लाइव, सिंधु जल संधि विवाद पर भारत का बड़ा बयान, पाकिस्तान को लेकर ये कहा

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सिंधु जल संधि लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह संधि 'भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना और दोस्ती की भावना' से हुई थी, लेकिन 'पाकिस्तान ने पांच दशकों में इस भावना को ख़त्म' कर दिया.

वीडियो छोड़ें और जारी रखें
  • व्हेल ने दिया बच्चे को जन्म
  • एके-47 गन की कहानी
  • एम्बुलेंस में ख़त्म हुई ऑक्सीजन, युवक की मौत
  • स्पेन में ऐसे घुसे हज़ारों प्रवासी
  • घाना के सबसे लंबे शख़्स की 33 साल की उम्र में मौत
  • जंतर मंतर पर आंदोलन खत्म, कुछ ऐसा दिखा नज़ारा
  • अखिलेश यादव

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. सिंधु जल संधि विवाद पर भारत का बड़ा बयान, पाकिस्तान को लेकर ये कहा

    विनय मोहन क्वात्रा

    इमेज स्रोत, LUDOVIC MARIN/AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सिंधु जल संधि लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह संधि 'भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना और दोस्ती की भावना' से हुई थी, लेकिन 'पाकिस्तान ने पांच दशकों में इस भावना को ख़त्म' कर दिया.

    न्यूज़वीक मैगज़ीन में प्रकाशित अपने लेख में क्वात्रा ने कहा, "भारत का सिंधु जल संधि को संधि को स्थगित करना केवल उस वास्तविकता को स्वीकार करना है, जिसे पाकिस्तान की नीतियों ने जन्म दिया."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, क्वात्रा का यह बयान पाकिस्तान की ओर से हाल ही में आयोजित उस सम्मेलन के बाद आया है, जिसमें भारत के सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फ़ैसले का विरोध किया गया था.

    भारत ने यह फ़ैसला पहलगाम हमले के एक दिन बाद लिया था, जिसमें चरमपंथियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी.

    क्वात्रा ने कहा कि संधि की प्रस्तावना में इसे ‘सद्भावना और मित्रता की भावना’ से किया गया समझौता बताया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने वर्षों तक अपने क़दमों से इस भावना को कमज़ोर किया.

    क्वात्रा ने आरोप लगाया, "पाकिस्तान ने 1965, 1971 और 1999 में भारत के ख़िलाफ़ युद्ध किए और इसके अलावा लंबे समय तक सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिया."

    इस दौरान उन्होंने संसद हमले (2001), मुंबई हमला (2008), पठानकोट और उरी हमले (2016), पुलवामा हमला (2019) और पहलगाम हमले (2025) का भी उल्लेख किया.

    विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, "अगर पाकिस्तान वास्तव में द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का सहयोग चाहता है तो उसे सबसे पहले वर्षों से बनाए गए आतंकी ढाँचे को ख़त्म करना होगा."

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जल संकट के लिए वहां की सरकार की ख़राब जल प्रबंधन नीतियां ज़िम्मेदार हैं.

    क्वात्रा ने कहा कि पाकिस्तान को भारत पर आरोप लगाने के बजाय अपनी जल उत्पादकता और घरेलू व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.

  2. डोनाल्ड ट्रंप ने किसके कहने पर रोके ईरान पर हमले?

    डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Kevin Dietsch/Getty Images

    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर हमले रोकने का एलान किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले रोकने का एलान किया है. ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी दी.

    इससे पहले समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फ़ोन पर बातचीत की थी.

    इस दौरान उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की अपील की.

    रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए क़तर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), तुर्की और पाकिस्तान भी कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए थे.

    वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किए गए अपने पोस्ट में दावा किया कि ईरान और मध्य-पूर्व के कुछ अन्य देशों की ओर से हमले रोकने का आग्रह किया गया था.

    दरअसल, तनाव कम करने की कोशिशों के तहत क़तर के मध्यस्थों ने शनिवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और ओमानी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं.

    इन बैठकों में होर्मुज़ स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए संभावित समझौते पर चर्चा हुई.

    ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज़ स्ट्रेट को बिना किसी बाधा के खोलने की बात शामिल है.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले रोकने का किया एलान, बताई ये वजह

    डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Aaron Schwartz / AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है कि एक समझौते की रूपरेखा तय हो गई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एलान किया है कि ईरान पर फ़िलहाल के लिए हमले रोक दिए गए हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि एक समझौते की रूपरेखा तय हो गई है.

    ट्रंप ने कहा, "अमेरिका के पास द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अब तक की सबसे बड़ी सैन्य ताक़त है और वो ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए तैयार है. लेकिन ईरान और कुछ अन्य मध्य-पूर्वी देशों की ओर से हमला रोकने का अनुरोध किया गया, क्योंकि समझौते की रूपरेखा तय हो गई है."

    अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक़, प्रस्तावित समझौते में होर्मुज़ स्ट्रेट को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के खोलना होगा. इसके अलावा, ईरान के परमाणु ख़तरे को ख़त्म करना शामिल होगा.

    ट्रंप ने कहा, "दुनिया के भविष्य और ईरान की स्थिरता और समृद्धि को ध्यान में रखते हुए हमले को रद्द करने का फ़ैसला किया है."

    ट्रंप ने यह भी कहा कि इस फ़ैसले में इसराइल भी उनके साथ है. उन्होंने ट्रुथ सोशल के पोस्ट में सभी पक्षों से समझौते को जल्द पूरा करने के लिए कहा है.

  4. 'गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफ़ा दें', 23 दिन भूख हड़ताल पर रहीं नेहा बोरा ने और क्या कहा

    नेहा बोरा

    इमेज स्रोत, Santosh Kumar/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि जवाबदेही गृह मंत्री और पुलिस आयुक्त की बनती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 20 जुलाई को दिल्ली में पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग दोहराई है.

    नेहा बोरा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि आंदोलन अब केवल पेपर लीक के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने का अभियान बन चुका है.

    23 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहीं बोरा ने स्पष्ट किया कि अमित शाह के इस्तीफ़े और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को हटाने की मांग तब तक जारी रहेगी, जब तक गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई सुनिश्चित नहीं हो जाती.

    उन्होंने कहा कि जवाबदेही केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित नहीं रह सकती.

    बोरा ने आरोप लगाया कि जवाबदेही गृह मंत्री और पुलिस आयुक्त की बनती है. उन्होंने कहा कि किसी निचले स्तर के अधिकारी का निलंबन पर्याप्त नहीं है.

    आइसा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि सुरक्षा बलों को पेलेट गन और कीलें लगी लाठियां क्यों दी गई थीं.

    उन्होंने कहा कि चाहे कार्रवाई मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई हो या वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर, इसकी राजनीतिक ज़िम्मेदारी अंततः केंद्रीय गृह मंत्री की है.

    नेहा बोरा ने कहा, "अगर यह मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुआ तो गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल उठता है. अगर यह आपके आदेश पर हुआ तो यह सवाल है कि आम नागरिकों पर पैलेट गन चलाने वाला कैसा राज्य चलाया जा रहा है."

    उन्होंने कहा कि आंदोलन अब केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि क्या सरकार आम नागरिकों के साथ इतना कठोर व्यवहार कर सकती है.

    बोरा ने कहा कि छात्रों और युवाओं में उपजा असंतोष अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस आयुक्त की ओर केंद्रित हो गया है.

  5. पेरू में टूरिस्ट प्लेन क्रैश, क्रू समेत 13 लोगों की मौत, ग्रेस एलिज़ा गुडविन

    पेरू

    इमेज स्रोत, Mariajulia VAREMAN / AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, हादसे का शिकार हुए विमान में 11 पर्यटक और दो पायलट सवार थे

    पेरू में एक छोटा विमान शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पेरू के अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है.

    जानकारी के अनुसार, सेसना कैरावान सी-208 विमान शनिवार को दक्षिणी पेरू स्थित विश्व प्रसिद्ध नाज़्का लाइन्स के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में 11 पर्यटक और दो पायलट सवार थे.

    पेरू की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक़, मृतकों में दो जर्मन, दो स्पेनिश और सात इटैलियन पर्यटक शामिल हैं. फ़िलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है और मामले की जांच जारी है.

    पुलिस मेजर जॉर्ज एंड्रेड ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि दुर्घटना बेहद भीषण थी और इसमें किसी के भी जीवित बचने की संभावना नहीं रही.

    उन्होंने बताया कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं.

    हादसा स्थानीय समयानुसार दोपहर क़रीब एक बजे हुआ, जब विमान ने पिस्को हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. विमान नाज़्का लाइन्स के ऊपर टूरिस्टों को एयर ट्रैवल करा रहा था.

    प्रशासन के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान स्थानीय एयरलाइन एरोडियाना का था. एयरलाइन ने अपने बयान में कहा है कि वह संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के हिसाब से अपने फ़्लाइट शेड्यूल की समीक्षा करेगा.

    गौरतलब है कि नाज़्का लाइन्स के ऊपर पर्यटक विमानों के हादसे पहले भी हो चुके हैं.

    साल 2022 में यहां एक छोटा पर्यटक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी. इससे पहले 2010 में भी इसी क्षेत्र में हुए विमान हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी.

    नाज़्का लाइन्स पेरू का एक मशहूर पर्यटन स्थल है और इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया है.

    यहां रेगिस्तान की ज़मीन पर बने हज़ारों साल पुराने बड़े-बड़े चित्र देखने के लिए पर्यटक छोटे विमानों से हवाई सैर करते हैं.

  6. रूस: मॉस्को में रेस्तरां के बाहर ब्लास्ट- तीन लोगों की मौत, 21 घायल, रॉबर्ट ग्रीनॉल

    मॉस्को

    इमेज स्रोत, Natalia Kolesnikova/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, रूसी सरकारी मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि धमाका एक होममेड विस्फोटक उपकरण के कारण हुआ

    रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार शाम एक इटैलियन रेस्तरां के बाहर हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हो गए.

    रूसी सरकारी मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि धमाका एक घरेलू (होममेड) विस्फोटक उपकरण के कारण हुआ.

    जानकारी के मुताबिक़, यह धमाका स्थानीय समयानुसार रात क़रीब 8 बजे शहर के मध्य स्थित कुड्रिंस्काया स्क्वायर के पास हुआ.

    नेशनल एंटी-टेररिस्ट कमेटी के मुताबिक़, एक महिला विस्फोटक लेकर रेस्तरां के अंदर जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सुरक्षा गार्ड ने उसे रोक दिया.

    इसी दौरान विस्फोट हो गया, जिसमें महिला, सुरक्षा गार्ड और रेस्तरां में मौजूद एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई.

    घटना के समय वहां एक निजी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था.

    फ़िलहाल अधिकारियों ने कार्यक्रम में शामिल लोगों की सूची सार्वजनिक नहीं की है और न ही यह बताया है कि हमले का संभावित निशाना कौन था.

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, विस्फोट के बाद कई लोगों को ख़ून से लथपथ हालत में रेस्तरां से बाहर निकाला गया.

    गौरतलब है कि हाल के वर्षों में मॉस्को और उसके आसपास कई वरिष्ठ रूसी सैन्य अधिकारियों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं. इन हमलों के लिए मॉस्को यूक्रेन पर आरोप लगाता रहा है.

  7. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.