लाइव, अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर बोलीं ममता- 'हेलमेट नहीं पहना होता तो मौत हो सकती थी'

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सही वक़्त पर अभिषेक को हेलमेट नहीं पहनाया जाता तो उनकी मौत भी हो सकती थी.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर बोलीं ममता- 'हेलमेट नहीं पहना होता तो मौत हो सकती थी'

    ममता बनर्जी

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    इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस को इस दौरे की पहले से जानकारी थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सही वक़्त पर अभिषेक को हेलमेट नहीं पहनाया जाता तो उनकी मौत भी हो सकती थी.

    उन्होंने दावा किया कि पत्थरबाज़ी और मारपीट की वजह से अभिषेक के सीने और पसलियों के हिस्से में चोट लगी.

    ममता बनर्जी ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस को इस दौरे की पहले से जानकारी थी.

    उन्होंने कहा, "पुलिस को अभिषेक के दौरे की पहले से जानकारी थी. इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं."

    उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा फैलाने के लिए बाहरी लोगों को लाया गया था. उन्होंने कहा, "राजनीतिक विरोध का मतलब हिंसा नहीं होना चाहिए. लोकतंत्र में जनता का समर्थन और बहस ही रास्ता होना चाहिए, डर या दबाव नहीं."

    गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को सोनारपुर इलाक़े में हमला हुआ. वो यहाँ चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, तभी उन पर हमला हुआ.

    अभिषेक बनर्जी ने इस घटना के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया है, जबकि राज्य में बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि 'पश्चिम बंगाल की जनता में टीएमसी को लेकर आक्रोश है.'

  2. भारत ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाई, अब इतना लगेगा शुल्क

    पेट्रोल

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    इमेज कैप्शन, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 1.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है

    भारत सरकार ने शनिवार को कहा कि 1 जून से पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टरबाइन फ़्यूल (एटीएफ़) पर निर्यात शुल्क (एक्सपोर्ट ड्यूटी) घटाया जाएगा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 1.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है, जबकि डीज़ल पर यह 13.5 रुपये प्रति लीटर होगा. एटीएफ़ पर निर्यात शुल्क 9.5 रुपये प्रति लीटर रखा गया है.

    दरें हर पखवाड़े (दो हफ़्ते की अवधि) बदली जा रही हैं. ये बदलाव कच्चे तेल, पेट्रोल, डीज़ल और एटीएफ की दुनिया भर की औसत कीमतों पर तय किए जाते हैं.

    आमतौर पर सरकार हर पखवाड़े अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल कीमतों की समीक्षा करती है और उसी हिसाब से पेट्रोल, डीज़ल और एटीएफ पर लगने वाला निर्यात शुल्क तय होता है.

    हालांकि, आम लोगों को मिलने वाले पेट्रोल और डीज़ल पर वही पुराना टैक्स लगेगा, इसमें न तो कुछ नया जोड़ा गया है और न ही घटाया गया है.

    गौरतलब है कि निर्यात शुल्क इनडायरेक्ट टैक्स है जो किसी भी देश की सरकार अपने देश से बाहर (अन्य देशों में) भेजे जाने वाले सामानों पर लगाती है.

  3. दिल्ली: साकेत में पांच मंज़िला इमारत ढही, अब तक मलबे से इतने लोगों को बचाया गया

    मलबा

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    इमेज कैप्शन, दमकल अधिकारियों ने बताया कि यह इमारत पास बने टिन शेड कैंटीन पर जा गिरी, जहां छात्र खाना खा रहे थे

    दक्षिणी दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम एक पांच मंज़िला इमारत गिर गई. अधिकारियों ने बताया कि अब तक कम से कम 12 लोगों को बचाया गया है.

    रेस्क्यू किए गए लोगों में से दो गंभीर रूप से घायल हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "कुल 12 लोगों को बचा लिया गया है, इनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं. ऐसा नहीं लगता कि कोई और व्यक्ति फंसा हुआ है, लेकिन तलाशी अभियान अभी भी जारी है. इस घटना के संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा."

    इमारत शनिवार शाम करीब 7.45 बजे गिरी थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे में दबे लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं और पूरे इलाक़े में धूल का घना ग़ुबार फैल गया था.

    इस इमारत में कोचिंग संस्थान, कैफ़े और दफ़्तर चल रहे थे. बताया जा रहा है कि हादसे के समय तीसरी मंज़िल पर निर्माण कार्य भी चल रहा था. दिल्ली फ़ायर सर्विस (डीएफएस) के अधिकारियों ने कहा कि शुरुआत में स्थानीय पुलिस और पीसीआर टीमों ने तीन लोगों को बाहर निकाला. इसके बाद दमकलकर्मी और एनडीआरएफ की टीम भी अभियान में शामिल हो गई.

    दमकल अधिकारियों ने बताया कि यह इमारत पास बने टिन शेड कैंटीन पर जा गिरी, जहां छात्र खाना खा रहे थे. बताया जा रहा है कि वहां मौजूद कई छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे.

    अधिकारियों ने कहा कि जांच में इमारत की कंडीशन, निर्माण की अनुमति और उन संभावित लापरवाहियों की पड़ताल की जाएगी, जिनकी वजह से यह हादसा हुआ है.

  4. नमस्कार!

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