआर में दिवाली के मौके पर दो दिनों तक सर्टिफ़ाइड ग्रीन पटाखे जलाने की इजाज़त दे दी है.
इससे पहले दिल्ली में पटाखे जलाने पर पूरी तरह पाबंदी थी.
कोर्ट ने सात और आठ नवंबर को सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 से 10 बजे तक सर्टिफ़ाइड ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है.
इसके बाद नौ नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक और ज़िला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और अधिसूचित साइलेंस ज़ोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं जलाए जा सकेंगे.
कोर्ट ने कहा है कि इन जगहों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों को भी 'नो-क्रैकर ज़ोन' घोषित किया जाएगा. इनकी पहचान के लिए उचित निशान लगाए जाएंगे और लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी.
परमाणु हमले का झूठा इमरजेंसी अलर्ट मिलने पर क्या बोलीं यूक्रेनी महिला
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साइबर हमलों की ख़बरों के बीच यूक्रेन की राजधानी कीएव में रहने वाली एक महिला ने बीबीसी को बताया कि रेडिएशन और परमाणु हमले के ख़तरे से जुड़े झूठे इमरजेंसी अलर्ट मिलने पर वह किस कदर घबरा गई थीं.
ओलेना ने बीबीसी रेडियो 4 के कार्यक्रम ‘टुडे’ को बताया, "मेरे मन में सबसे पहला ख़्याल आया कि हे भगवान, मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं."
उन्होंने कहा, "मैं बिजली कटौती, सेंट्रल हीटिंग और पानी की सप्लाई बंद होने जैसी स्थितियों के लिए तो तैयार हूं, लेकिन परमाणु हमले के लिए नहीं."
ओलेना ने बताया कि इसके बाद उनके पति को कीएव में ‘सड़कों पर लड़ाई’ होने से जुड़े अलर्ट मिले. उन्हें एक और अलर्ट भी मिला, जो रूसी भाषा में लिखा हुआ था.
ओलेना ने कहा, "इसके बाद मुझे समझ आया कि किसी ने ऐप पर साइबर हमला किया है, क्योंकि हमें मिलने वाले सभी नोटिफ़िकेशन यूक्रेनी भाषा में होते हैं."
दरअसल रूस और यूक्रेन ने अपने इमरजेंसी वार्निंग सिस्टम पर साइबर हमले होने का दावा किया है.
हैकर्स ने दोनों देशों के नागरिकों को फ़र्ज़ी अलर्ट भेजे, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत की स्थिति पैदा हो गई. इन संदेशों में रेडिएशन के ख़तरे और परमाणु हमले जैसी चेतावनियां दी गई थीं.
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
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झारखंड: थाने में महिला से रेप के आरोप में तीन पुलिसकर्मी गिरफ़्तार, 12 सस्पेंड, मोहम्मद सरताज आलम, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, ज़िला पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि मामले में कुल 15 नामज़द अभियुक्त हैं
झारखंड के सरायकेला ज़िला के एक थाना परिसर में एक महिला से रेप के मामले में मुख्य अभियुक्त वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है.
ज़िला पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि मामले में कुल 15 नामज़द अभियुक्त हैं.
उन्होंने बताया, "12 पुलिसकर्मियों को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, शिथिलता, अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है."
मिली जानकारी के अनुसार, महिला का आरोप है कि उसके पति से किसी बात पर हुई अनबन के बाद उसने स्थानीय थाना से सहायता मांगी. आरोप है कि उन्हें जिस कमरे में रखा गया, वहीं उनके थाना के साथ वायरलेस ऑपरेटर ने रेप किया.
इन आरोपों पर पुलिस अधीक्षक ने कहा, "मामले के लिए गठित एक एसआईटी हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही है. रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी."
जब पुलिस अधीक्षक से पूछा गया कि मेडिकल रिपोर्ट से रेप की पुष्टि हुई या नहीं? इस पर उन्होंने कहा, "मेडिकल हो गया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है. फ़िलहाल रिपोर्ट का इंतज़ार है."
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स हैंडल से लिखा कि सरायकेला के थाना परिसर में एक महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा दुष्कर्म की घटना अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक है.
उन्होंने लिखा, "जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो महिलाओं की सुरक्षा की उम्मीद आखिर किससे की जाए?"
राजस्थान: सड़क बना रहे आठ मजदूरों की करंट लगने से मौत, क्या है पूरा मामला
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इमेज कैप्शन, राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले के उदयपुरवाटी के छापोली गांव में हुआ हादसा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले में सोमवार को सड़क निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उदयपुरवाटी के छापोली गांव में हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से आठ मज़दूरों की करंट लगने से मौत हो गई.
उदयपुरवाटी थाना प्रभारी रामपाल के मुताबिक़, सड़क निर्माण कार्य में गिट्टी मिलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही मशीन ऊपर से गुज़र रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई.
इसके बाद मशीन में करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मज़दूर इसकी चपेट में आ गए.
ईरान में पाकिस्तान के राजदूत पर हमले की ख़बरों को दूतावास ने बताया बेबुनियाद
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी दूतावास ने इस संबंध में बयान जारी कर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ख़बरों का खंडन किया है (फ़ाइल फ़ोटो: शहबाज़ शरीफ़)
ईरान में पाकिस्तान के राजदूत इमरान अहमद सिद्दीकी पर हमले की ख़बरों को पाकिस्तान के दूतावास ने पूरी तरह निराधार बताया है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, तेहरान स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने इस संबंध में बयान जारी कर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित हो रही ख़बरों का खंडन किया है.
दूतावास ने कहा, "राजदूत पर हमले से जुड़ी ख़बरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है. इन रिपोर्टों में न तो कोई सच्चाई है और न ही उनकी कोई विश्वसनीयता है."
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के कई अकाउंट्स पर एक धुंधला वीडियो साझा किया जा रहा था.
इसके साथ दावा किया जा रहा था कि तेहरान में पाकिस्तान के राजदूत पर हमला हुआ है.
हालांकि, पाकिस्तानी दूतावास ने अब इन दावों को ख़ारिज कर दिया है.
आज़म ख़ान ने ईडी की गिरफ़्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
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इमेज कैप्शन, पीएमएलए अदालत ने समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था (फ़ाइल फ़ोटो)
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान को जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ़्तार कर लिया था. अब आज़म ख़ान ने ईडी की इस गिरफ़्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, सोमवार को एडवोकेट निज़ाम पाशा ने मामले का उल्लेख सीजेआई सूर्यकांत के सामने किया. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई इसी सप्ताह करने पर सहमति जताई है.
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्तूबर को दो पैन कार्ड मामले में आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को ज़मानत दी थी.
हाईकोर्ट ने इस मामले में आज़म ख़ान की 10 साल की सज़ा पर रोक लगा दी थी, हालांकि उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
इसके बाद 31 अक्तूबर को आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म रामपुर जेल से रिहा हुए थे. हालांकि, जेल के बाहर पहले से मौजूद ईडी की टीम ने आज़म ख़ान को हिरासत में ले लिया.
ईडी ने यह कार्रवाई मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में की थी. इसके बाद रविवार को ग़ाज़ियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने आज़म ख़ान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
पंजाब: आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए तीन विधायक
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इमेज कैप्शन, तीनों नेताओं ने नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की
पंजाब में आम आदमी पार्टी के तीन विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए हैं.
तीनों नेताओं ने नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की.
इससे पहले तीनों विधायकों ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके साथ ही कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता भी छोड़ दी है.
अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह लंबे समय से अपनी ही पार्टी के नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं. जून 2025 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते आप ने उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था.
वहीं, पटियाला ज़िले की समाना विधानसभा सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी एक दिन पहले आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दिया था.