अमेरिका ने बताया ईरान के साथ अगली बैठक में उसकी तरफ़ से कौन होगा शामिल
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इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि क़तर की राजधानी दोहा में मंगलवार को ईरान के साथ बैठक होनी है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने फ़ॉक्स न्यूज़ को इस बैठक से जुड़ी जानकारी साझा की है.
लेविट ने बताया कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और ट्रंप के दामाद जैरेड कुश्नर इस हफ़्ते उच्च स्तरीय बैठक के लिए दोहा जा रहे हैं.
गौरतलब है कि 17 जून को अमेरिका और ईरान ने 14 बिंदुओं वाला एक समझौता (एमओयू) साइन किया था. इसमें तुरंत और स्थायी रूप से सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई ख़त्म करने की बात शामिल थी.
हालांकि, दो हफ़्ते से भी कम समय में दोनों तरफ़ से नए हमलों के कारण समझौता ख़तरे में पड़ गया.
'वैभव सूर्यवंशी को मौक़ा न देना ग़लती', भारत की हार पर बोले पूर्व क्रिकेटर
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इमेज कैप्शन, पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनिंदर सिंह ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में होना चाहिए था (फ़ाइल फ़ोटो)
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनिंदर सिंह का कहना है कि आयरलैंड के ख़िलाफ़ दो मैचों की टी-20 सिरीज़ में वैभव सूर्यवंशी को मौक़ा न देना भारतीय टीम की ग़लती रही.
मनिंदर सिंह ने कहा, "मेरी सबसे बड़ी दलील यही है कि वैभव सूर्यवंशी के लिए जगह बनानी चाहिए थी."
उन्होंने कहा, "अगर ओपनिंग में नहीं तो नंबर 3 या नंबर 4 पर ही सही, कहीं भी... लेकिन उसे टीम में होना चाहिए था. यही जगह है जहां मुझे लगता है कि हमारी प्लानिंग में थोड़ी ग़लती हुई."
गौरतलब है कि रविवार को आयरलैंड ने भारत को दूसरे टी-20 मैच में भी हरा दिया. इस तरह से उसने दो मैचों की सिरीज़ पर 2-0 से क़ब्ज़ा कर लिया.
साल 2023 के बाद से यह भारत की पहली टी-20 सिरीज़ हार है.
क्या भारत-पाकिस्तान के बीच श्रीलंका में हुई बातचीत? विदेश सचिव ने ये बताया
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इमेज कैप्शन, सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में विक्रम मिसरी ने मीडिया से बातचीत की (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंधों पर विदेश में आयोजित 'ट्रैक-2 संवाद' से सरकार का कोई संबंध नहीं है.
विक्रम मिसरी ने कहा कि संवाद में हिस्सा लेने वाले सेवानिवृत्त राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों या अन्य लोगों की यह निजी भागीदारी है.
सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान मिसरी ने कहा, "कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले ये लोग भारत सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. सरकार ऐसे आयोजनों का संज्ञान तक नहीं लेती है."
विक्रम मिसरी ने की यह टिप्पणी उन ख़बरों के संदर्भ में थी, जिनमें दावा किया गया कि बीते हफ़्ते श्रीलंका के कोलंबो में एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन से अलग 'ट्रैक-2 वार्ता' हुई.
रिपोर्ट्स में दावा है कि इस बैठक में भारत-पाकिस्तान के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और राजनयिक शामिल हुए.
चंबल के डकैत जगन गुर्जर की हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, जगन गुर्जर के साथ सेल में बंद हार्डकोर अपराधी पर हत्या का आरोप है (फ़ाइल फ़ोटो)
राजस्थान में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की सोमवार को हत्या हो गई.
मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी हर्षवर्धन, न्यायिक मजिस्ट्रेट समेत वरिष्ठ अधिकारी मौक़े पर पहुंचे.
डीजी जेल अशोक कुमार राठौड़ ने जगन गुर्जर की हत्या की पुष्टि की है.
उन्होंने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "क़रीब 11 बजे से तीन बजे के बीच में हत्या की गई है. राउंड के दौरान हत्या की जानकारी मिलने के बाद एफएसएल टीम ने मौक़े से साक्ष्य जुटाए हैं."
जगन गुर्जर के साथ सेल में बंद हार्डकोर अपराधी पर हत्या का आरोप है.
कांग्रेस ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, "राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर जेल में बंद जगन गुर्जर की संदिग्ध मौत जेल प्रशासन और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल है. अगर हाई सिक्योरिटी जेल में भी कोई सुरक्षित नहीं है, तो आखिर सुरक्षा व्यवस्था कहां है?"
जगन गुर्जर धौलपुर ज़िले के बाड़ी पुलिस थाना इलाक़े के भवुतीपुरा गांव के रहने वाले थे. उनके ऊपर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, अपहरण, लूट समेत सौ से ज़्यादा गम्भीर अपराध के मामले दर्ज थे.
साल 1994 में जगन गुर्जर ने अपने बहनोई की मौत का बदला लेने के लिए हत्या की. इसके बाद उन्होंने अपनी गैंग बनाई और चंबल इलाक़े के कुख्यात डकैतों में उनका नाम जुड़ गया.
जगन गुर्जर ने साल 2001 से 2018 तक चार बार आत्मसमर्पण किया, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने कई गंभीर अपराध किए.
साल 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बाड़ी इलाक़े में महल को उड़ाने की धमकी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने जगन पर 11 लाख का इनाम घोषित किया था.
वेनेज़ुएला भूकंप: पांच दिन बाद मलबे से ज़िंदा निकाला गया शख़्स
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इमेज कैप्शन, शख़्स को वेनेज़ुएला, मेक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमों ने ज़िंदा बाहर निकाला है
वेनेज़ुएला में भूकंप आने के पांच दिनबाद ला गुआइरा राज्य में 21 साल के एक युवक को मलबे से ज़िंदा निकाला गया है.
शख़्स को वेनेज़ुएला, मेक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमों ने ज़िंदा बाहर निकाला है. यह जानकारी एल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने दी.
बचाए गए शख़्स का नाम आरोन लेवी कैंटिलो वर्गास है, जो काराबायेदा शहर में मलबे के नीचे ज़िंदा पाया गया. आरोन अब विशेष मेडिकल देखभाल में हैं.
वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने बताया कि बचाव अभियान 43 घंटे चला, जबकि आरोन 106 घंटे तक फंसा रहा.
बुकेले ने पहले बताया था कि बचाव टीम और आरोन के बीच एक मृत व्यक्ति का शव था, जिससे बचाव अभियान में मुश्किल हुई.
अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति ने कहा कि बचावकर्मी अभी और ज़िंदगियां बचाने की उम्मीद में अपना काम जारी रखेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान के साथ कल दोहा में होगी मीटिंग
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की मांग पर यह बैठक हो रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ कल यानी मंगलवार को क़तर की राजधानी दोहा में बैठक होगी.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी दी है. ट्रंप ने लिखा, "ईरान ने मीटिंग की मांग की है, यह बैठक कल दोहा में होगी."
इससे पहले एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर हमले रोकने और समझौते पर बातचीत जारी रखने पर सहमति बनाई है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, एक अमेरिकी अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को भेजे ईमेल में लिखा, "समझौते के सभी पहलुओं पर तकनीकी चर्चा जारी रहेगी. दोनों पक्ष फ़िलहाल तनाव नहीं बढ़ाएंगे और जहाज़ों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने दिया जाएगा."
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य हमलों की वजह से तनाव बढ़ गया था. इन घटनाओं से यह चिंता बढ़ गई थी कि युद्धविराम टिकेगा या नहीं.
इमेज कैप्शन, मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें से एक को संदिग्ध माना जा रहा है
जर्मनी के उत्तरी शहर स्टेड में सोमवार को हुई गोलीबारी की घटना में पांच लोगों की मौत हो गई.
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें से एक को संदिग्ध माना जा रहा है.
पुलिस का कहना है कि फ़िलहाल आम जनता के लिए किसी तरह का ख़तरा नहीं है. घटना के बाद इलाक़े में बड़ी संख्या में पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारी तैनात हैं.
प्रशासन ने सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से अपील की है कि वे एहतियात के तौर पर घटना स्थल और उसके आसपास के क्षेत्र से दूर रहें.
स्टेड की आबादी क़रीब 50 हज़ार है. यह शहर जर्मनी के हैम्बर्ग के पश्चिम में स्थित है.
ओलंपिक में क्रिकेट टीमों के क्वालिफिकेशन सिस्टम को मंजूरी, भारतीय महिला टीम की जगह पक्की
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इमेज कैप्शन, भारतीय महिला टीम पहले ही क्वालिफ़ाई कर चुकी है, उन्होंने आईसीसी महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ज़रिए अपनी सीट पक्की कर ली है (फ़ाइल फ़ोटो)
इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक गेम्स में क्रिकेट टूर्नामेंट्स के लिए क्वालिफ़िकेशन सिस्टम को मंज़ूरी दे दी है.
इस नई प्रणाली में महिला और पुरुष टीमों के लिए अलग-अलग क्वालिफिकेशन तरीके निर्धारित किए गए हैं. इसमें पहली बार आईसीसी ओलंपिक क्वालिफ़ायर भी शामिल किया गया है.
आईसीसी ने बताया कि पुरुष और महिला दोनों टी-20 टूर्नामेंट में छह-छह टीमें खेलेंगी. अफ़्रीका, एशिया, यूरोप और ओशिनिया से कम से कम एक-एक टीम को जगह मिलेगी.
छह में से पांच स्थानों का फैसला मौजूदा आईसीसी टूर्नामेंटों और टी-20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर होगा, जबकि छठा और अंतिम स्थान 2027 में होने वाले नए आईसीसी ओलंपिक क्वालिफ़ायर से तय होगा.
भारतीय महिला टीम क्वालिफ़ाई कर चुकी है. उन्होंने आईसीसी महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ज़रिए अपनी सीट पक्की कर ली है. ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड के जरिए), और दक्षिण अफ़्रीका की महिला टीमों की भी एंट्री तय है.
हालांकि, भारत महिला वर्ल्ड कप 2026 में सेमीफ़ाइनल तक नहीं पहुंच पाया और अपने ग्रुप में तीसरे नंबर पर रहा, लेकिन क्वालिफ़िकेशन सिस्टम की वजह से उन्हें ओलंपिक टिकट मिल गया.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामलाः सभी आठ अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
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इमेज कैप्शन, अभियुक्तों को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए भ्रष्टाचार विरोधी अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा के सामने पेश किया गया (फ़ाइल फ़ोटो: राम मंदिर)
अयोध्या राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की कथित चोरी और गड़बड़ी मामले में सभी आठ अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अभियुक्तों को पहले की न्यायिक हिरासत ख़त्म होने के बाद वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए भ्रष्टाचार विरोधी अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा के सामने पेश किया गया.
इससे पहले आठों अभियुक्तों को एक विशेष मजिस्ट्रेट ने सोमवार तक तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था.
सोमवार को ही फ़ैज़ाबाद बार एसोसिएशन ने आम सभा की बैठक में राम मंदिर मामले के अभियुक्तों की पैरवी नहीं करने का फ़ैसला लिया.
बार एसोसिएशन ने यह भी तय किया कि अगर उसका कोई सदस्य इन अभियुक्तों की ओर से पैरवी करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी.
हरियाणा और राजस्थान के बीच इस अहम समझौते पर हुए दस्तख़त
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इमेज कैप्शन, समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मौजूद रहे
हरियाणा और राजस्थान के बीच जल बंटवारे के मुद्दे पर सोमवार को एक बड़ा फ़ैसला हुआ. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यह समझौता 1994 में बने अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते को लागू करने के लिए है.
इसके अनुसार, राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराया जाएगा. राजस्थान को मानसून वाले महीनों में हथिनी कुंड बैराज से अंडरग्राउंड पाइपलाइन के ज़रिए पानी मिलेगा.
समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे.
गौरतलब है कि यह समझौता 32 साल पहले 1994 में हुआ था, लेकिन अब तक लागू नहीं हो पाया क्योंकि राजस्थान तक पानी पहुंचाने के लिए नहर प्रणाली नहीं थी.
कार्टून: इसमें हंसने की क्या बात है?
इमेज कैप्शन, युगांडा में दो मीडिया हाउस बंद किए जाने पर आज का कार्टून
'ईरान-अमेरिका के बीच हमले रोकने पर सहमति बनी', अमेरिकी अधिकारी ने और क्या बताया
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इमेज कैप्शन, पिछले कुछ दिनों में ईरान और अमेरिका एक-दूसरे पर हमलावर रहे (सांकेतिक तस्वीर)
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर हमले रोकने और समझौते पर बातचीत जारी रखने पर सहमति बनाई है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, एक अमेरिकी अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को भेजे ईमेल में लिखा, "समझौते के सभी पहलुओं पर तकनीकी चर्चा जारी रहेगी. दोनों पक्ष फ़िलहाल तनाव नहीं बढ़ाएंगे और जहाज़ों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने दिया जाएगा."
दो अमेरिकी अधिकारियों और मामले से जुड़े एक सूत्र ने एक्सियोस वेबसाइट को बताया कि दोनों पक्षों के बीच मंगलवार को क़तर में फिर से बातचीत शुरू होगी.
सीएनएन ने भी एक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि मंगलवार को दोहा में बातचीत जारी रखने के लिए मिलेंगे.
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है.
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में होर्मुज़ स्ट्रेट के प्रबंधन को लेकर विवाद बढ़ गया था. इसके अलावा, ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य हमले भी हुए. इन घटनाओं से यह चिंता बढ़ गई थी कि युद्धविराम टिकेगा या नहीं.
ईरान और अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर दोबारा मिलेंगे, अब क्या होगा?
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अकाल तख़्त का पंजाब सरकार को आदेश- एक महीने में बेअदबी क़ानून संशोधित करो
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इमेज कैप्शन, जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि क़ानून को लेकर जो भी आपत्तियां थीं, उन्हें दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है
अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने सोमवार को पंजाब सरकार को बेअदबी क़ानून से जुड़ी आपत्तियां एक महीने के भीतर दूर करने का निर्देश दिया.
यह निर्देश अमृतसर में अकाल तख़्त की ओर से बुलाए गए कार्यक्रम में पंजाब के सभी सिख विधायक और कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में दिया गया.
बीबीसी पंजाबी के मुताबिक़, जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि क़ानून को लेकर जो भी आपत्तियां थीं, उन्हें दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है.
उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि सरकार एक महीने के भीतर विधानसभा का सत्र बुलाकर इस क़ानून में संशोधन करेगी."
अकाल तख़्त पर विधायकों को संबोधित करते हुए गरगज ने कहा, "सरकार धार्मिक मामलों में दख़ल न दे."
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, अकाल तख़्त सचिवालय में पेश होने के बाद बाहर आए और कहा कि जो भी चर्चा हुई है, उसे सरकार के सामने विचार के लिए रखा जाएगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अकाल तख़्त ने पहले ही राज्य सरकार से कहा था कि इस क़ानून की कुछ धाराएं 'गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ और संगत की भावनाओं के ख़िलाफ़' हैं, इन्हें हटाया जाए.
क्या है मामला
दरअसल, 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा ने "जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026" सर्वसम्मति से पास किया.
इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के लिए सख़्त सज़ा का प्रावधान है, जिसमें उम्रक़ैद भी शामिल है.
जत्थेदार गरगज ने इस मीटिंग से ठीक पहले आप सरकार पर धार्मिक मामलों और अकाल तख़्त की सत्ता में दख़ल देने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि पार्टी इस क़ानून के ज़रिए गुरु और सिखों के बीच आने की कोशिश कर रही है.
गरगज ने कहा, "हमें गुरु पंथ और गुरु ग्रंथ साहिब के ख़िलाफ़ नहीं जाना चाहिए. हमें सिख पंथ की भावनाओं के अनुसार चलना चाहिए."
गांधी परिवार पर नितिन नबीन के बयान को लेकर कांग्रेस की तीख़ी प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, नितिन नबीन ने रविवार को हैदराबाद में एक भाषण के दौरान कहा कि घोटालों का पर्याय बन चुका 'यह परिवार कोई और नहीं, बल्कि कांग्रेस परिवार है' (फ़ाइल फ़ोटो)
गांधी परिवार पर बीजेपी के राष्ट्रीय
अध्यक्ष नितिन नबीन की टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है.
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना
पटोले ने कहा, "नितिन नबीन और उनके जैसे लोग इस देश
के लिए नेहरू-गांधी परिवार के बलिदानों को नहीं समझते. उन्हें इतिहास की जानकारी
नहीं है. उनकी सोच वही है, जो
नरेंद्र मोदी, बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
की सोच है."
"यही वे लोग हैं, जो
बार-बार हमारे देश का अपमान करते हैं. इनमें डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ बोलने की भी
हिम्मत नहीं है. इससे पता चलता है कि इन्होंने किस हद तक आत्मसमर्पण कर दिया है.”
उन्होंने कहा, “यहां तक कि राम मंदिर के लिए लोगों ने भगवान राम के प्रति श्रद्धा से
जो चंदा दिया था, उसे भी कथित तौर पर इन लोगों ने हड़प
लिया. वे इस बारे में बात क्यों नहीं करते? इन्होंने भगवान श्रीराम और उस मंदिर को भी नहीं छोड़ा, जो हम सभी के लिए पवित्र और पूजनीय है."
"ऐसे
बीजेपी नेता, जो ख़ुद को दुनिया की सबसे बड़ी
राजनीतिक पार्टी बताते हैं और लगातार अपनी ही तारीफ़ करते रहते हैं, उन्हें गांधी परिवार के ख़िलाफ़ बोलने का कोई
अधिकार नहीं है."
नितिन नबीन ने क्या कहा था
नितिन नबीन ने रविवार को हैदराबाद
में एक भाषण के दौरान कहा था, "घोटालों
का पर्याय बन चुका यह परिवार कोई और नहीं, बल्कि
कांग्रेस परिवार है."
"यह ऐसा परिवार है, जिसकी
सोच भारतीय से ज़्यादा इतालवी है. उस इतालवी सोच से संचालित सरकार को भारत में कोई
अवसर नज़र नहीं आएगा."
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह
आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर
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चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को 3 दिन में अयोध्या छोड़ने की बार एसोसिएशन की चेतावनी, अरशद अफ़ज़ाल ख़ान, अयोध्या से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, फ़ैज़ाबाद बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के अयोध्या छोड़ने की मांग की (फ़ाइल फ़ोटो)
फ़ैज़ाबाद बार एसोसिएशन ने सोमवार को
हुई आम सभा की बैठक में राम मंदिर मामले के अभियुक्तों की पैरवी नहीं करने का
फ़ैसला लिया.
बार एसोसिएशन ने यह भी तय किया कि
अगर उसका कोई सदस्य इन अभियुक्तों की ओर से पैरवी करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी सदस्यता
समाप्त कर दी जाएगी.
बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने
ज़ोरदार ढंग से मांग की कि चंपत राय, अनिल
मिश्रा और गोपाल राव अयोध्या छोड़ दें.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये तीनों
शख़्स तीन दिन के भीतर अयोध्या नहीं छोड़ते हैं, तो पूरे शहर की नाकाबंदी कर दी जाएगी और किसी को भी शहर में प्रवेश
नहीं करने दिया जाएगा.
बार एसोसिएशन चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के ख़िलाफ़ आपराधिक
मामला दर्ज कराने की मांग को लेकर अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3)
के तहत आवेदन भी दायर करेगा. बार एसोसिएशन इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी कर
रहा है.
अयोध्या के वकीलों ने राम मंदिर में
चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ़्तार अभियुक्तों की पैरवी नहीं करने के
अपने पुराने फ़ैसले को दोहराया है.
फ़ैज़ाबाद बार एसोसिएशन ने साल 2005
में भी ऐसा ही फ़ैसला लिया था, जब राम
मंदिर पर हुए चरमपंथी हमले के मामले के अभियुक्तों को फ़ैज़ाबाद अदालत में पेश
किया गया था.
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र
जायसवाल ने कहा, "मंदिर में चढ़ावे की चोरी से हम सभी
की भावनाएं आहत हुई हैं. फ़ैज़ाबाद के वकीलों ने गिरफ़्तार अभियुक्तों की ओर से
पैरवी नहीं करने पर सहमति जताई है."
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इमेज कैप्शन, राम मंदिर चढ़ावा मामले में बीते कई दिनों से चोरी के आरोप लग रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
महिला टी-20 विश्व कपः कोच अमोल मजूमदार ने बताया भारतीय टीम क्यों हारी
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इमेज कैप्शन, अमोल मजूमदार का मानना है कि अगर भारत को ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टी20 टीमों की बराबरी करनी है तो उसे अपनी रणनीति में कुछ बदलाव करने होंगे
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच
अमोल मजूमदार ने कहा है कि उनकी टीम को टी20 फ़ॉर्मेट में अपनी रणनीति में बदलाव
करने की ज़रूरत है.
आईसीसी के मुताबिक़, यह टिप्पणी उन्होंने आईसीसी महिला
टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में भारतीय टीम जगह बनाने में नाकाम रहने के
बाद की.
महिला टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल
में भारत ने आख़िरी बार 2023 में जगह बनाई थी. रविवार को लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया
के ख़िलाफ़ छह विकेट की हार के साथ भारत लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट के नॉकआउट
स्टेज में पहुंचने से चूक गया.
अमोल मजूमदार का मानना है कि अगर
भारत को ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टी20 टीमों की बराबरी करनी है तो उसे अपनी रणनीति
में कुछ बदलाव करने होंगे.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें अपने टी20 खेल की रणनीति पर
फिर से विचार करना होगा. हमें इस बात पर गंभीरता से काम करना होगा कि हम किन
कॉम्बिनेशंस के साथ खेलेंगे."
जब उनसे पूछा गया कि टी20 क्रिकेट
में भारत को किन बदलावों की ज़रूरत है, तो अमोल
मजूमदार ने गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग में तुरंत सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
उन्होंने कहा, "बल्लेबाज़ी की बात करें तो मुझे लगता है कि हम
काफ़ी इंटेंट के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे हैं. हमारी सोच पॉज़िटिव रही है. हम चौके
और छक्के लगाने के बारे में सोच रहे हैं. मॉर्डर्न क्रिकेट में यही अहम है और मेरा
मानना है कि टी20 क्रिकेट पूरी तरह चौकों और छक्कों का खेल है. इसलिए हमारी सोच और
हमारा खेलने का तरीक़ा वैसा ही रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन मुझे लगता है कि हमारी गेंदबाज़ी को भी
अपना स्तर थोड़ा और ऊंचा करना होगा. सच कहूं तो गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग ने हमारी
मदद नहीं की. इसलिए हमें पीछे जाकर यह सोचना होगा कि टी20 क्रिकेट में हमारा
अप्रोच क्या होगा और हम सकारात्मक मानसिकता के साथ कैसे आगे बढ़ेंगे."
मजूमदार ने कहा कि भारत का बॉलिंग
अटैक अभी युवा और कम अनुभवी है. टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज़
श्री चरणी और तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़, दोनों की
उम्र अभी 23 वर्ष से कम है.
कोच ने स्पिनर श्रेयंका पाटिल की
ग़ैर-मौजूदगी को भी अहम बताया. टूर्नामेंट के दौरान चोट लगने के कारण वह
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ महत्वपूर्ण मैच नहीं खेल सकीं.
उन्होंने कहा, "अगर आप हमारी बॉलिंग अटैक को देखें, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभव के लिहाज़ से
यह काफ़ी अनुभवहीन रहा है. मैं पहले भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह बात कह चुका हूं
कि हमें 18 महीने का समय दीजिए, यह
बॉलिंग अटैक पूरी तरह अलग नज़र आएगा."
व्लादिमीर पुतिन बोले- यूक्रेन मुद्दे पर रूस अमेरिकी शर्तों के तहत समझौते के लिए तैयार
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इमेज कैप्शन, पुतिन ने कहा कि रूस एंकरेज में बनी सहमति के तहत अमेरिका से आगे बातचीत के लिए राज़ी है
रूस के समाचारी संस्थान आरटी
के मुताबिक़, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा
है कि यूक्रेन मुद्दे पर एंकरेज में अमेरिका के साथ हुई बातचीत में रूस ने उन
शर्तों को स्वीकार किया है, जिनके
लिए समझौते (कंप्रोमाइज़) करने पड़ेंगे.
आरटी ने पुतिन के इंटरव्यू की एक
क्लिप साझा की है. इसमें पुतिन से यूक्रेन मसले और अमेरिका के साथ बातचीत पर सवाल
पूछा गया.
क्लिप के ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक़,
पुतिन कहते हैं, "एंकरेज में कोई एग्रीमेंट नहीं हुआ था. आपने कहा कि यूरोपीय नेताओं ने
यूक्रेन में हो रही घटनाओं को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति को मना लिया है. मुझे इस
बारे में कुछ भी नहीं पता है और मुझे नहीं लगता कि यह मुमकिन है. क्योंकि अमेरिकी
राष्ट्रपति एक मेच्योर पॉलिटिशियन हैं."
उन्होंने कहा, "एंकरेज में जो बातचीत हुई वह किसी दस्तावेज में
दर्ज नहीं है. किसी ने भी हस्ताक्षर नहीं किए, लेकिन हमने यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की संभावनाओं पर चर्चा
की."
"हमें कंप्रोमाइज़ करने के लिए कहा
गया. हमने इस पर विचार किया, तुरंत
नहीं. लेकिन एंकरेज पहुंचने के बाद हमने कहा, 'हां, हम सहमत हैं'. हमें अमेरिकी प्रशासन का दूसरा कोई पक्ष सुनने को नहीं मिला है."
वहीं, रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी तास के मुताबिक़, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन मामले के समाधान के लिए रूस उससे जुड़े सभी मुद्दों और तौर-तरीक़ों पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने के लिए तैयार है.
तास के मुताबिक़, पुतिन ने कहा, "हम आगे भी बातचीत और चर्चा जारी रखने के लिए तैयार हैं, जिसमें सभी बारीक़ियों पर बात होगी. अगर पूरी तरह सहमति नहीं भी बनती, तब भी उन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जो पहले एंकरेज में बातचीत के दौरान उठाए गए थे."