लाइव, प्रधानमंत्री मोदी ने पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी को एक विशिष्ट पहचान दिलाई.

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दीपक मंडल, सुमंत सिंह

  1. प्रधानमंत्री मोदी ने पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर क्या कहा

    तीजन बाई
    इमेज कैप्शन, तीजन बाई साल 2017 में बीबीसी के दफ़्तर आई थीं, यह उसी वक़्त की तस्वीर है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी को एक विशिष्ट पहचान दिलाई.

    पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई."

    उन्होंने कहा, "उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति!"

    तीजन बाई लंबे समय से बीमार थीं. उन्होंने रविवार तड़के रायपुर के एम्स में 70 साल की उम्र में आख़िरी सांस ली.

    छत्तीसगढ़ के भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने कम उम्र में ही पंडवानी गायन शुरू कर दिया था. अपने लंबे कलात्मक सफर में उन्होंने देश और विदेश में अनेक प्रस्तुतियां दीं.

    भारतीय लोक कला में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.

    नरेंद्र मोदी

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा कि तीजन बाई का निधन कला और संस्कृति की दुनिया के लिए बड़ा नुक़सान है
  2. सुनील गावसकर ने इंग्लैंड से हार के बाद भारतीय टीम की ये कमियां बताईं

    सुनील गावसकर

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    इमेज कैप्शन, सुनील गावसकर ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को सामान्य ग़लतियों से बचना होगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी20 मैच में भारत की हार के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावसकर ने भारतीय टीम की कमियों के बारे में बात की है.

    सोनी स्पोर्ट्स के एक कार्यक्रम में उनसे सवाल किया गया था कि भारत को बेहतर करने के लिए आगे क्या करना होगा?

    इस पर उन्होंने कहा, "मुझे लगता है उन्हें बीच के ओवरों में थोड़ा बेहतर खेलना होगा. क्योंकि वे अपने विकेट बीच के ओवरों में गवां रहे हैं. और यही चीज़ उन्हें 200 या 200 से ज़्यादा रन बनाने से रोक रही है."

    "200 या 210 रन हमेशा ही एक चुनौतीपूर्ण स्कोर रहा है. 190 भी चुनौतीपूर्ण स्कोर रहा है, लेकिन रवि बिश्नोई के उस ओवर में नो बॉल आईं और 29 रन गए."

    सुनील गावसकर ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को सामान्य ग़लतियों से बचना होगा.

    उन्होंने कहा, "स्पष्ट तौर पर चाहे वह बल्लेबाज़ी हो या गेंदबाज़ी, भारत को गेम में बने रहना होगा. अगर वे सामान्य ग़लतियां नहीं करते हैं... और कभी कभार विपक्षी टीम के खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, उसमें आप कुछ नहीं कर सकते. लेकिन ग़लतियों को आप रोक सकते हैं."

    "ऐसा कई बार हुआ है जब आप इंटरव्यू में आकर कहते हैं कि 'मैं वो चीज़ कर सकता हूं जो मेरे कंट्रोल में है'. तो आपको वो करना होगा जो आपके कंट्रोल में है. जब आप ऐसा नहीं करते तब टीम हारती है."

  3. एस जयशंकर का आज से मध्य-पूर्व के इन देशों का दौरा, क्या है मक़सद?

    एस जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, एस जयशंकर 11 दिन के विदेश दौरे पर जा रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का मध्य-पूर्व देशों का दौरा रविवार से शुरू हो रहा है. विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर इसकी जानकारी दी.

    शनिवार को जारी हुई प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि जयशंकर 11 दिन के विदेश दौरे पर जा रहे हैं. उनका यह दौरा पांच जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा.

    इस दौरान वह मध्य-पूर्व में क़तर, बहरीन, कुवैत और ओमान जाएंगे. इसके बाद वह न्यूयॉर्क और ब्रसेल्स की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे.

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, डॉ. एस. जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक क़तर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान वह इन चारों देशों के विदेश मंत्रियों और शीर्ष नेतृत्व से मुलाक़ात करेंगे.

    मंत्रालय का कहना है कि इस यात्रा का मक़सद इन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करना है. साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

    इसके बाद जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहाँ वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 की अवधि के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे.

    और फिर वह 14 और 15 जुलाई को ब्रसेल्स में भारत-ईयू ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल की तीसरी बैठक में शामिल होंगे. इस दौरान वह यूरोपियन यूनियन और बेल्जियम के अपने समकक्षों से भी मुलाक़ात करेंगे.

  4. मशहूर पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, लंबे समय से थीं बीमार, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    तीजन बाई

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    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली के एक कार्यक्रम में पंडवानी गायिकी के दौरान तीजन बाई (फ़ाइल फ़ोटो)

    छत्तीसगढ़ की लोक कला पंडवानी को देश और दुनिया में पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के निधन हो गया. वह 70 वर्ष की थीं.

    लंबे समय से बीमार तीजन बाई ने रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली.

    एम्स रायपुर के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर डॉक्टर लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बीबीसी से पुष्टि करते हुए बताया, "तीजन बाई को 27 मई को यहां लाया गया था. उन्हें पार्किंसन से लेकर कई तरह की बीमारियां थीं जिनका इलाज़ चल रहा था."

    उन्होंने बताया, "4-5 जुलाई की दरम्यानी रात उन्हें 2:45 बजे दिल का दौरा पड़ा और लगभग 3:15 बजे उन्होंने अंतिम साँस ली".

    तीजन बाई ने अपनी बुलंद आवाज, प्रभावी अभिनय और अनोखी प्रस्तुति शैली से पंडवानी को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक नई पहचान दिलाई.

    महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत करने की उनकी कला ने उन्हें देश और दुनिया भर में मशहूर कर दिया था. उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

    छत्तीसगढ़ के भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने कम उम्र में ही पंडवानी गायन शुरू कर दिया था. सिर्फ़ 13 साल की उम्र में उन्होंने मंच पर अपना पहला प्रदर्शन किया था.

    अपने लंबे कलात्मक सफर में उन्होंने देश और विदेश में अनेक प्रस्तुतियां दीं. भारतीय लोक कला में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.

  5. तुर्की के राष्ट्रपति ने अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर इसराइल पर लगाया ये आरोप

    अर्दोआन

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    इमेज कैप्शन, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन 4 जुलाई 2026 को इंस्ताबुल में बोलते हुए

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन ने शनिवार को कहा कि इसराइल को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को पटरी से उतारने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के कोशिश तब तक कामयाब नहीं हो सकती जब तक कि क्षेत्रीय देशों का समर्थन और सहयोग न मिले.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इस्तांबुल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अर्दोआन ने कहा, "क्षेत्रीय देशों की इच्छा और उनके योगदान पर आधारित समाधान ही टिकाऊ हो सकता है. ऐसा कोई भी समाधान, जिसे क्षेत्र के देशों का समर्थन न मिले, लंबे समय तक नहीं चल सकता."

    अर्दोआन ने कहा, "हम इसराइली सरकार की उन कोशिशों पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं, जिनका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को पटरी से उतारना है. मौजूदा इसराइली सरकार लगातार युद्ध का रास्ता अपना रही है. उसे हमारे क्षेत्र को एक बार फिर बारूद और खून की गंध में डुबोने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए."

    रेचेप तैयप अर्दोआन

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    इमेज कैप्शन, इस्तांबुल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन

    अर्दोआन पहले भी कई बार इसराइल पर अमेरिका-ईरान समझौते को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगा चुके हैं.

    इसके अलावा उन्होंने गज़ा, लेबनान और सीरिया में इसराइल के सैन्य हमलों की भी बार-बार कड़ी आलोचना की है.

    इससे पहले तुर्की के विदेश मंत्री हकान फ़िदान ने कहा था कि इसराइल इस समय एक नए दुश्मन की तलाश में है.

    फिदान ने सीएनएन तुर्क से बातचीत में कहा था, "जब तक इसराइल या कोई अन्य पक्ष तुर्की के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हितों के ख़िलाफ़ काम करता रहेगा तब तक हमें किसी से डरने, हिचकिचाने या पीछे हटने की कोई वजह नहीं है."

  6. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: पराग्वे को 1-0 से हराकर फ़्रांस क्वॉर्टर फ़ाइनल में, एम्बापे का विजयी गोल

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप

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    इमेज कैप्शन, पराग्वे के ख़िलाफ़ विजयी गोल के बाद जश्न मनाते फ़्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बापे

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट मुक़ाबले में फ़्रांस ने पराग्वे को 1-0 से हराकर क्वॉर्टर फ़ाइनल में एंट्री कर ली.

    फिलाडेल्फिया में 38 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच खेले गए इस मैच में किलियन एम्बापे ने पेनल्टी के ज़रिए मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागा.

    भीषण हीटवेव से जूझ रहे फिलाडेल्फिया में खेले गए इस विश्व कप के राउंड ऑफ 16 मुक़ाबले में पराग्वे ने फ़्रांस को कड़ी टक्कर दी और उसे काफ़ी देर तक मुश्किल में बनाए रखा.

    लेकिन समय रहते किलियन एम्बापे ने 70वें मिनट में पेनाल्टी पर गोल कर फ़्रांस को जीत दिला दी.

    इस जीत के साथ फ़्रांस लगातार चौथी बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है.

    गुस्तावो अल्फारो के मार्गदर्शन में खेल रही पराग्वे की टीम ने 5-4-1 का बेहद रक्षात्मक फॉर्मेशन अपनाया था.

    अब क्वार्टर फ़ाइनल में गुरुवार को उसका मुकाबला मोरक्को से होगा.

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