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लाइव, पाकिस्तान की तारीफ़ में अब क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि मध्य पूर्व में शांति को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका है. इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान का शुक्रिया भी अदा किया.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. पाकिस्तान की तारीफ़ में अब क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि मध्य पूर्व में शांति को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका है. इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान का शुक्रिया भी अदा किया.

    मार्को रुबियो ने यह बयान शुक्रवार को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार से मुलाक़ात के बाद दिया है.

    मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार से मुलाक़ात की. उन्हें धन्यवाद दिया कि पाकिस्तान लगातार मध्य पूर्व में शांति को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहा है."

    उन्होंने लिखा, "हमने इस बात पर सहमति जताई कि साथ मिलकर काम करना ज़रूरी है ताकि हमारी साझेदारी और मजबूत हो सके, जिससे दोनों देशों की और अधिक तरक्की हो."

    दूसरी ओर, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने "बदलते क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा की."

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में यह भी कहा गया, "विदेश मंत्री रुबियो ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान की कोशिशों को स्वीकार किया."

    गौरतलब है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार शुक्रवार को ही अमेरिका पहुंचे थे.

    यह दौरा उस वक़्त हो रहा है, जब यह माना जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है.

  2. डोनाल्ड ट्रंप ने 'ईरान युद्ध' पर की बैठक, जानें क्या निकला नतीजा, ईफ़ा वॉल्श

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रमुख सलाहकारों के साथ ईरान युद्ध पर बैठक की. हालांकि, इस बैठक के बाद भी अमेरिका की आगे की रणनीति स्पष्ट नहीं हो पाई है.

    व्हाइट हाउस में शुक्रवार को बैठक सिचुएशन रूम में हुई.

    इस जगह का इस्तेमाल बड़े संकटों से निपटने से जुड़ी रणनीति बनाने या चर्चा करने के लिए होता है.

    बैठक की जानकारी देते हुए व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बीबीसी को सिर्फ़ इतना ही बताया कि 'मीटिंग ख़त्म हो गई है.'

    अधिकारी ने इसके अलावा और जानकारी साझा नहीं की.

    व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीबीएस न्यूज़ को बताया, "राष्ट्रपति ट्रंप केवल वही समझौता करेंगे जो अमेरिका के लिए अच्छा होगा और जिससे उनकी शर्तें पूरी होंगी. ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रख सकता."

    गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को अमेरिका और ईरान ने एक शुरुआती समझौते का फ़्रेमवर्क तैयार किया था. इसे "मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग" कहा जा रहा है. लेकिन ये समझौता तभी पक्का होगा जब ट्रंप प्रशासन और ईरान की सरकार इसे मंज़ूरी देंगे.

    यदि यह समझौता लागू होता है तो युद्धविराम (सीज़फ़ायर) को 60 दिन और बढ़ाया जाएगा. साथ ही, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर बातचीत शुरू करने की योजना है. हालांकि, इस पर अभी तक मंज़ूरी नहीं मिल पाई है.