जम्मू कश्मीर का शख़्स रूस में लापता, परिवार का दावा- अधिकारियों ने हिरासत में लिया, जहांगीर अली, बीबीसी संवाददाता

जम्मू-कश्मीर के उरी के सैदपोरा गांव के रहने वाले 39 वर्षीय एजाज़ अहमद गिलानी के रूस में लापता होने का मामला सामने आया है.
परिवार का दावा है कि नौकरी के सिलसिले में रूस गए गिलानी को वहां के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है.
परिजनों के मुताबिक़, उन्हें सेना में शामिल होने या जेल जाने के लिए कहा गया. परिवार ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर गिलानी का पता लगाने और उन्हें भारत वापस लाने की अपील की है.
एजाज़ अहमद गिलानी दो बेटियों और एक बेटे के पिता हैं.
उनकी पत्नी शमीमा बेगम ने बीबीसी को बताया कि 19 सितंबर को उनके पति को एक अज्ञात एजेंट का फ़ोन आया था. फ़ोन करने वाले ने उन्हें रूस में नौकरी दिलाने की बात कही थी.
शमीमा के मुताबिक़, "गिलानी 20 सितंबर को दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां से उन्होंने बहरीन होते हुए रूस की यात्रा की. 22 सितंबर को गिलानी ने फ़ोन कर जानकारी दी थी कि उन्होंने रूस में एक कंपनी में कूरियर बॉय के तौर पर काम शुरू कर दिया है."
परिवार के अनुसार, 13 अक्तूबर तक उनकी गिलानी से व्हाट्सऐप के ज़रिए नियमित बातचीत होती रही, लेकिन इसके बाद अचानक संपर्क टूट गया.
शमीमा बेगम ने बताया कि अगले दिन, 14 अक्तूबर को गिलानी ने एक दूसरे नंबर से फ़ोन किया. उन्होंने बताया कि रूसी अधिकारियों ने किसी अज्ञात मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया है.
गिलानी के बहनोई सैयद मोहम्मद इश्फ़ाक़ के मुताबिक़, परिवार की 14 अक्तूबर को हिरासत के दौरान गिलानी से कुछ देर बात हुई थी. उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान गिलानी काफ़ी डरे हुए लग रहे थे.
शमीमा के अनुसार, 16 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने परिवार को संदेश भेजकर बताया कि गिलानी हिरासत में हैं. परिवार ने जब उनसे गिलानी से बात कराने की गुज़ारिश की, तो उस व्यक्ति ने इसके बदले ढाई लाख रूसी रूबल की मांग की. हालांकि, उसने हिरासत में लिए जाने की वजह स्पष्ट नहीं की.
शमीमा ने बताया कि इसके बाद से परिवार का गिलानी से कोई संपर्क नहीं हो पाया है.
वहीं, बारामूला ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है.

















