लाइव, कॉकरोच जनता पार्टी के 5 सितंबर के मार्च से पहले सरकार उठाने जा रही ये क़दम

केंद्र सरकार स्टूडेंट प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाख़िल करेगी.

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लाइव कवरेज

दीपक मंडल, रौनक भैड़ा

  1. कॉकरोच जनता पार्टी के 5 सितंबर के मार्च से पहले सरकार उठाने जा रही ये क़दम

    सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली में 5 सितंबर के लिए कॉकरेच जनता पार्टी का मार्च प्रस्तावित है (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्र सरकार स्टूडेंट प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाख़िल करेगी.

    लाइव लॉ के अनुसार, सरकार ने इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को प्राप्त विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है.

    सॉलिसिटर जनरल ऑफ़ इंडिया तुषार मेहता ने सोमवार को इस मामले को मौखिक रूप से सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखा.

    तुषार मेहता ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए इसे मंगलवार को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया, जिसे सीजेआई ने मंज़ूर कर लिया.

    सीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर 'ओके' लिखा, जबकि इसके फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने अपनी एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वो आंबेडकर की फ़ोटो दिखा रहे हैं.

    दरअसल, केंद्र सरकार का यह क़दम दिल्ली में 5 सितंबर के लिए प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले सामने आया है.

    गौरतलब है कि सीजेपी ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने जुलाई में पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में हुए स्टूडेंट प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों को वापस लेने के अपने वादे को पूरा नहीं किया है.

  2. पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान से बैठक में इन मुद्दों पर की बातचीत

    नरेंद्र मोदी और मसूद पेज़ेश्कियान

    इमेज स्रोत, X/@narendramodi

    इमेज कैप्शन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति डॉ मसूद पेज़ेश्कियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की.

    भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में पीएम मोदी और पेज़ेश्कियान के बीच हुई बातचीत की जानकारी दी गई है.

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों पर चर्चा की, उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के हालिया घटनाक्रमों पर भी बात की और बदलती स्थिति को लेकर अपने विचार साझा किए.

    जारी बयान के अनुसार, "पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत के इस लगातार रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए."

    "प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की ज़रूरत को भी दोहराया. जहाज़ों की आवाजाही और व्यापार की फ़्रीडम को सुरक्षित रखने की बात कहते हुए ज़ोर दिया कि किसी भी स्थिति में आम लोगों और उनसे जुड़ी सुविधाओं को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. इसमें व्यापारिक जहाज़ और उन पर काम करने वाले नाविक भी शामिल हैं."

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं.

    नरेंद्र मोदी और मसूद पेज़ेश्कियान

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    पीएम मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट लिखकर इस मुलाक़ात की जानकारी दी.

    उन्होंने लिखा, "बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से मुलाक़ात की. अलग-अलग क्षेत्रों में भारत और ईरान की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को और मज़बूत करने की हमारी प्रतिबद्धता दोहराई. हम आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार में बढ़ाना चाहते हैं."

    उन्होंने लिखा, "हमने क्षेत्र में मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा."

    गौरतलब है कि पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर यह मुलाक़ात की है.

  3. चीन ने बाढ़ के बाद सेंसरशिप को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या कहा

    गुओ जियाकुन

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    इमेज कैप्शन, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन (फ़ाइल फ़ोटो)

    तिब्बत में आई भीषण बाढ़ के बाद चीन ने दावा किया है कि आपदा से जुड़ी जानकारी पारदर्शिता के साथ साझा की जा रही है.

    चीन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बाढ़ से जुड़े एक वीडियो की सेंसरशिप को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

    बीबीसी ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि चीन में उस फुटेज को सेंसर किया जा रहा है, जिसमें ग्यिरोंग पोर्ट से पानी का तेज़ बहाव गुज़रता हुआ दिखाई दे रहा है.

    सोमवार को एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन से सेंसरशिप को लेकर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए गए हैं और उन्हें व्यवस्थित तरीक़े से आगे बढ़ाया जा रहा है.

    गुओ जियाकुन ने कहा, "आपदा का इस्तेमाल करके चीन को जानबूझकर बदनाम करने या स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिशों को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा."

    वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने 30 अगस्त 2026 को रात 9:30 बजे तक की स्थिति के आधार पर जारी अपडेट में बताया था कि क़रीब 500 भारतीय नागरिक अभी चीन की तरफ़ मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं.

  4. सीजेपी के अगले प्रोटेस्ट मार्च के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

    सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ की जाएगी (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध मार्च के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर तत्काल कोई आदेश देने से इनकार कर दिया.

    हालांकि, कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है, लेकिन मामले को 5 सितंबर से पहले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया.

    लाइव लॉ के अनुसार, चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले को 10 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया. इस मामले की सुनवाई स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ की जाएगी.

    याचिकाकर्ता के वकील डॉ. रिज़ान अहमद ने मामले की सुनवाई 3 सितंबर को करने की अपील की थी. हालांकि, पीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि क़ानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के अधिकार क्षेत्र का विषय है.

    कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी चिंताओं को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के समक्ष उठाने को कहा.

    इस मामले में दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी राजेंद्र सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाख़िल कर मांग की है कि राजधानी के संवेदनशील इलाक़ों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन या विरोध मार्च बिना आवश्यक अनुमति के आयोजित न किए जाएं.

    याचिकाकर्ता की ओर से पेश डॉ. अहमद ने कोर्ट को बताया कि उनकी जानकारी के मुताबिक़, प्रदर्शन के आयोजकों ने अब तक अनुमति के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है.

    उन्होंने यह भी दलील दी कि अगले सप्ताह दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की मौजूदगी के बीच राजधानी में विरोध मार्च आयोजित किए जाने को लेकर चिंता है.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़ इस मामले पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, “कम से कम अभी तो हम यही मानकर चलेंगे कि हर कोई बहुत ज़िम्मेदारी से और शांतिपूर्ण व क़ानूनी तरीक़े से काम करेगा और व्यवहार करेगा."

    उन्होंने कहा, "हमारे पास शक करने की कोई वजह भी नहीं है. इसलिए अभी हमारे सामने ऐसी कोई मज़बूत वजह नहीं है जिससे यह माना जाए कि कुछ ग़लत होगा.”

    गौरतलब है कि सीजेपी ने 5 सितंबर के लिए विरोध मार्च का एलान किया है. पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने जुलाई में पेपर लीक के विरोध में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने का वादा पूरा नहीं किया है.

  5. पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान से हुई मुलाक़ात

    पीएम मोदी और पेज़ेश्कियान पीएम मोदी और पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, दोनों नेताओं की यह मुलाक़ात किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुई.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेश्कियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की.

    दोनों नेताओं की यह मुलाक़ात किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुई.

    बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची भी मौजूद रहे.

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेश्क़ियान की मुलाक़ात से जुड़ा वीडियो और कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं.

    फ़िलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि मुलाक़ात के दौरान क्या बातचीत हुई.

    पीएम मोदी और पेज़ेश्कियान पीएम मोदी और पेज़ेश्कियान

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    पीएम मोदी और पेज़ेश्कियान

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  6. एससीओ सम्मेलन के लिए पेज़ेश्कियान और अराग़ची किर्गिस्तान पहुंचे, पुतिन से हो सकती है मुलाक़ात

    ईरान

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागच़ी किर्गिस्तान रवाना से पहले तेहरान में

    ईरानी मीडिया ने बताया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं.

    ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक़,पेज़ेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का बिश्केक में किर्गिस्तान के उप प्रधानमंत्री ने स्वागत किया.

    ईरान के राष्ट्रपति शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ और शंघाई प्लस के राष्ट्राध्यक्षों के श़िखर सम्मेलन में भाग लेने और संबोधित करने के लिए किर्गिस्तान की यात्रा पर हैं. 21 देशों के नेताओं का किर्गिस्तान दौरा निर्धारित है.

    अब तक, बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में चीन, रूस, कज़ाकिस्तान, भारत और ईरान के नेताओं की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है.

    इस बैठक के दौरान, पेज़ेश्कियान के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की उम्मीद है.

    समाचार एजेंसी आईआरएनए का कहना है कि पेज़ेश्कियान की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यह छठी मुलाकात होगी.

  7. ई 20 मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल लेबलिंग अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका ख़ारिज की

    ई 20 इथेनॉल

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    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देशभर के पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले पेट्रोल पर इथेनॉल की मात्रा की जानकारी अनिवार्य करने और लेबल लगाने की मांग वाली याचिका ख़ारिज कर दी.

    क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट 'बार एंड बेंच' ने जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता अपनी शिकायत लेकर संबंधित प्राधिकरण के पास जा सकता है.

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "(याचिका) ख़ारिज की जाती है. याचिकाकर्ता संबंधित सक्षम प्राधिकरण के पास जाने के लिए स्वतंत्र है."

    वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने यह याचिका दायर की थी. इसमें केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी कि देश के हर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरने वाली हर नोजल पर इथेनॉल की सटीक मात्रा की जानकारी देने वाला अनिवार्य और एक समान लेबल लगाया जाए.

    कोर्ट ने शुरुआत में याचिकाकर्ता के अधिकार-क्षेत्र पर सवाल उठाया और पूछा कि उन्होंने सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख क्यों किया, जबकि वह हाई कोर्ट जा सकते थे.

    बेंच पूछा, "आप कौन हैं? आप कहां प्रैक्टिस करते हैं? हाई कोर्ट जाइए और वहां याचिका दाखिल कीजिए."

    इस पर गोस्वामी ने कहा, "मुझे जानकारी पाने का अधिकार है. मैं यह जानना चाहता हूं. अगर मैं पेट्रोल खरीदता हूं तो वहां ई20 का कोई उल्लेख नहीं होता."

    केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने याचिका का विरोध किया.

  8. अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक इस लाइव ब्लॉग के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  9. यूएस ओपन के पहले ही राउंड में हारने के बाद रो पड़े नोवाक जोकोविच

    नोवाक जोकोविच ने इस हार से पहले यूएस ओपन के अपने सभी 19 फर्स्ट राउंड मैच जीते थे

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    इमेज कैप्शन, नोवाक जोकोविच ने इस हार से पहले यूएस ओपन के अपने सभी 19 फर्स्ट राउंड मैच जीते थे

    नोवाक जोकोविच अमेरिकी ओपन के पहले दौर में अर्जेंटीना के मारियानो नवोने से हार के बाद रो पड़े.

    24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके 39 साल के जोकोविच एक रोमांचक मैच के निर्णायक सेट में भावुक होकर रो पड़े.

    पूरे मैच के दौरान उन्हें शारीरिक परेशानी से जूझना पड़ा और मैच के दौरान उन्होंने एक समय उल्टी भी की.

    चौथी वरीयता प्राप्त जोकोविच ने अपना संघर्षपूर्ण जज़्बा दिखाया, लेकिन न्यूयॉर्क की उमस भरी गर्मी में उन्हें 7-6 (7-5), 5-7, 4-6, 6-2, 6-1 से हार का सामना करना पड़ा.

    फ्लशिंग मीडोज़ में यह पहली बार था जब जोकोविच पहले ही दौर में हारकर बाहर हुए. किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के पहले दौर में उनकी यह हार 2006 के बाद पहली बार हुई है.

    जोकोविच ने कहा, "मुझे लगता है कि यह साफ़ था कि कोर्ट पर मेरे लिए यह कितना खराब अनुभव था."

    उन्होंने कहा, "मैं मारियानो की जीत का श्रेय कम नहीं करना चाहता. उसे बधाई, वह अच्छा इंसान है और एक लड़ाकू खिलाड़ी है. लेकिन मैंने इस मैच का बिल्कुल आनंद नहीं लिया."

  10. ट्रंप ने खार्ग हमले का एआई-जनरेटेड वीडियो जारी किया

    ईरान

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल नेटवर्क पर एआई जेनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है जिसमें एक विशाल तेल संयंत्र में विस्फोट और आग लगने का दृश्य दिखाया गया है.

    ट्रंप ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, "खार्ग द्वीप को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा रहा है!!!"

    यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिर से बढ़ गया है.

    अमेरिकी सेना ने इससे पहले लाराक द्वीप पर स्थित दो ईरानी मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया था.

    इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में दो अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया था.

    खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्रों में से एक है. देश के कच्चे तेल के निर्यात का एक बड़ा हिस्सा द्वीप पर स्थित टर्मिनिलों से किया जाता है.

  11. नेपाल में लोगों के लिए खोज अभियानों के बीच कैसा है माहौल - तस्वीरों में देखें

    नेपाल

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ के दौरान घायल एक महिला को अस्पताल ले जाते राहतकर्मी
    नेपाल

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    इमेज कैप्शन, नेपाल में लगातार सहायता सामग्री में पहुंच रही है
    नेपाल में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है

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    बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को निकालकर ले जाते सैनिक

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    नेपाल में बाढ़ में ध्वस्त एक मकान के नीचे पड़ा टैडी बियर

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    बाढ़ में परिवार के सदस्य खो चुकी महिला को दिलासा देती पड़ोस की महिलाएं

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  12. ईरानी सेना का दावा, यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर किया हमला

    ईरान

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    ईरानी सेना का दावा है कि कि उसने संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.

    हमलों में अल-मनहद अड्डे पर स्थित अमेरिकी हेलीकॉप्टरों और बलों के ठिकानों को निशाना बनाया है.

    बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि ये हमले कल रात लाराक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में किए गए थे.

    कल रात, अमेरिकी सेना ने लाराक द्वीप पर स्थित दो ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया. इसके जवाब में आईआरजीसी ने घोषणा की कि उसने जॉर्डन में स्थित दो अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है.

  13. नेपाल की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 900 के पार पहुंची

    नेपाल में बाढ़ में मारे गए लोगों के शोक में डूबे परिजन

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    नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 903 तक पहुंच गई है.

    बीबीसी नेपाली सेवा के मुताबिक़ नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा है कि अब तक 903 लोगों के शव मिल चुके हैं.

    एनईए के मुताबिक़ बाढ़ में अब भी 4,247 लोग लापता हैं.

    लापता लोगों में विदेशी पर्यटक, सुरक्षाकर्मी और विभिन्न हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारी शामिल हैं.

    अथॉरिटी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मृतकों की संख्या 781 और लापता लोगों की संख्या 2,502 थी.

    अथॉरिटी ने यह भी बताया कि अब तक 10,400 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है.

    सरकारी एजेंसी के मुताबिक़, तलाशी और बचाव अभियान में 20,800 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है.

  14. मोहन भागवत ने कहा, ''दुनिया भर में कहीं भी अत्याचार से पीड़ितों को भारत में ही मिली शरण''

    मोहन भागवत

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    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के एक कार्यक्रम में कहा है कि हिंदू सभी का सम्मान करते हैं और सभी को स्वीकार करते हैं.

    उन्होंने कहा, "जब मैं हिंदू कहता हूं, तो हिंदू शब्द को किसी एक भाषा, किसी एक पूजा-पद्धति या किसी एक जीवनशैली के आधार पर परिभाषित नहीं किया जा सकता. ये सभी चीजें हिंदू समाज में मौजूद हैं. ये इंसानों के बीच विविधताएं हैं. हिंदू सभी का सम्मान और सभी को स्वीकार करते हैं.''

    उन्होंने कहा, ''दुनिया में कहीं भी किसी पर अत्याचार हुआ, तो उसे भारत में ही शरण मिली. कई लोग बाहर से हमलावर के रूप में भारत आए, लेकिन वे भी अपनी तमाम विशेषताओं के साथ यहां फलते-फूलते रहे. अब वे भारत के नागरिक हैं. यहां मुस्लिम, ईसाई और यहूदी भी कम संख्या में मौजूद हैं.बहुत से लोग शरण लेने के लिए भारत आते हैं."

    मोहन भागवत अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में भाषण देने के बाद कनाडा पहुंचे थे. न्यूयॉर्क में उनके कार्यक्रम का कई संगठनों ने विरोध किया था.

  15. किरेन रिजिजू ने किस वीडियो को देखने के बाद कहा - ‘बहुत ज़्यादा महंगा पड़ेगा’

    किरेन रिजिजू

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    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यूयॉर्क में आरएसएस चीफ़ मोहन भागवत के कार्यक्रम के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की गतिविधियों पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''हमने हमेशा कहा है कि आपको आरएसएस, बीजेपी या सरकार की आलोचना की आज़ादी है. लेकिन हमारे देश का अपमान मत करो. ध्यान से सुनें, हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो. यह तुम्हें बहुत ज़्यादा महंगा पड़ेगा.''

    न्यूयॉर्क में मोहन भागवत के कार्यक्रम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन से जुड़े एक वीडियो में कुछ लोग भारत के झंडे का अपमान करते दिख रहे हैं. इस वीडियो पर ही रिजिजू ने ये प्रतिक्रिया दी है.

    आरएसएस प्रमुख के इस कार्यक्रम से पहले कई संगठनों से जुड़े लोग आयोजन स्थल के बाहर कार्यक्रम का विरोध करते दिखे.

    सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो दिख रहे हैं, जिसमें लोग नारे लिखी तख़्तियां लेकर कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं.

    इनमें कुछ सिख अलगाववादी समर्थक भी दिख रहे हैं.

    आरएसएस प्रमुख के इस कार्यक्रम का पहले से विरोध हो रहा था.

    इससे पहले इस सप्ताह न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने कहा था आरएसएस का "बहिष्कार करने वाला" नज़रिया उस बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष भारत की सोच के विपरीत है, जिसमें वह पले-बढ़े हैं.''

    जब उनसे पूछा गया कि क्या आरएसएस का कार्यक्रम रद्द किया जाना चाहिए, तो ममदानी ने कहा था, "मैं भागवत के इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि शहर के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार है या नहीं."

  16. अंकित बालियान मर्डर केस: पुलिस ने दो लोगों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया

    अंकित बालियान

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    हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया है.

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हरियाणा से सटे ज़िले शामली में बुधवार देर शाम अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

    शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक़ "एक जाने-माने स्थानीय हरियाणवी गायक की जिम के बाहर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद मैंने जिले में रात के समय नाकाबंदी करने और हर चौराहे पर वाहनों की अनिवार्य जांच के आदेश दिए थे.''

    उन्होंने बताया, "'रविवार तड़के चार बजे मोटरसाइकिल सवार दो बदमाश एक पुलिस चेकपोस्ट से गुजरे. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो रुकने के बजाय बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस पर गोली चला दी. एक गोली पुलिस की गाड़ी में लगी और बदमाशों ने भागने की कोशिश की. बदमाशों ने दाएं मुड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन एक बंद गली में फंस गए. पुलिस से घिरने के बाद उन्होंने मोर्चा संभाल लिया और जान से मारने की नीयत से पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी.''

    उन्होंने कहा, ''इस मुठभेड़ में हमारे दो कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें शामली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया.''

    ''पुलिस की जवाबी गोलीबारी में दोनों बदमाश भी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई.''

  17. नेपाल में सुरंगों में फंसे लोगों का बचाव दलों से अब तक कोई संपर्क नहीं

    नेपाल

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    नेपाल सरकार ने कहा है कि उसने हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को निकालने का अभियान तेज कर दिया है. इनमें त्रिशूली-3ए साइट में फंसे लोग भी शामिल हैं.

    हालांकि सुरंगों में फंसे लोगों से अभी तक उन्हें निकालने के काम में लगे दलों का कोई संपर्क नहीं हो पाया है.

    इस दल में भारत और चीन के ऐसे एक्सपर्ट्स शामिल हैं जिन्हें ऐसे रेस्क्यू ऑपरेशन का अनुभव है. लगभग 2500 लापता लोगों में सैकड़ों लोग नेपाल की हाइड्रोइलेक्ट्रिक साइटों मे काम करने वाले कर्मचारी हो सकते हैं.

    नेपाल पुलिस के मुताबिक़, भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या 800 तक पहुंच गई है.

    इस बीच, जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में हिमस्खलन से बनी एक झील फट गई है और उसका पानी बह गया है.

  18. उत्तराखंड के हल्द्वानी में 'शुद्धीकरण' टिप्पणी मामले में राहुल गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कथित शुद्धीकरण वाले मामले में तुरंत एफ़आईआर दर्ज कराने की मांग की थी

    उत्तराखंड के हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि कांग्रेस नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल पर हुए एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पुलिस ने बताया कि एफ़आईआर भारतीय न्याय संहिता की उन विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित हैं.

    पुलिस के मुताबिक़, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी लगाई गई हैं.

    पीटीआई के मुताबिक़ जवाहर नगर निवासी और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सदस्य अमित कुमार ने हल्द्वानी थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

    उन्होंने दावा किया कि वह उस "धार्मिक अनुष्ठान और साफ़-सफाई अभियान" के दौरान मौके पर मौजूद थे.

    अमित कुमार के मुताबिक़, 29 अगस्त को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणियों से समुदाय की भावनाएं आहत हुईं.

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धीकरण किया गया, 'क्योंकि खड़गे दलित हैं.'

    राहुल गांधी ने इस मामले में फ़ौरन एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की थी.

    राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था, "आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में रैली होती है और 10 अगस्त को बीजेपी-आरएसएस के लोग उनके मंच का शुद्धीकरण करते हैं."

    इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने के बाद यह मामला फिर से गर्म हो गया है और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर सफ़ाई दी है.

    इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था, "जिन्होंने भी वहां पर शुद्धीकरण किया था, उनमें बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था."

  19. अमेरिका का कई हफ़्तों बाद ईरान पर फिर हमला, लाराक द्वीप को बनाया निशाना, रूथ कोमरफ़ोर्ड और ग़ोंचे हबीबीज़ाद

    लाराक द्वीप

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    इमेज कैप्शन, लाराक द्वीप के पास बंदर अब्बास के तट के नजदीक होर्मुज़ स्ट्रेज में जहाज़ों की आवाजाही

    अमेरिकी सेना ने ईरान के लाराक द्वीप पर दो ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.

    अमेरिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

    जुलाई के बाद ईरान पर अमेरिका का यह पहला ज्ञात हमला है.

    बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स के हवाले से बताया, "ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को होर्मुज़ स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते देखा गया था."

    आईआरजीसी ने कहा कि रविवार के हमले में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं.

    उसने इस हमले के जवाब में "जवाबी कार्रवाई और सजा" देने की धमकी दी.

    इसके बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने ख़बर दी कि आईआरजीसी ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.

    बीबीसी ने इस बारे में अमेरिकी सेंट्रल कमांड से प्रतिक्रिया मांगी है.

    आईआरजीसी के इस बयान के कुछ ही देर बाद जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने आठ मिसाइलों को गिराया है.

    जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं ने एक बयान में कहा, "आज सोमवार तड़के वायु रक्षा प्रणालियों ने आठ मिसाइलों को रोक दिया, जिन्होंने जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था."

    सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने सेना के प्रवक्ता के हवाले से यह जानकारी दी.

    जुलाई के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान रोकने का एलान किया था, उसके बाद ईरान पर अमेरिका का यह पहला ज्ञात हमला है.

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