लाइव, ईरान की ओर से हमले के दावे के बाद बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के आए बयान

बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान की ओर से मध्य-पूर्व के देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के दावे के बाद कुछ ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने 'कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों' की खबरें चलाई हैं.

सारांश

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लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. ईरान की ओर से हमले के दावे के बाद बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के आए बयान

    अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमला

    इमेज स्रोत, Stringer/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, बहरीन के मनामा में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमले के बाद की तस्वीर (यह तस्वीर 28 फ़रवरी, 2026 की है)

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान की ओर से मध्य-पूर्व के देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के दावे के बाद कुछ ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने 'कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों' की खबरें चलाई हैं.

    इस बीच अब इन देशों के बयान भी सामने आए हैं.

    कुवैत की सेना के जनरल स्टाफ़ ने कहा है कि उनके देश के एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने 'हवाई हमलों' को रोका है. एक्स पर एक पोस्ट में कुवैती सेना ने लोगों से 'सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करने' का अनुरोध किया है.

    बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से 'शांत रहने और सबसे नज़दीकी सुरक्षित जगहों पर जाने' का अनुरोध किया है.

    वहीं, जॉर्डन की सेना ने बयान जारी कर 'ईरान की ओर से दागी गईं पांच मिसाइलों को गिराने' का दावा किया है.

    इससे पहले ईरानी मीडिया ने ख़बर दी थी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने जॉर्डन और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं.

    ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अपने बयान में कहा कि आईआरजीसी और ईरानी सेना ने संयुक्त रूप से ये हमले किए.

    इस बीच अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन दागे गए.

  2. टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा और पार्टी की सदस्यता से दिया इस्तीफ़ा

    सुष्मिता देव

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    इमेज कैप्शन, कई मीडिया रिपोर्ट्स में अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुष्मिता देव बीजेपी में शामिल हो सकती हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफ़ा बुधवार को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को सौंपा.

    सुष्मिता देव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दिया है.

    इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सुष्मिता देव असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ बैठक करते नज़र आ रही हैं.

    इसके बाद से कई मीडिया रिपोर्ट्स में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं.

    इससे पहले सोमवार को टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने इस्तीफ़ा दिया था. उन्होंने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दिया था.

  3. नेपाल: बालेन शाह ने सुदन गुरुंग को फिर से गृह मंत्री क्यों बनाया?

    सुदन गुरुंग

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    इमेज कैप्शन, सुदन गुरुंग ने 22 अप्रैल को गृह मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था

    नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद सुदन गुरुंग को एक बार फिर देश का गृह मंत्री बनाया गया है.

    उनके अलावा महावीर पुन को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इनोवेशन मंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है.

    इससे पहले, प्रधानमंत्री बालेन शाह दोनों मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे. दोनों मंत्रियों ने मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली और अपने पदभार ग्रहण किए.

    सुदन गुरुंग की संपत्ति के स्रोत को लेकर सवाल उठे थे. इसके बाद उन्होंने 22 अप्रैल को नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    उस वक़्त उन्होंने कहा था कि वह उन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए और पद पर रहते हुए किसी भी प्रकार के हितों के टकराव को रोकने के लिए इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

    हालांकि, नेपाल सरकार ने मंगलवार को इन आरोपों की जांच करने वाली कमिटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किए बग़ैर ही उसे स्वीकार कर लिया.

    काठमांडू पोस्ट के मुताबिक़, हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अच्युत प्रसाद भंडारी की अगुवाई वाली कमिटी ने पिछले हफ़्ते शुक्रवार को अपनी जांच रिपोर्ट प्रधानमंत्री बालेन शाह को सौंपी थी.

    रिपोर्ट में कहा गया, "यह निष्कर्ष निकालने का कोई आधार नहीं था कि संपत्तियों का स्रोत संदिग्ध था."

    इसके अलावा नेपाल के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी गुरुंग के ख़िलाफ़ जांच की सिफ़ारिश की है. आयोग का कहना है कि पिछले साल सितंबर में हुआ 'जेन ज़ी' प्रदर्शन गुरुंग के नेतृत्व संभालने के बाद हिंसक हो गया था.

  4. मोदी के लंबे कार्यकाल पर मलेशिया से लेकर मालदीव तक के राष्ट्रपति की ये टिप्पणी

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है.

    उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं.

    श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक्स पर लिखा, "मैं भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई देता हूं. श्रीलंका हमारी घनिष्ठ साझेदारी को महत्व देता है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर आशान्वित है."

    मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने कहा, "भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के पद पर रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई. मालदीव, आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और साझा हितों के लिए भारत के साथ सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को इच्छुक है."

    पीएम मोदी को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी बधाई दी है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई. यह उपलब्धि भारत के विकास, समृद्धि और वैश्विक स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में उनके वर्षों की समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का प्रमाण है."

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, "यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशकों की समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का एक सशक्त प्रमाण है. उन्हें आगे के लिए मेरी शुभकामनाएं."

  5. अफ़ग़ानिस्तान का दावा, 'पाकिस्तानी सेना के हमले में 11 बच्चों समेत 13 लोग मारे गए'

    पाकिस्तान का 'जेएफ़-17 थंडर' फ़ाइटर जेट

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    इमेज कैप्शन, तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने 'पाकिस्तानी सेना के हमलों' को 'मानवीय अपराध' और 'आक्रामकता की कार्रवाई' बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने "अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन" किया है और मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात डूरंड लाइन के पास कई प्रांतों में हवाई हमले किए.

    ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, "कल रात, पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में नागरिकों के घरों पर बमबारी की."

    उन्होंने दावा किया, "इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग मारे गए हैं, जबकि अन्य 14 महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं."

    तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने इन हमलों को 'मानवीय अपराध' और 'आक्रामकता की कार्रवाई' बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.

    इन हमलों को लेकर अब तक पाकिस्तान की ओर से कोई बयान नहीं आया है.

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार और पाकिस्तान के बीच बीते कुछ महीनों में तनाव बढ़ा है.

    बीबीसी पश्तो के मुताबिक़, पाकिस्तान ने इसी साल मार्च में एक सेंटर पर हमला किया था. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने इस हमले में कम से कम 269 लोगों की मौत की पुष्टि की थी और कहा था कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है.

    पाकिस्तान अपने पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है.

    वहीं, तालिबान सरकार ने बार-बार इन आरोपों का खंडन किया है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह किसी को भी अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी अन्य देश को नुक़सान पहुंचाने के लिए नहीं करने देगी.

  6. ईरान ने मध्य-पूर्व स्थित इन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

    मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर हमला

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी-इसराइली हमलों के जवाब में ईरान ने मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया था (तस्वीर 28 फ़रवरी,2026 की है)

    ईरान में युद्ध प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में अमेरिकी हमलों के एक घंटे बाद एक बयान जारी किया है.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिकी सेना के हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.

    बयान में कहा गया, "अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में क्षेत्र में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को ईरान की सेना और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के बहादुर जवानों ने एक ताक़तवार हमले के ज़रिए निशाना बनाया."

    इसके अलावा आईआरजीसी ने भी एक बयान जारी किया है, जिसमें बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले का दावा किया गया.

    ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, आईआरजीसी ने कहा, "रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने सुबह 2:30 बजे बहरीन में अमेरिका के पांचवें नौसैनिक बेड़े पर ड्रोन हमला किया."

    फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया है.

    आईआरजीसी ने कहा कि उसने 'जॉर्डन के अल-अज़राक में अमेरिकी हवाई अड्डे पर स्थित एफ़-35 लड़ाकू जेट हैंगर और सेना कमान सहित चार महत्वपूर्ण ठिकानों को अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बनाया' है.

    आईआरजीसी ने अपने एक अन्य बयान में उत्तरी फ़ारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा किया.

    ईरानी मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि ड्रोन को 'बुशहर प्रांत के जाम काउंटी के ऊपर आसमान में निशाना बनाया गया' और 'नष्ट कर दिया गया'.

    उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार सुबह कहा कि ईरान की ओर से उसके हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की है, जो कि अब समाप्त हो गई है.

    मध्य-पूर्व के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के दावे को लेकर अब तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

  7. अमेरिकी सेना ने कहा, 'अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई पूरी की'

    अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेना ने ईरान के 'एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों' को निशाना बनाने का दावा किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार को अपने ताज़ा बयान में कहा है कि उसने अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के जवाब में कार्रवाई पूरी कर ली है.

    सेंटकॉम ने कहा, "अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में सेना ने आत्मरक्षा के तहत 9 जून को ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई पूरी कर ली. यह कार्रवाई कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर की गई."

    बयान में कहा गया कि अमेरिकी एयर फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज़ स्ट्रेट के नज़दीक 'ईरान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों को निशाना बनाया'.

    सोमवार को अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर ओमान के तट के पास गिराया गया था. इस हेलिकॉप्टर में सवार दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था.

  8. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

    मीनाक्षी नटराजन

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी नेताओं ने कई तरह के सवाल उठाए हैं.

    कांग्रेस ने इसे 'सीट चोरी' कहा है, तो वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसे 'सत्य की जीत' बताया है.

    इस बीच अन्य विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले पर तीख़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं.

    शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "हम कभी लोकतंत्र थे. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जहाँ संस्थाओं की निष्पक्षता और संप्रभुता राजनीतिक प्रभाव से मुक्त थी. अब... दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व लोकतंत्र."

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "एक तुच्छ बहाना बनाकर कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को ख़ारिज करना यह दिखाता है कि मोदी और शाह दोनों सदनों पर नियंत्रण पाने और संविधान में शोधन करने के लिए कितने बेताब हैं. वरना 2029 में उनका समय समाप्त हो जाएगा."

    मंगलवार को मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया. कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया था.

    नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए.

  9. नमस्कार!

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