अमेरिका और ईरान के बीच फिर लड़ाई में तेज़ी, दोनों ने एक-दूसरे के जहाज़ों पर किए हमले, ग्रेस एलिज़ा गुडविन और मैक्स मात्ज़ा

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अमेरिका और ईरान ने शनिवार को जहाज़ों पर एक-दूसरे के ख़िलाफ़ जवाबी हमले किए. यह एक सप्ताह पहले लड़ाई शुरू होने के बाद हमलों का ताजा दौर है. इससे पहले क़रीब एक महीने तक हालात आमतौर पर शांत थे.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर एक ताज़ा वीडियो शेयर करते हुए लिखा,"अमेरिकी सेना की सटीकता और पेशेवर रवैये ने एम/टी काइलो को आज ओमान की खाड़ी में डुबा दिया. यह समंदर में समा गया."
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान से जुड़े दो तेल टैंकरों को "स्थायी रूप से निष्क्रिय" कर दिया, जिनमें से एक ख़ार्ग द्वीप के पास था, और ओमान की खाड़ी में एक तीसरे टैंकर को "पूरी तरह नष्ट" कर दिया.
ईरान के सरकारी मीडिया ने हमलों की पुष्टि की और कहा कि जवाब में उसने अमेरिका से जुड़े तीन जहाज़ों को निशाना बनाया. इसके अलावा, उसने होर्मुज़ स्ट्रेट से "बिना अनुमति" के गुज़र रहे तीन तेल टैंकरों पर भी हमला किया.
बीबीसी ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) से ईरान के इन ताजा दावों पर प्रतिक्रिया मांगी है.
ये हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मौजूदा संघर्ष को "छोटी बात" बताए जाने के एक दिन बाद हुए. छह महीने से चल रहे युद्ध को ख़त्म करने की दिशा में अब तक बहुत कम प्रगति दिखाई दी है. उन्होंने शनिवार के हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
ईरान की ताजा जवाबी कार्रवाई की ख़बर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के सोशल मीडिया पर एक कमेंट के कुछ घंटे बाद हुई है.
हेगसेथ ने लिखा, "यह आसान है: अगर ईरान अमेरिकी जहाज़ों पर गोली चलाता है, तो हम उनके तेल टैंकरों को नष्ट कर देंगे और डुबो देंगे."
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी हमले से पहले ईरान ने दो अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया था. इसके बाद अमेरिका ने ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों पर हमला किया.
सेंटकॉम ने कहा कि उसने दिन में इससे पहले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) की ओर से किए गए कई हमलों को "सफलतापूर्वक टाल दिया". इन हमलों में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाया जा रहा था.
सेंटकॉम ने कहा कि किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुक़सान नहीं पहुंचा.



