साँप अगर आपकी वॉशिंग मशीन या गाड़ी में घुस जाए तो जानिए क्या करना चाहिए

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इमेज कैप्शन, गर्मी, मॉनसून की बारिश और उनके प्राकृतिक घरों के नष्ट होने जैसे कारणों से हाल के वर्षों में घरों के अंदर सांप आने की घटनाएं बढ़ी हैं
    • Author, के सुबागुनम
    • पदनाम, बीबीसी तमिल
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 5 मिनट

हैदराबाद के एक रेस्तरां में पिछले हफ़्ते फिश टैंक के अंदर सांप मिलने के बाद 'फ्रेंड्स ऑफ स्नेक्स सोसाइटी' के सदस्यों को बचाव के लिए बुलाया गया था.

संस्था ने अपने सोशल मीडिया पेज पर इस रेस्क्यू का वीडियो साझा किया. माना गया कि भीषण गर्मी के बीच ठंडी जगह की तलाश में सांप इमारत के अंदर आया और फिश टैंक में शरण ले ली.

इसी तरह, पिछली जनवरी में मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित एक घर की ग्राउंड फ्लोर पर एक कोबरा मिला था.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह सांप वॉशिंग मशीन के अंदर छिपा हुआ था और उसे शहरी वन्यजीव बचाव कार्य से जुड़े एक सदस्य की मदद से सुरक्षित निकाला गया.

इस तरह घरों की दरारों और छिपे कोनों, वॉशिंग मशीनों, दोपहिया-चारपहिया गाड़ियों, फिश टैंक और लंबे समय से पड़े सामान के ढेरों के नीचे सांप मिलने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं.

ऐसी परिस्थितियों में सांप को देखकर किसी भी व्यक्ति को तुरंत डर लगना स्वाभाविक है.

इसीलिए उस डर को दूर करने और प्राकृतिक वातावरण के बारे में बुनियादी समझ विकसित करने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि सांप ऐसी जगहों पर क्यों आते हैं और अगर वे दिख जाएं तो क्या करना चाहिए.

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इमेज कैप्शन, गाड़ियों में साँप घुसने की घटनाएं कई बार सुनने को मिलती हैं

सांप इंसानी बस्तियों में क्यों घुसते हैं?

इस वर्ष की शुरुआत में वाइल्डलाइफ एंड नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में 2022 से 2024 के बीच उत्तर कोयंबटूर में दर्ज 2,318 सांप बचाव घटनाओं का विश्लेषण किया गया.

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अध्ययन में पाया गया कि सांप कचरे के ढेर, घरों के कमरे, स्टोरेज शेड, मशीनों और सुरक्षित छिपने वाली जगहों को पनाह के रूप में तलाशते हैं.

हालांकि, वन्यजीव कार्यकर्ताओं का कहना है कि सांप लोगों पर हमला करने के मक़सद से रिहायशी इलाक़ों में नहीं आते. बल्कि वे अक्सर आवास, सुरक्षा, भोजन, नमी और अनुकूल तापमान की तलाश में ऐसे वातावरण में फँस जाते हैं.

विशेष रूप से गर्मी, मॉनसून की बारिश और उनके प्राकृतिक घरों के नष्ट होने जैसे कारणों से हाल के वर्षों में घरों के अंदर सांप आने की घटनाएं बढ़ी हैं.

हर्पेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि यही वजह है कि सांप अक्सर गाड़ियों के नीचे, फिश टैंक के पास, पार्किंग क्षेत्रों में, लकड़ी के ढेरों के नीचे, फ्रिज के पीछे और घरों के बेतरतीब कोनों में पाए जाते हैं.

वन्यजीव प्रेमी और स्नेक रेस्क्यू कार्यकर्ता सैमसन किरुबाकरण कहते हैं कि सांप जानबूझकर मानव बस्तियों में नहीं आते और "वे सामान्यतः इंसानों के साथ टकराव से बचना पसंद करते हैं."

वन्यजीव शोधकर्ताओं के अनुसार, सांप ऐसी छिपी जगहों को पसंद करते हैं, जहां वे बिना नज़र आए रह सकें.

लेकिन सैमसन किरुबाकरण का कहना है कि प्राकृतिक घर कम होने और मानव बस्तियों में मौजूद संरचनाओं में पर्याप्त छिपने की जगह मिलने के कारण सांप अब अधिक संख्या में रिहायशी इलाक़ों में प्रवेश कर रहे हैं.

उन्होंने विस्तार से बताया, "लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहने वाले वाहन, फिश टैंक और उनके आसपास का ठंडा वातावरण, छायादार और छिपी जगह देने वाले स्टोरेज शेड, बेतरतीब ढंग से रखी निर्माण सामग्री वाले निर्माण स्थल, नारियल या कचरे के ढेर आदि सांपों के लिए आदर्श ठिकाने बन जाते हैं."

उन्होंने कहा, "सांप इन जगहों को इसलिए तलाशते हैं क्योंकि यहाँ उन्हें अनुकूल वातावरण मिलता है, जैसे पर्याप्त शिकार, सुरक्षित आवास और शरीर के लिए उपयुक्त तापमान."

स्टडी के अनुसार, गर्म मौसम में सांप ठंडी और छायादार जगहों की तलाश करते हैं जबकि ठंडे मौसम में वे गर्म और आरामदायक स्थान ढूंढते हैं.

सैमसन के अनुसार, भोजन, छिपने की जगह और सुरक्षित आवास के साथ-साथ तापमान की यही स्थितियां भी सांपों को मानव बस्तियों की ओर आकर्षित करती हैं.

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इमेज कैप्शन, भोजन, छिपने की जगह और सुरक्षित आवास भी सांपों को मानव बस्तियां आकर्षित करती हैं

अगर गाड़ी में सांप घुस जाए तो क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे पहले घबराहट या भय में आने से बचना चाहिए.

विशेषज्ञ बताते हैं कि ज़्यादातर सांप काटने की घटनाएं तब होती हैं, जब सांपों को अचानक परेशान किया जाता है. डर या ज़रूरत से ज़्यादा बहादुरी दिखाते हुए लोग बिना ख़तरे को समझे उन्हें पकड़ने या मारने की कोशिश करते हैं. स्टडी से यह भी पता चलता है कि सांप इंसानों पर हमला करने के इरादे से व्यवहार नहीं करते.

स्नेक रेस्क्यू विशेषज्ञ सैमसन किरुबाकरण कहते हैं, "ऐसी स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप और सांप के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें."

इसके अलावा, "कभी भी सांप को छूने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. यहां तक कि ग़ैर-विषैले सांप भी ख़तरा महसूस होने पर आत्मरक्षा में काट सकते हैं. बिना प्रशिक्षण वाले लोगों की ओर से की गई ऐसी कोशिशें केवल जोखिम बढ़ाती हैं."

सैमसन सलाह देते हैं, "रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान धैर्य और शांत रवैया ज़रूरी है. इसलिए विशेषज्ञ स्नेक रेस्क्यू कर्मियों को बुलाना चाहिए या तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए. साथ ही जिस जगह सांप मौजूद हो, उसे तुरंत अलग कर देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई उसके पास न जाए."

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इमेज कैप्शन, लंबे समय तक खड़ी गाड़ियां सांपों को शिकारी जीवों और इंसानों से सुरक्षा भी देती हैं.

सांप वाहनों के अंदर क्यों घुस जाते हैं?

गाड़ियां स्वाभाविक रूप से कई ऐसी चीज़ें उपलब्ध कराती हैं, जिनकी सांप तलाश करते हैं. सबसे पहले, गाड़ियों का निचला हिस्सा छाया और अंधेरा प्रदान करता है. गर्म दोपहर में कार के नीचे की जमीन आसपास की जगहों की तुलना में थोड़ी ठंडी होती है. इसलिए यह तेज़ गर्मी से बचने के लिए सांपों के लिए उपयुक्त स्थान बन जाता है.

दूसरा, लंबे समय तक खड़ी गाड़ियां सांपों को शिकारी जीवों और इंसानों से सुरक्षा भी देती हैं.

सैमसन किरुबाकरण कहते हैं, "अगर कोई उन्हें देख लेता है, तो वे तुरंत पास की गाड़ी के अंदर घुसने की कोशिश करते हैं. टायरों, एक्सल और इंजन के आसपास की संकरी जगहें उनके लिए सुरक्षित छिपने की जगह बन जाती हैं, जिससे वे टकराव से बच सकते हैं."

उन्होंने यह भी बताया कि सांप चूहों जैसे शिकार की तलाश में भी गाड़ियों के अंदर पहुंच सकते हैं.

चूहे, छिपकलियां और मेंढक कई सांप प्रजातियों के प्रमुख भोजन हैं. ये जीव अक्सर पार्किंग क्षेत्रों, लंबे समय तक खड़ी गाड़ियों और स्टोरेज शेड जैसी जगहों पर रहते हैं. इसी वजह से सांप शिकार की तलाश में गाड़ियों, मशीनें और पार्किंग क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं.

कोयंबटूर में वाइल्डलाइफ एंड नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट की ओर से किए गए एक अध्ययन ने भी पुष्टि की कि कुछ विशेष मौसमों में सांप बचाव अभियानों की संख्या बढ़ जाती है और सांप सामान्यतः इंसानों द्वारा बनाई गई ऐसी शरणस्थली और मशीनों के आसपास की जगहों को तलाशते हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित