संजू सैमसन के बाहर होने पर कैफ़ नाराज़, वैभव पर क्या बोल रहे हैं क्रिकेट एक्सपर्ट?

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- Author, भरत शर्मा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
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'संजू सैमसन से जुड़े फ़ैसले को लेकर जो कुछ हो रहा है, उसे लेकर मैं काफ़ी परेशान हूं.'
'मैं इस बात से परेशान हूं कि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है और ऐसा जताया जा रहा है कि उन्हें रेस्ट दिया गया है. मैं काफ़ी दिनों से इस फ़ील्ड को जानता हूं और 'रेस्टेड' का मतलब अच्छे से जानता हूं.'
जब ज़िम्बाब्वे टूर के लिए भारतीय टीम की घोषणा में संजू का नाम नज़र नहीं आया तो जाने-माने क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने एक वीडियो पोस्ट कर कुछ इस तरह अपनी निराशा जताई थी.
'भारतीय क्रिकेट टीम वही गलती कर रही है, जो टी20 वर्ल्ड कप में की थी. उस समय अभिषेक शर्मा और इशान किशन ओपनिंग कर रहे थे, और विरोधी टीमें ऑफ़ स्पिनर लगाकर उन्हें सस्ते में निपटा रही थीं. साउथ अफ्रीका से हारने के बाद बदलाव हुआ और संजू सैमसन को मौका मिला.'
'अभिषेक और वैभव सूर्यवंशी लॉन्ग टर्म के लिए इंडिया के ओपनर नहीं हो सकते. आपको एक राइट हैंड बल्लेबाज़ ओपनिंग के लिए रखना ही होगा. और संजू सैमसन वही हैं. ओपनिंग में राइट-लेफ्ट का कॉम्बिनेशन चाहिए. अभिषेक और वैभव में से किसी को तो तीसरे पर आना ही होगा.'
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज़ मोहम्मद कैफ़ ने संजू सैमसन की पैरवी करते हुए ये बात हाल में कही है.
इसलिए क्योंकि पहले वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के लिए उन्हें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ बाहर बैठाया गया और फिर ज़िम्बाब्वे टूर के लिए जो टीम चुनी गई, उन्हें उससे भी बाहर कर दिया गया.
लेकिन संजू सैमसन को लेकर इतनी चर्चा हो क्यों हो रही है?

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इसी साल फरवरी-मार्च में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में संजू सैमसन ने जो कमाल किया था, उसके बाद इस फ़ैसले पर सवाल उठने लाज़मी हैं. इस वर्ल्ड कप के आख़िर के तीन मैचों में उन्होंने 97*, 89 और 89 की मैच जिताऊं पारियां खेली थीं. प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बने. इसके बाद आईपीएल में दो शतक जड़े.
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लेकिन आयरलैंड और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 5, 0 और 1 स्कोर करने के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर वैभव को मौका दिया गया. साथ ही इसी महीने ज़िम्बाब्वे में खेली जाने वाली टी20 सिरीज़ के लिए घोषित टीम से भी बाहर कर दिया गया.
भारतीय टीम मंगलवार को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी20 मैच हार गई और अब इंग्लैंड पाँच मैचों की सिरीज़ में 2-0 से आगे है. इस सिरीज़ का पहला मैच बारिश में धुल गया था.
लगातार चौथी हार के बाद जब भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर से संजू सैमसन के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'संजू सैमसन को क्लेरिटी दी जानी चाहिए थी, जो मेरी तरफ़ से उन्हें दी जा चुकी है. और ये बातचीत हेड कोच और खिलाड़ी के बीच है. दोनों के बीच क्या बातचीत हुई है, ज़ाहिर है ये हम आपको नहीं बताएंगे.'
गंभीर ने कहा कि वर्ल्ड कप के दौरान संजू ने जो किया, वो शानदार था, लेकिन कई बार हमें किसी खिलाड़ी की फॉर्म भी देखनी होती है. वो इस सिरीज़ में कमबैक करेंगे या नहीं, इसे लेकर कोई 'हार्ड एंड फास्ट रूल नहीं है.
उन्होंने आगे कहा, "इंटरनेशनल क्रिकेट में रिज़ल्ट मायने रखता है. रिज़ल्ट के लिए हमें जो भी सही लगेगा, हम वही कॉम्बिनेशन खिलाएंगे. मैं शुरुआत से इसी बात में यक़ीन रखता हूं कि सभी को अपनी जगह कमानी होती है."
'हर बार संजू ही क्यों'

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सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि उन्होंने वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट को बाहर कर दिया और रिज़ल्ट हाथ नहीं आ रहे.
वर्ल्ड कप के बाद खेले गए चारों मैच भारतीय टीम हार गई है, जिनमें से आयरलैंड से मिली 2-0 शिकस्त शामिल है. भारत इससे पहले आयरलैंड से कभी नहीं हारा था.
सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया और उनकी कप्तानी की शुरुआत में टीम को झटके लग रहे हैं. वो भी टीम के प्रदर्शन से काफ़ी निराश दिखे.
अय्यर ने मैच के बाद कहा, "मुझे लगता है कि हमारा प्रदर्शन बेहद खराब था. सच कहूं तो इसके लिए इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं है. इतने बड़े अंतर से हारना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. सबसे पहले हमें इस हार को स्वीकार करना होगा और फिर ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटकर यह समझना होगा कि हमसे कहां गलती हुई."
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे और तीसरे टी20 में संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया. उन्होंने दोनों मैचों में 14 और 13 का स्कोर किया है.
जानकारों का कहना है कि अब वैभव को टीम में जगह दी गई है, तो उन्हें आगे खिलाया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें खिलाने के लिए संजू सैमसन को बाहर नहीं किया जाना चाहिए था.
वरिष्ठ खेल पत्रकार मीनाक्षी राव ने बीबीसी से कहा कि संजू सैमसन को इंग्लैंड में खिलाया जाना चाहिए था और ज़िम्बाब्वे वाली टीम में भी होना चाहिए था.
मीनाक्षी ने कहा, 'शायद टीम मैनेजमेंट ज़िम्बाब्वे टूर पर बेंच स्ट्रेंथ को टेस्ट करना चाहता है. अभी ये टीम ट्रांज़िशन से गुज़र रही है, बन रही है. लेकिन संजू को ज़िम्बाब्वे में खिलाना चाहिए था, और साथ में दो-तीन नौजवान प्लेयर को रखना चाहिए था.'
उन्होंने कहा, 'संजू के साथ अच्छी बात ये है कि वो एक से पांचवें नंबर तक, कहीं भी बल्लेबाज़ी कर सकते हैं. वो मिडल ऑर्डर में भी अच्छा खेल सकते हैं. मेंटल स्ट्रेंथ और अनुभव, दोनों उनके पास हैं. जब टॉप ऑर्डर नाकाम होता है तो मिडल ऑर्डर में कौन है? संजू इस लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं. मुझे लगता है कि इस टूर में मैच विनिंग टीम के बजाय, खिलाड़ियों को परखने की कोशिश की जा रही है.'
मीनाक्षी का कहना है कि जब कभी बेंच स्ट्रेंथ टेस्ट करना होता है या किसी नए खिलाड़ी को टीम में लाना होता है तो संजू सैमसन का ही नाम कटता है, जो सही नहीं है. इशान किशन को भी बाहर रखा जा सकता था.
वैभव सूर्यवंशी को लेकर उन्होंने कहा कि वो काफ़ी प्रोमिसिंग प्लेयर हैं और टी20 फॉर्मेट के हिसाब से ढले हुए भी दिखते हैं, लेकिन उन्हें डेब्यू आयरलैंड में कराया जाना चाहिए था, जो एक सॉफ़्ट लॉन्च की तरह होता. वैभव को सीधा इंग्लैंड के ख़िलाफ़ उतारना, वो भी इंग्लिश कंडिशन में, मुश्किल होना ही था.
'सैमसन कभी अंदर कभी बाहर'

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अब जब वैभव सूर्यवंशी टीम में हैं तो क्या उन्हें बाहर कर संजू को जगह दी जानी चाहिए या दोनों को मौका मिलना चाहिए, इस पर उन्होंने कहा, "अगर वैभव को टीम में उतार दिया है तो अब बाहर नहीं करना चाहिए. लेकिन संजू सैमसन को बार-बार टीम के अंदर-बाहर नहीं करना चाहिए, उन्हें टीम में ही रखना चाहिए. वैभव को आज़माने के लिए किसी दूसरे खिलाड़ी को भी बाहर किया जा सकता है."
आयरलैंड और इंग्लैंड, दोनों जगह भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पावरप्ले में विकेट गंवाना नुक़सानदायक साबित हुआ है.
दिग्गज खेल पत्रकार और लेखक अयाज़ मेमन कहते हैं कि टीम का टॉप ऑर्डर नहीं चल रहा है. अभिषेक शर्मा ने कुछ अच्छा खेला है, लेकिन निरंतरता वहां भी नहीं दिखती.
मेमन ने बीबीसी से कहा, 'इंग्लैंड की कंडिशन पूरी तरह अलग है. बॉलर को मदद मिल रही है. भारतीय टीम सेटल डाउन नहीं हुई है, आयरलैंड से भी हार जाना यही दिखाता है. दिक्कतें वहीं से शुरू हुई. कॉन्फ़िडेंस को भी नुक़सान पहुंचा है.'
उन्होंने कहा, 'दिक़्क़त ये भी है कि टैलेंट बहुत है, तो किसी ना किसी को तो बाहर बैठना ही होगा. जब आयरलैंड में वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाया गया तो हल्ला मच गया था कि उसे क्यों नहीं खेलाया जा रहा है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने तक ये सवाल उठा दिया था कि अभी नहीं खिलाएंगे तो कब खिलाएंगे.'
मेमन भी इस बात से इत्तफ़ाक़ रखते हैं कि जब भी टीम में कोई बदलाव होता है तो संजू सैमसन ही ख़ुद को टीम से बाहर पाते हैं. उन्होंने कहा, 'वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहने वाला खिलाड़ी ज़िम्बाब्वे टूर से बाहर कर दिया गया है. कोई भी खिलाड़ी हो, वो ये ज़रूर सोचता कि जब उसका बेस्ट टाइम चल रहा हो तो वो ज़्यादा से ज़्यादा खेले, लेकिन संजू बाहर हैं.'
अयाज़ मेमन का कहना है कि इंग्लैंड की टीम ने भारतीय टीम के चारों शीर्ष बल्लेबाज़ों को लेकर अच्छी तैयारी की है, जो उनकी गेंदबाज़ी में दिख रही है. भारतीय बल्लेबाज़ आईपीएल में खेलने के आदी हैं, जहां कि पिच और कंडिशन का मिजाज़ अलग है. वो टेम्पलेट इंग्लैंड में हूबहू लागू नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा, 'भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीती थी अपने घरेलू हालात में. लेकिन जब कंडिशन अलग होती तो टीम का प्रदर्शन बताता है कि वो कितनी ताक़तवर है. चैम्पियन टीम की निशानी होती है कि वो कहीं भी खेले, लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता रहती है. साथ ही हम सिर्फ बल्लेबाज़ों को घेर रहे हैं, जबकि बॉलर का प्रदर्शन भी काफ़ी ख़राब रहा है. रवि बिश्नोई को ही देख लीजिए.'
तीसरे टी20 मैच में इंग्लैंड ने भारत को 125 रनों से हराया, जो उसकी सबसे बड़ी हार है. इंग्लैंड के 201 रनों के जवाब में इंडिया की टीम केवल 76 रनों पर सिमट गई. जब 52 रन पर पांचवीं विकेट गिरी तो बल्लेबाज़ी के लिए आए हर्षित राणा. उस समय दिनेश कार्तिक कमेंट्री कर रहे थे. उन्होंने कहा, 'आर यू सीरियस? शिवम् दुबे से पहले हर्षित राणा? क्या टीम को दुबे पर इतना भरोसा नहीं है कि इस स्टेज पर उन्हें भेजा जाता. उनके बजाय हर्षित को प्रमोट को किया गया है. मुझे नहीं लगता ये सही फ़ैसला है.' हालांकि, कुछ वक़्त बाद बैटिंग के लिए आए दुबे भी नाकाम रहे.
हर्षित राणा को लेकर जब अयाज़ मेमन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि टीम उन्हें ऑलराउंडर के रूप में देखती है. वो गेंदबाज़ी करते हैं और निचले क्रम में आकर बड़े शॉट भी लगा सकते हैं. अभी वो शुरुआती दौर में हैं, इसलिए उन्हें लेकर बहुत क्रिटिकल होना ठीक नहीं है.
लौटते हैं संजू सैमसन की तरफ़

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संजू को टीम से बाहर किए जाने पर हर्षा भोगले ने एक वीडियो पोस्ट कर सवाल किया और जवाब भी दिया. उन्होंने कहा, 'क्या संजू सैमसन को ड्रॉप किया जाना चाहिए था? जवाब है बिलकुल नहीं.
उन्होंने कहा, 'टी-20 वर्ल्ड कप की कहानी हम सब जानते हैं. संजू आए और मैच जीतने में अहम भूमिका निभाई. वो शानदार टीम प्लेयर हैं और किसी भी मौके पर व्यक्तिगत कीर्तिमानों की तरफ़ भागते नहीं दिखे. वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने. और जो कोई आपका प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनता है, तीन मैचों के दम पर उसे टीम से बाहर नहीं किया जाता.'
हर्षा भोगले ये दलील मानने के लिए तैयार नहीं हैं कि सैमसन कंसिसटेंट नहीं हैं.
भोगले कहते हैं, "सिर्फ तीन मैचों के आधार पर ये फैसला करना सही है? आप जानते हैं कि जब वो चलते हैं तो क्या कर सकते हैं, ऐसे में उन्हें बैक किया जाना चाहिए था."
भोगले ने कहा, 'संजू को तीन मैचों के आधार पर बाहर कर देना, टीम के दूसरे खिलाड़ियों पर क्या असर डालेगा? क्या उन्हें ये मैसेज नहीं जाएगा कि अगर वो दो मैच में नाकाम हो जाते हैं तो उन्हें भी बाहर किया जा सकता है?'
कैफ़ की तरह हर्षा भोगले भी लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन को लेकर संजू सैमसन की पैरवी करते हुए दिखे.
उन्होंने कहा, 'जब ऊपर के तीनों बल्लेबाज़ लेफ्टी होंगे तो सामने वाली टीम उसके मुताबिक़ रणनीति बनाकर फंसाने की कोशिश करेगी. इसीलिए संजू सैमसन को टीम में लाकर ऊपर खिलाया गया था. और ये तर्क आज भी वैलिड है.'
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