नंदीग्राम उपचुनाव: टीएमसी उम्मीदवार ने नाम वापस लिया, कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ़्तार, अब तक क्या क्या हुआ
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार की गिरफ़्तारी पर बीजेपी पर निशाना साधा
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को तब नाटकीय मोड़ आ गया जब ममता बनर्जी की पार्टी की उम्मीदवार ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया.
इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के प्रत्याशी को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी. अब कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
इसे लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है और इसे 'लोकतंत्र की हत्या' बताया है.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ़्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है - लोकतंत्र की हत्या है.”
उन्होंने आरोप लगाया, "बीजेपी का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं - इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है. वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुक़ाबला ही ख़त्म कर देना चाहते हैं."
कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "पश्चिम बंगाल में बीजेपी और इलेक्शन कमीशन मिलकर चुनाव को लूटने में लगे हैं. नंदीग्राम उपचुनाव से पहले आज जो घटनाक्रम हुआ, वो लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है."
"पहले ममता बनर्जी जी के कैंडिडेट को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया और अब कांग्रेस के कैंडिडेट मिलन प्रधान जी को 19 साल पुराने केस में गिरफ़्तार कर लिया गया है."
कांग्रेस ने आरोप लगाया, "नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को पूरी तरह से ख़त्म करने में लगे हैं. ये सारी साजिशें उसी का सबूत है."
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने कहा, "यह लोकतंत्र की हत्या है. हमारे उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ़्तार करने के साथ ही ये मालूम हो गया कि बीजेपी डर गई है."
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने बीजेपी पर दबाव बनाए के आरोप लगाए हैं
इससे पहले, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, "हमने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की और इसके कुछ ही मिनटों बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. यह टाइमिंग बीजेपी फ़ार्मूला पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि कोई पुराना केस ढूंढो."
ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का नाम और सिंबल छीने जाने पर गंभीर नाराज़गी जताई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी पर 'बीजेपी को समर्थन देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन देश और जनता की भलाई' में ऐसा नहीं किया.
कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ़्रेस उन्होंने कहा, "पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़ा, उसके बाद एनसीपी को तोड़ा. फिर हमलोगों के पास बीजेपी को समर्थन देने के लिए कई धमकियां आईं, लेकिन हमने देश और जनता की भलाई में ऐसा नहीं किया."
ममता बनर्जी ने कहा, "इन सबके बाद भी हमने कभी नहीं सोचा था कि वे हमारा सिंबल और पार्टी का नाम सीज़ कर लेंगे. 29 साल पुरानी पार्टी के साथ वो ऐसा कैसे कर सकते हैं?"
इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस से लिया था.
दिल्ली रेप और मर्डर मामले में राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह और पुलिस पर उठाए सवाल
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इमेज कैप्शन, स्वरूप नगर की घटना क़रीब एक हफ़्ते पुरानी है, लेकिन पुलिस को भी मामले के बारे में कई दिनों के बाद पता चला
दिल्ली के स्वरूप नगर इलाक़े में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया. राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती."
उन्होंने आरोप लगाया, "दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की ख़ौफ़नाक कहानी बनकर रह गई है."
"अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है. महिला सुरक्षा की ज़िम्मेदारी आख़िर किसकी है? या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ़ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेख़ौफ़ घूम रहे हैं."
इससे पहले आउटर नॉर्थ दिल्ली के एडिशनल डीसीपी लोकेश्वरन ने शुक्रवार को बताया, "एक टेंपो चालक ने बताया कि 10 और 11 सितंबर की रात चार लड़के उसे (लड़की) लेकर गए थे. इनमें तीन नाबालिग हैं और एक बालिग है. उसकी पहचान 21 वर्षीय सुदामा के रूप में हुई है, जो स्वरूप नगर का रहने वाला है."
पार्टी का नाम और सिंबल छिनने पर ममता बनर्जी ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी पर 'बीजेपी को समर्थन देने के लिए दबाव' बनाया जा रहा था
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का नाम और सिंबल छीने जाने पर गंभीर नाराज़गी जताई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी पर 'बीजेपी को समर्थन देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन देश और जनता की भलाई' में ऐसा नहीं किया.
कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ़्रेस उन्होंने कहा, "पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़ा, उसके बाद एनसीपी को तोड़ा. फिर हमलोगों के पास बीजेपी को समर्थन देने के लिए कई धमकियां आईं, लेकिन हमने देश और जनता की भलाई में ऐसा नहीं किया."
"इसलिए उन लोगों ने पहले से प्लान करके झूठा एसआईआर कराया, झूठा चुनाव कराया, गिनती के दौरान काउंटिंग एजेंट को निकालकर गिनती हाइजैक कर ली. हमलोग शिष्टाचार में नाम का ज़िक्र नहीं कर रहे हैं, अगर ज़रूरी हुआ तो हम यह भी करेंगे."
ममता बनर्जी ने कहा, "इन सबके बाद भी हमने कभी नहीं सोचा था कि वे हमारा सिंबल और पार्टी का नाम सीज़ कर लेंगे. 29 साल पुरानी पार्टी के साथ वो ऐसा कैसे कर सकते हैं?"
"पहले उन्होंने हमारा बैंक अकाउंट फ्रीज़ कर दिया. देश में कई बेनामी राजनीतिक दल हैं, जिन कथित राजनीतिक दलों के पास हज़ारों करोड़ रुपये पड़े हुए हैं. उनके साथ ऐसा क्यों नहीं किया?"
नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार को '19 साल पुराने मामले में किया गया गिरफ़्तार'
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि पहले ममता बनर्जी के कैंडिडेट को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया और अब कांग्रेस कैंडिडेट को गिरफ़्तार कर लिया गया
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को "पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ़्तार" कर लिया है.
कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "पश्चिम बंगाल में बीजेपी और इलेक्शन कमीशन मिलकर चुनाव को लूटने में लगे हैं. नंदीग्राम उपचुनाव से पहले आज जो घटनाक्रम हुआ, वो लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है."
"पहले ममता बनर्जी जी के कैंडिडेट को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया और अब कांग्रेस के कैंडिडेट मिलन प्रधान जी को 19 साल पुराने केस में गिरफ़्तार कर लिया गया है."
कांग्रेस ने आरोप लगाया, "नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को पूरी तरह से ख़त्म करने में लगे हैं. ये सारी साजिशें उसी का सबूत है."
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने कहा, "हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा है कि किसी को डराओ मत और डरो मत. हमारे उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ़्तार करने के साथ ही ये मालूम हो गया कि बीजेपी डर गई है."
उन्होंने दावा किया, "मुख्यमंत्री (शुभेंदु अधिकारी) को नंदीग्राम से भागकर भवानीपुर जाना पड़ा, क्योंकि उन्हें पता है कि नंदीग्राम की जनता उनके साथ नहीं है."
वहीं राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, "हमने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की और इसके कुछ ही मिनटों बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. यह टाइमिंग बीजेपी फ़ार्मुला पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि कोई पुराना केस ढूंढो."
इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस से लिया.
भारत-बांग्लादेश गंगा नदी जल बंटवारे पर विदेश मंत्रालय ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले (फरक्का के पास) में गंगा नदी दो भागों में बँट जाती है. इसकी एक धारा बांग्लादेश में प्रवेश करती है, जिसे वहां पद्मा कहते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
बांग्लादेश सरकार पिछली अवामी लीग सरकार के दौरान भारत के साथ हुए 101 समझौतों की समीक्षा कर रही है. ऐसी ख़बरों से जुड़े सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "हमने भी इस मामले से जुड़ी कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर हमें कुछ नहीं बताया गया है. जाहिर है, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएगा."
रणधीर जायसवाल ने गंगा जल बंटवारे की संधि को लेकर कहा, "बांग्लादेश और भारत के बीच पानी से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए हमारे पास जॉइंट रिवर मैकेनिज़्म है और पानी से जुड़े मामलों पर तकनीकी स्तर की बैठकें जारी हैं."
दरअसल साल 1971 में बांग्लादेश बनने के कुछ समय बाद ही गंगा के पानी को लेकर भारत से मनमुटाव होने लगा था. फ़रक्का परियोजना से इसमें और तल्ख़ी आई.
यह स्थिति 1996 में बदली जब दोनों देशों में नई सरकारें सत्ता में आईं. बांग्लादेश में 21 साल बाद शेख़ हसीना सत्ता में लौटीं और भारत में एचडी देवगौड़ा तीसरे मोर्चे के प्रधानमंत्री बने.
ऑस्कर के लिए जाएगी मराठी फ़िल्म 'गोंधल', 'बेचैन पारिवारिक ज़िंदगी' की कहानी
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इमेज कैप्शन, गोंधल एक दमनकारी शादीशुदा जिंदगी में फंसी एक महिला की कहानी है, जो अपने प्रेमी के साथ भागने की योजना बनाती है
मराठी फिल्म 'गोंधल' को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है. फिल्म फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एफ़एफ़आई) ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ एफ़एफ़आई की चयन समिति के अध्यक्ष पी शेषाद्री ने कहा, "हमने पिछले 10 दिनों में अलग-अलग भाषाओं की 33 फ़िल्में देखीं. कई दूसरी अच्छी फ़िल्में भी थीं, जिन पर हम चर्चा कर रहे थे. 'गोंधल' के अलावा 'अंघ' और 'इक्कीस' शीर्ष तीन फ़िल्मों की सूची में थीं."
पीटीआई के मुताबिक़, संतोष दावखर के लेखन और निर्देशन में बनी यह फ़िल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि पर आधारित है. यह ग्रामीण महाराष्ट्र में आधी रात को होने वाले पारंपरिक गोंधल नृत्य के उत्सव की पृष्ठभूमि पर बनी सुमन की कहानी है.
वह एक दमनकारी शादीशुदा जिंदगी में फंसी है और अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचती है और भागने की योजना बनाती है.
फिल्म में अभिनेत्री इशिता देशमुख मुख्य भूमिका में हैं.
फ़िल्म फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया को भेजी गई 33 फ़िल्मों की सूची में यामी गौतम की हक़', आदित्य धर की 'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज', 'हनुमान अंश',और फ़रहान अख़्तर की "120 बहादुर" भी शामिल थीं.
बेस्ट इंटरनेशनल फ़ीचर फिल्म कैटेगरी में अब तक किसी भारतीय फ़िल्म को अवार्ड नहीं मिला है. इस कैटेगरी को पहले बेस्ट फॉरेन फिल्म कहा जाता था.
इस कैटेगरी में अब तक सिर्फ तीन भारतीय फ़िल्मों को नामांकन मिला है. इनमें महबूब ख़ान की 'मदर इंडिया', मीरा नायर की 'सलाम बॉम्बे' और आशुतोष गोवारिकर की 'लगान' शामिल हैं.
जॉन अब्राहम और लिसा रे अभिनीत दीपा मेहता की 'वॉटर' को भी इस कैटेगरी में नामांकन मिला था, लेकिन इसे कनाडा की ओर से भेजा गया था.
99वें ऑस्कर पुरस्कार समारोह का आयोजन रविवार, 14 मार्च 2027 को होगा.
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा- जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए नहीं मिली अनुमति
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इमेज कैप्शन, बोर्ड का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की आज़ादी मौलिक संवैधानिक अधिकार हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कहा है कि उसे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और धरने की अनुमति देने से दिल्ली पुलिस ने अंतिम समय में इनकार कर दिया.
एआईएमपीएलबी ने इसपर चिंता जताई और दिल्ली पुलिस की आलोचना की है. हालांकि उसने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' अभियान जारी रहेगा.
एआईएमपीएलबी के मुताबिक़ कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संख्या निर्धारित सीमा के अंदर रखने के आश्वासन के बाद भी एक दिन पहले इसकी अनुमति वापस ले ली गई.
जंतर-मंतर पर यह कार्यक्रम 17 सितंबर को होना था.
एआईएमपीएलबी का कहना है कि उन्हें बताया गया कि पुलिस को आशंका है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं.
बोर्ड का कहना है कि 'शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की आज़ादी नागरिकों के मौलिक संवैधानिक अधिकार हैं. प्रशासन को किसी फ़ैसले के ज़रिए इस अधिकार पर अंकुश नहीं लगाया जाना चाहिए.'
बोर्ड ने गृह मंत्री अमित शाह के ''साल 2029 तक बीजेपी शासित सभी राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू'' करने के बयान पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि मस्जिदों, मुस्लिम बस्तियों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं.
अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज़ों की टक्कर, भारत ने आरोप ख़ारिज किए
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इमेज कैप्शन, रणधीर जायसवाल के मुताबिक़ भारतीय नौसैनिक जहाज़ को कोई बड़ा नुक़सान नहीं हुआ
मंगलवार को अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाज़ों के बीच हुई टक्कर पर भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को ख़ारिज किया है.
उन्होंने कहा, "आईएनएस कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में एक नियमित तैनाती पर था. तभी पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज़ पीएनएस हुनैन ने समुद्र में अस्वीकार्य और ग़ैर पेशेवर तरीके से बर्ताव किया, जिसके नतीजे में एक टक्कर हुई."
"पीएनएस हुनैन ने ख़तरनाक तरीके से ओवरटेक करने की पैंतरेबाज़ी की. यह अप्रैल 1991 के सैन्य अभ्यासों, पैंतरेबाज़ी और सैनिकों की आवाजाही पर पूर्व सूचना को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच समझौते के अनुच्छेद 10 का घोर उल्लंघन था."
उनके मुताबिक़, यह अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि समुद्र में नौसैनिक इकाइयां एक-दूसरे के तीन नॉटिकल मील के दायरे में नहीं आने चाहिए.
रणधीर जायसवाल के मुताबिक़, "इसके अलावा पाकिस्तानी जहाज़ ने समुद्र में टक्कर रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन किया. इस घटना में आईएनएस कोलकोता को कोई बड़ा नुक़सान नहीं हुआ है और वह अभी भी समुद्र में है."
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ मंगलवार शाम को अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज़ नियमित निगरानी पर मौजूद भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत की ओर तेज़ी से आया था, जिससे दोनों में टक्कर हो गई.
इस घटना पर भारत ने दिल्ली में पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर आपत्ति दर्ज कराई थी. इसके बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के प्रभारी राजदूत को तलब किया और घटना पर अपना विरोध दर्ज कराया.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा है कि जब पाकिस्तान नौसेना अपना द्विवार्षिक सीपार्क-26 अभ्यास कर रही थी, तब भारतीय पोत ने पाकिस्तानी नौसैनिक पोत के बेहद क़रीब आकर आक्रामक तरीके से युद्धाभ्यास किया.
यमनः हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सेना के बीच संघर्ष तेज़, 24 घंटों में 63 लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, पश्चिमी यमन के तैज़ में हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच जंग की तस्वीर
बीबीसी अरबी सेवा के मुताबिक़, यमन में सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच हुई झड़पों में पिछले 24 घंटों में कम से कम 63 लोग मारे गए हैं.
वहीं सऊदी अरब ने गुरुवार को संघर्ष तेज़ होने के बाद पहली बार ड्रोन के टुकड़े से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है.
कई साल की शांति के बाद यमन में दोनों पक्षों के बीच जुलाई से संघर्ष फिर से बढ़ गया है, और पिछले सप्ताह हूती हथियारबंद गुट के एक अचानक हमले से स्थिति और भी ख़राब हो गई.
इन हमलों के बाद हूती, हिंद महासागर और लाल सागर को जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर अहम बाब अल-मंदेब स्ट्रेट तक अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र का विस्तार करने में कामयाब रहे हैं.
यमन की धरती पर चल रही लड़ाइयों के अलावा, हूती लड़ाके सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं.
हूती विशेष रूप से तेल और सैन्य सुविधाओं को निशाना बना रहे हैं, साथ ही सऊदी तेल ले जाने वाले मालवाहक जहाज़ों को भी निशाना बना रहे हैं.
सऊदी समर्थित यमनी सरकार के एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि "पिछले 24 घंटों के दौरान तैज़ और लाहज प्रांतों में हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों और झड़पों में 23 सरकारी सैनिक मारे गए."
जबकि हूती विद्रोहियों के सूत्रों ने "तैज़ पर सऊदी हमलों में 40 चरमपंथियों के मारे जाने और प्रांत में सरकारी बलों के साथ झड़पों" की सूचना दी.
सऊदी अरब में, गुरुवार को तैफ़ प्रांत में एक ड्रोन को रोके जाने के बाद गिरे टुकड़ों से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए.
कार्टून: पढ़ाई जरूरी है
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जगतार सिंह जोहल को ज़मानत पर बोले उनके भाई- परिवार के लिए बहुत बड़ा पल
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स्कॉटलैंड के सिख कार्यकर्ता जगतार सिंह जोहल के परिवार ने कहा है कि उन्हें भारत में लगभग नौ साल तक हिरासत में रखे जाने के बाद ज़मानत मिल गई है.
स्कॉटलैंड के डंबार्टन के रहने वाले जगतार सिंह जोहल को साल 2017 में कथित चरमपंथी गतिविधियों के मामले में गिरफ़्तार किया गया था.
उन्हें धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों की हत्याओं की में कथित भूमिका के लिए गिरफ़्तार किया गया था.
उनके परिवार ने कहा कि वे अभी इस बात का ब्योरा मिलने का इंतजार कर रहे हैं कि आगे क्या होगा, लेकिन अदालत के फैसले से उन्हें "राहत" मिली है.
39 वर्षीय जोहल को पिछले साल उस मामले में बरी कर दिया गया था, जिसमें उन पर आतंकवादी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) को आर्थिक मदद देने का आरोप था. इस संगठन ने पंजाब में हमले किए हैं.
हालांकि, भारतीय अधिकारियों की ओर से दर्ज संघीय आरोप अब भी जोहल के ख़िलाफ़ हैं. उन्हें भारत में अपनी शादी के कुछ ही हफ़्तों बाद पंजाब में गिरफ़्तार किया गया था.
उनके समर्थकों का कहना है कि भारत में सिख समुदाय के ख़िलाफ़ कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के बारे में ब्लॉग लिखने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया.
परिवार ने क्या कहा?
उनके भाई गुरप्रीत सिंह जोहल ने अपने भाई की रिहाई की मांग को लेकर लगातार कई सरकारों के सामने मामला उठाया है.
गुरप्रीत ने बीबीसी के रेडियो स्कॉटलैंड ब्रेकफास्ट कार्यक्रम से कहा, "जगतार के लिए चलाए जा रहे अभियान में यह एक बेहद अहम पड़ाव है."
उन्होंने कहा, "यह बहुत लंबा और महंगे उतार-चढ़ाव भरा सफर रहा है, लेकिन समुदाय और आम लोगों ने मुझे जगतार को घर लाने के अभियान को जारी रखने के लिए हौसला दिया."
उन्होंने कहा, "यह उसके लिए बहुत बड़ी राहत होगी."
गुरप्रीत ने कहा कि उन्हें ज़मानत की सटीक शर्तों की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि कुछ रकम जमा करनी होगी और जगतार को भारत में रहना होगा या देश छोड़ने के लिए अनुमति लेनी होगी.
उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा कदम है और परिवार को इस बात से राहत है कि जगतार अब आज़ाद रह सकेंगे, लेकिन उन्हें अपने भाई को डंबार्टन वापस लाने के लिए अभी और काम करना होगा.
गुरप्रीत ने कहा, "यह परिवार के लिए बहुत बड़ा पल है. उनकी पत्नी आज सुबह से रो रही हैं."
उन्होंने कहा, "हर कोई बहुत खुश था. मेरे बच्चे स्कूल जाते हुए कह रहे थे कि वे अपने अंकल को घर वापस आते देखने का इंतजार नहीं कर सकते."
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ पहला कदम है, लेकिन यह सही दिशा में उठाया गया कदम है."
नंदीग्राम उपचुनाव: ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का किया एलान
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का नाम छीन लिए जाने पर अफ़सोस जताया
इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस से लिया.
ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "हम संवैधानिक पद का अपमान नहीं करते, लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास में काला दिन है. देश में जो हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, ग़ैरक़ानूनी, अलोकतांत्रिक है. यह एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए पूरी तरह पक्षपातपूर्ण और बदले की कार्रवाई है."
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, "उन्होंने पहले ही कहा था, 'नाम भी रखने नहीं दूंगा, निशान भी नहीं रखने दूंगा.' ये लोग कौन हैं? आज वे सत्ता में हैं, कल सत्ता में नहीं भी हो सकते हैं. उन्हें अपनी सीमाएं समझनी चाहिए."
पार्टी का नाम छीन लिए जाने पर ममता बनर्जी ने कहा, "मैं यह तो बोल सकती हूं न ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ज़िंदाबाद, मां माटी मानुष ज़िंदाबाद, जय बांग्ला ज़िंदाबाद."उन्होंने कहा, "हम नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं. इसका फ़ैसला हमने ले लिया था, लेकिन कांग्रेस को इसकी जानकारी नहीं थी, यह हमारा फ़ैसला था."
चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनावों में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से दोनों गुटों पर रोक लगा दी थी.
इसके बाद शुक्रवार को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट को चुनाव आयोग ने नया नाम और पार्टी के लिए नया सिंबल दिया.
अब ममता बनर्जी के गुट का नाम ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और इसका सिंबल ‘फुटबॉल प्लेयर’ होगा.
जबकि अरूप रॉय के नेतृत्व वाले धड़े को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है और इस पार्टी का सिंबल ‘एनवेलप’ होगा.
नंदीग्राम उपचुनाव: ममता बनर्जी की उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस लिया
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इमेज कैप्शन, समाचार एजेंसी एएनआई ने यह तस्वीर जारी की है जिसमें ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिल रही हैं
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस से लिया है.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिन्दू' ने लिखा है कि संचिता प्रधान ने राज्य के मुख्यमंंत्री से मुलाक़ात के बाद नामांकन वापस लेने का फ़ैसला किया.
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने इस सीट को खाली कर दिया था.
यहां 6 अक्तूबर को वोटिंग होनी है. इस सीट पर 16 सितंबर तक नामांकन दाख़िल करने की अंतिम तारीख़ थी. जबकि 19 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं.
फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी, हमलावर समेत तीन की मौत, आठ घायल, को यू और केली एनजी, बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, मौक़े पर मौजूद फिलीपींस रेज क्रॉस वर्कर और स्थानीय सुरक्षा टीम
दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ प्रांत के बंगा में एक हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में दो छात्रों की मौत हो गई और आठ घायल हुए हैं.
इसके अलावा इस घटना में हमलावर की भी मौत हुई है, जो खुद स्कूल का छात्र था.
बंगा के मेयर अल्बर्ट पालेंसिया ने बीबीसी को बताया कि मरने वालों में दो 14 वर्षीय छात्र थे. उन्होंने बताया कि 16 वर्षीय हमलावर भी मरने वालों में शामिल है. वहीं घायलों में चार की हालत गंभीर है.
यह घटना शुक्रवार दोपहर बंगा नेशनल हाई स्कूल में हुई.
इस साल जून के बाद से फिलीपींस में किसी स्कूल में हुई यह तीसरी घातक गोलीबारी है.
पालेंसिया ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि शुक्रवार को लंच के दौरान हमलावर ने अपने दोस्तों से घर जाने को कहा था, क्योंकि "दोपहर के खाने के बाद, वह अपनी योजना को अंजाम देने वाला था."
पालेंसिया ने बताया, "लंच के बाद उसने छात्रों पर गोली चलानी शुरू कर दी. उसने खुद को मारने से पहले 10 छात्रों को गोली मारी."
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और बाग़ी गुट को दिया नया नाम और सिंबल, तीन राज्यों में होगी मान्यता
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ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट को चुनाव आयोग ने नया नाम और पार्टी के लिए नया सिंबल दिया है.
अब ममता बनर्जी के गुट का नाम ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ होगा. समाचार एजेंसी पीटीआई ने पार्टी सूत्रों के हवाले से इस ख़बर की पुष्टि की है.
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी का सिंबल ‘फुटबॉल प्लेयर’ दिया है.
इसके मुताबिक़ अरूप रॉय के नेतृत्व वाले धड़े को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है और इस पार्टी का सिंबल ‘एनवेलप’ होगा.
इन दोनों ही धड़ों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा की मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का दर्जा दिया गया है.
चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनावों में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से दोनों गुटों पर रोक लगा दी थी.
इसराइल ने फिर लेबनान के कई हिस्सों पर किए हवाई हमले
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इमेज कैप्शन, इसराइल का लेबनान पर हमला जारी है
इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों पर फिर हवाई हमले किए हैं.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में कई हवाई हमले किए.
इस ख़बर के मुताबिक़़, इसराइली विमानों ने गुरुवार शाम को तालुसा क्षेत्र को निशाना बनाया और कंतारा के जंजिल क्षेत्र में भी दो हमले किए गए.
एक अलग हवाई हमले में नबातीयेह अल-फुका क्षेत्र को निशाना बनाया गया. इसराइली सेना ने यातर और बेत लीफ गांवों के बाहरी इलाक़ों पर भी कई हवाई हमले किए.
समझौते के बावजूद इसराइल दक्षिणी लेबनान में हमले जारी रखे हुए है और अब भी दक्षिणी हिस्से के कुछ इलाक़े उसके क़ब्ज़े में हैं.
इनमें कुछ इलाक़ों पर वह दशकों से काबिज़ है, जबकि कुछ पर हाल के युद्धों और सैन्य अभियानों के दौरान कब्ज़ा किया गया.
अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
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एशियन गेम्स: क्रिकेट में भारतीय महिला टीम ने जापान को आठ विकेट से हराकर सेमीफ़ाइनल में ली एंट्री
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इमेज कैप्शन, जापान की टीम भारत के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 57 रन ही बना सकी
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने महिला क्रिकेट के आख़िरी क्वार्टर फ़ाइनल में जापान को हरा दिया.
उसने शुक्रवार को खेले गए क्वार्टर फ़ाइनल में जापान को आठ विकेट से हराया.
जापान की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए सिर्फ 57 रन ही बना सकी. जबकि भारत ने ये टारगेट पांच ओवरों में हासिल कर लिया. हालांकि उसे दो विकेट खोने पड़ा.
भारत की ओर शेफाली ने 14 गेंदों पर छह चौके और दो छक्कों की मदद से 40 रन बनाए. वहीं रिचा घोष ने छह गेंदों पर 12 रन बनाए. दोनों नॉट आउट रहीं.
इससे पहले दूसरे ओवर में भारत ने कामिलिनी का विकेट खोया. वो बिना खाते खोले आउट हो गईं.
तीसरे ओवर में भारत का एक और विकेट गिरा.
दक्षिण कोरिया का होर्मुज़ स्ट्रेट में सेना तैनात करने से इनकार
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इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका देश किसी तीसरे पक्ष के युद्ध में हिस्सा नहीं लेगा
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्योंग ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश होर्मुज़ स्ट्रेट में अपनी सेना तैनात नहीं करेगा.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ राष्ट्रपति ली ने कहा, "मैं यह बात साफ़ कर देना चाहता हूं कि हम किसी भी प्रकार की सैन्य तैनाती नहीं करेंगे. हम किसी भी युद्ध में भाग नहीं लेंगे और न ही उसमें शामिल होंगे."
दक्षिण कोरिया की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट में सैन्य बलों की संभावित तैनाती को लेकर हाल के हफ़्तों में पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
राष्ट्रपति ली ने कहा कि दक्षिण कोरिया अपने कमर्शियल जहाज़ों और तेल परिवहन मार्गों की रक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाएगा.
दो सप्ताह पहले, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने दक्षिण कोरिया को चेतावनी देते हुए कहा था, "फारस की खाड़ी और होर्मुज़ स्ट्रेट में अन्य पक्षों की कोई भी परिचालन भागीदारी या सैन्य उपस्थिति हमलावर को प्रत्यक्ष समर्थन देने के बराबर होगी और इसके नतीजे भुगतने होंगे.''