जर्मनी से जुड़े ट्रंप के इस फ़ैसले का उन्हीं के सांसद कर रहे हैं विरोध, जानिए क्या है मामला, रॉबर्ट ग्रीनल, बीबीसी न्यूज़
अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के दो वरिष्ठ सांसदों ने जर्मनी में तैनात पांच हज़ार अमेरिकी सैनिकों की कटौती के पेंटागन (अमेरिका रक्षा मुख्यालय) के फ़ैसले की आलोचना की है.
सांसदों का कहना है कि इससे प्रतिरोध की क्षमता कमज़ोर होने का ख़तरा है और इससे रूस को ग़लत संकेत जाएगा.
रिपब्लिकन सांसद रोजर विकर और माइक रोजर्स, सीनेट और हाउस की सशस्त्र सेवा कमेटियों के प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि इन सैनिकों को वापस बुलाने के बजाय, उन्हें और ज़्यादा पूर्व दिशा की ओर भेजा जाना चाहिए.
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने शुक्रवार को कहा कि यह क़दम एक गहन समीक्षा के बाद उठाया गया है और इसमें "क्षेत्रीय ज़रूरतों और ज़मीनी हालात" को ध्यान में रखा गया है.
शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इसमें और भी कटौती हो सकती है, हालांकि उन्होंने इसका कोई विस्तृत ब्योरा नहीं दिया.
जर्मनी में अमेरिका के 36,000 से अधिक सक्रिय सैनिक तैनात हैं. जर्मनी में अमेरिकी सेना की तैनाती यूरोप में अब तक की सबसे बड़ी तैनाती है. इसकी तुलना में इटली में क़रीब 12 हज़ार और ब्रिटेन में 10 हज़ार सैनिक तैनात हैं.
शनिवार को जब सैनिकों की वापसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "हम सैनिकों की संख्या बहुत कम करने जा रहे हैं और हम पांच हज़ार से भी कहीं ज़्यादा सैनिक वापस बुला रहे हैं."
ट्रंप ने इटली और स्पेन से भी अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का सुझाव दिया है.
जर्मनी के रक्षा मंत्री ने कहा कि पेंटागन के इस फ़ैसले की पहले से ही उम्मीद थी.
सैन्य गठबंधन ‘नेटो’ ने कहा है कि वह अमेरिका से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांग रहा है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मन चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ की आलोचना की थी, क्योंकि मर्त्ज़ ने कहा था कि मौजूदा युद्ध में ईरानी वार्ताकारों ने अमेरिका को "अपमानित" किया है.