लाइव, जनसुनवाई में शिकायत के बाद फोर्टिस अस्पताल की जांच
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री को शिकायत मिली थी कि चाकू लगने के बाद एक शख़्स को इलाज नहीं दिया गया और उपचार शुरू करने से पहले उससे पैसे जमा कराने को कहा गया.
जनसुनवाई में शिकायत के बाद फोर्टिस अस्पताल की जांच
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इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ज़िला प्रशासन को शालीमार बाग़ स्थित फोर्टिस अस्पताल का तुरंत निरीक्षण करने का निर्देश दिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की जनसुनवाई में मिली एक शिकायत के बाद फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग की जांच शुरू कर दी गई है.
मुख्यमंत्री कार्यकालय ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, "सीएम जन सुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ज़िला प्रशासन को शालीमार बाग़ स्थित फोर्टिस अस्पताल का तुरंत निरीक्षण करने का निर्देश दिया."
"अधिकारियों की एक टीम ने अस्पताल का मौक़े पर जाकर निरीक्षण किया. इसमें कुछ कमियां पाई गई हैं. इसकी विस्तृत रिपोर्ट की बारीकी से जांच की जाएगी. जांच के दौरान कोई भी अनियमितता पाए जाने पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी."
सीएमओ ने आगे लिखा, "दिल्ली के हर अस्पताल की यह ज़िम्मेदारी है कि वह मरीज़ों की सेवा ज़िम्मेदारी और ईमानदारी से करे, और मरीज़ के समय पर और सम्मानजनक देखभाल के अधिकार से कोई समझौता नहीं किया जा सकता."
एएनआई के मुताबिक जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री को शिकायत मिली थी कि चाकू लगने के बाद एक शख़्स को इलाज नहीं दिया गया और उपचार शुरू करने से पहले उससे पैसे जमा कराने को कहा गया.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग ने बयान जारी कर कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा.
निहंग सिखों के एक जत्थे को उत्तराखंड पुलिस ने रोका, कुल्हाल बॉर्डर पर झड़प, आसिफ़ अली, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बैरिकेडिंग वाली सड़क पर पुलिसकर्मियों और निहंग सिखों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होती दिखाई दे रही है
उत्तराखंड के चमोली के कर्णप्रयाग में16 जून को हुई झड़प के बाद पैदा हुए तनाव के बीच गुरुवार रात देहरादून की ओर बढ़ रहे निहंग सिखों के एक जत्थे और उत्तराखंड पुलिस के बीच हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर झड़प हो गई.
पुलिस ने जत्थे को “कुल्हाल” बॉर्डर पर रोकने की कोशिश की, लेकिन धक्का-मुक्की के बीच कुछ निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड की सीमा में दाखिल हो गए. हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और वापस हिमाचल प्रदेश की ओर भेज दिया.
सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बैरिकेडिंग वाली सड़क पर पुलिसकर्मियों और निहंग सिखों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होती दिखाई दे रही है.
यह जत्था मोहाली स्थित एक गुरुद्वारे से रवाना हुआ था. इससे पहले निहंग प्रतिनिधियों और उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी, जिसके बाद कुछ प्रतिनिधियों ने वार्ता पर संतोष जताया था. हालांकि, निहंग सिखों का एक वर्ग उत्तराखंड जाने के अपने फ़ैसले पर कायम रहा.
मीडिया से बातचीत में निहंग प्रतिनिधि अकाली जसदीप सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव नहीं, बल्कि समाधान है.
उन्होंने कहा, "हम किसी तरह की लड़ाई नहीं चाहते, प्यार बढ़ाना चाहते हैं. ग़लती हमारी नहीं थी, फिर भी हम माफ़ी मांगते हैं. हम चाहते हैं कि समझौता हो और हमारे चार लोगों को रिहा कर पंजाब भेजा जाए."
"हमें हेमकुंड साहिब की यात्रा करने दी जाए. लगभग चार दिनों में उनकी ज़मानत भी हो जाएगी और यात्रा से लौटते समय हम उन्हें अपने साथ पंजाब ले जाएंगे. जब तक हमारे चारों साथी साथ नहीं होंगे, तब तक हम वापस नहीं जाएंगे."
निहंग सिखों के 25 जून को कर्णप्रयाग कूच के आह्वान के बाद उत्तराखंड पुलिस ने हिमाचल प्रदेश से लगने वाली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी.
कुल्हाल बॉर्डर को अस्थायी छावनी में तब्दील कर भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल तैनात किए गए थे. सुबह से ही कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी.
जब निहंगों का जत्था बैरिकेडिंग तक पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें समझाने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई दौर की बातचीत की. हालांकि, बातचीत बेनतीजा रहने के बाद लगभग 10 बजे कुछ निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड सीमा में प्रवेश कर गए.
पुलिस ने क्या बताया
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया, "पुलिस ने कुल्हाल बैरियर और गुरुद्वारा पांवटा साहिब में निहंगों से कई दौर की बातचीत की थी. ज़्यादातर लोगों ने पुलिस की अपील मान ली, लेकिन 15 से 20 लोगों का एक समूह दूसरे बैरियर से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगा."
"पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखी गई."
क्या है मामला?
यह पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था.
इस मामले में चार निहंग सिख गिरफ़्तार किए गए थे. इन्हीं गिरफ़्तारियों के विरोध में निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग कूच का आह्वान किया था.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026: इक्वाडोर ने जर्मनी को 2-1 से हराकर नॉकआउट में बनाई जगह
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इमेज कैप्शन, नॉकआउट स्टेज में इक्वाडोर का सामना इंग्लैंड से हो सकता है
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में इक्वाडोर ने शानदार वापसी करते हुए जर्मनी को 2-1 से हरा दिया. इसी के साथ इक्वाडोर ने फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में जगह बना ली है.
अब उसका सामना अगले दौर में इंग्लैंड से हो सकता है.
हालांकि हारने के बाद भी जर्मनी ग्रुप ई में पहले स्थान पर कायम है. वहीं आइवरी कोस्ट दूसरे और इक्वाडोर तीसरे स्थान पर है.
इक्वाडोर ने अपने पहले दो मैचों में एक भी गोल नहीं किया था. टीम ने कुरासाओ के ख़िलाफ़ ड्रॉ खेला था. वहीं आइवरी कोस्ट से हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि, ग्रुप ई में पहले ही शीर्ष स्थान सुनिश्चित कर चुकी जर्मनी के ख़िलाफ़ टीम ने शानदार प्रदर्शन किया.
मैच के दूसरे ही मिनट में जर्मनी ने बढ़त बना ली. इसके बाद इक्वाडोर ने आक्रामक खेल दिखाया और सात मिनट बाद बराबरी कर ली. 9वें मिनट में इक्वाडोर के निल्सन अंगुलो ने टीम के लिए गोल किया.
दूसरे हाफ में भी इक्वाडोर का दबाव जारी रहा. निर्धारित समय समाप्त होने से 13 मिनट पहले गोंजालो प्लाटा ने कॉर्नर पर नॉयर से पहले गेंद तक पहुंचकर गोल दाग दिया.
इक्वाडोर की इस जीत के बाद स्कॉटलैंड को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि अब सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में जगह बनाकर अगले दौर में पहुंचने की उसकी संभावना कम हो गई है.
वेनेज़ुएला भूकंप: अब तक कम से कम 188 लोगों की मौत, 1,500 से ज़्यादा घायल
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इमेज कैप्शन, वेनेज़ुएला में बुधवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 बजे दो भीषण भूकंप आया था
वेनेज़ुएला की राजधानी काराकस के पास आए दो भीषण भूकंप के बाद बचावकार्य जारी है. बचावकर्मी अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.
इस आपदा में अब तक कम से कम 188 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है.
काराकस और पास के तटीय शहर ला ग्वाइरा में ढही हुई इमारतों के मलबे के नीचे से लोगों की मदद के लिए पुकार सुनाई दे रही है.
वहीं, कई लोग बेघर हो गए हैं, जबकि क्षतिग्रस्त और असुरक्षित इमारतों में रहने से डरे लोग सड़कों पर रात गुज़ारने को मज़बूर हैं.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कुछ ही सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का इससे भी अधिक शक्तिशाली भूकंप आया. दोनों भूकंप धरती की सतह के काफी करीब आए, जिससे भारी तबाही हुई.
भूकंप बुधवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 बजे आया था.
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