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बेन स्टोक्स शराब से जुड़े नए विवाद में फँसे, कप्तानी जाने और करियर थमने तक पहुँचा मामला
- Author, स्टीफ़न शेमिल्ट
- पदनाम, क्रिकेट संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
इंग्लैंड की क्रिकेट टीम के सामने एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है.
एशेज में 4-1 से हार का सामना करने के बाद न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में मिली जीत को इंग्लैंड के लिए राहत माना जा रहा था.
लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ी एक बार फिर से शराब से जुड़े विवाद में फँसते नज़र आ रहे हैं.
बीते 9 महीने में इंग्लैंड की टीम के कम से कम छह खिलाड़ी शराब से जुड़े विवाद में फँसे हैं.
हैरी ब्रूक वेलिंगटन में एक बाउंसर से भिड़ गए थे. उस वक़्त जैकब बेथेल और जोश टंग भी उनके साथ मौजूद थे.
वहीं बेन डकेट का नूसा में एक शख़्स ने नशे ही हालत में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था और यह क्लिप वायरल हो गया था.
अब टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स और तेज़ गेंदबाज़ गस एटकिंसन सोमवार सुबह लंदन के एक नाइटक्लब में सारासेन्स एकेडमी के एक खिलाड़ी के साथ इसी तरह की एक घटना में शामिल पाए गए हैं.
इस घटना के सामने आने के बाद इंग्लैंड की टीम के लिए यह कहना मुश्किल होता जा रहा है कि उनकी टीम में नशे की कल्चर नहीं है. ताज़ा घटना सामने आने के बाद ये बात सीधे तौर पर नहीं कही जा सकती है.
ऑस्ट्रेलिया के मुश्किल दौरे पर बेन स्टोक्स इस मुसीबत से बचे रहे. उस वक़्त उन्होंने माना था कि कप्तान के तौर पर वह उनका सबसे कठिन समय था.
लेकिन ताज़ा विवाद में स्टोक्स की मौजूदगी ने इसे काफ़ी गंभीर बना दिया है. एशेज के दौरान ड्रिंक्स से जुड़ी हुई खबरें सामने आई थीं, उसके बाद टीम के लिए किसी सिरीज़ के दौरान नशे को लेकर एक तरह का कर्फ़्यू लगाया गया था.
लेकिन वो पहले मैच के बाद ही ब्रेक हो गया है. बेन स्टोक्स एक लीडर के तौर पर मिसाल कायम करने में नाकाम रहे हैं.
हालांकि अब यह बहस होगी कि क्या पेशेवर खिलाड़ियों को कर्फ्यू में रखा जाना चाहिए. और अगर रखा जाए तो क्या किसी बड़ी टेस्ट जीत के बाद उसमें रियायत दी जानी चाहिए.
लेकिन इस बहस के बावजूद 35 साल के बेन स्टोक्स फिलहाल के लिए एक नई मुश्किल में फँस गए हैं.
पुराना रिकॉर्ड
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने सार्वजनिक रूप से माना है कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है. ईसीबी के बयान में 'सोमवार सुबह' का ज़िक्र करते हुए स्टोक्स और एटकिंसन को सीधे दोषी ठहराया गया है.
अब आगे क्या होता है, इससे स्टोक्स का बतौर कप्तान और शायद अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का भविष्य तय होगा.
हमें पता है कि 21 साल के सारासेन्स फॉरवर्ड टोटोआ अउवा के साथ उनका सामना हुआ था. इंग्लैंड क्रिकेटर और सारासेन्स खिलाड़ी अक्सर एक ही सर्कल में रहते हैं. कुछ सारासेन्स खिलाड़ी लॉर्ड्स में भी मौजूद थे. सारासेन्स इंग्लैंड का पेशेवर रग्बी यूनियन क्लब है.
हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चला है कि घटना कैसे हुई. लेकिन इंग्लैंड की सिक्योरिटी टीम का एक गार्ड चोटिल हुआ और उसे इलाज की ज़रूरत पड़ी. वह शराब नहीं पी रहा था.
अगर स्टोक्स और एटकिंसन सिर्फ़ घटना के दौरान मौजूद थे, तो तो यह ईसीबी पर होगा कि इसे कितना बड़ा अपराध माना जाए.
लेकिन इंग्लैंड की टीम के मौजूदा हालात को देखते हुए बेन स्टोक्स का वहां मौजूद होना टीम का कप्तान बदलने के लिए काफी हो गया है.
स्टोक्स का पुराना रिकॉर्ड भी है. 2013 में इंग्लैंड लायंस दौरे से उन्हें ज़्यादा शराब पीने की वजह से घर भेज दिया गया था.
2017 में ब्रिस्टल नाइटक्लब के बाहर की घटना ने लगभग उनका इंग्लैंड करियर ख़त्म कर दिया था. उन पर हमला करने का आरोप लगा. लेकिन बाद में वह बरी हो गए.
उन्होंने कहा था कि वह आम लोगों की रक्षा कर रहे थे. बाद में उन्होंने बताया कि इस घटना का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे समय तक असर रहा.
पिछले साल की शुरुआत में स्टोक्स ने कहा था कि उन्होंने शराब छोड़ दी है ताकि हैमस्ट्रिंग चोट से उबर सकें. उन्होंने एक बिना-अल्कोहल वाले ड्रिंक ब्रांड में निवेश भी किया.
लेकिन रविवार को न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ जीत के तुरंत बाद वो फिर से शराब पीने के लिए उतालवे हो गए.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टोक्स ने कहा, "मुझे तब तक सच में खुशी नहीं मिलेगी, जब तक लड़कों के साथ बीयर शेयर न कर लूं."
क्रिकेट और शराब का नाता
शायद स्टोक्स, क्रिकेट और शराब के जटिल रिश्ते की एक छोटी तस्वीर है.
एंड्रयू फ्लिंटॉफ का 2005 एशेज़ जीत के बाद शराब पीना इंग्लैंड के खेल से जुड़े क़िस्सों में शामिल है.
वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड ने कहा था कि ट्रैविस हेड ने पिछले एशेज़ में मैदान से बाहर उतना ही एन्जॉय किया, जितना मैदान पर.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अक्सर युवा होते हैं और महीनों तक घर से दूर रहते हैं. लंबे दौरों का मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाला असर अच्छी तरह दर्ज किया गया है.
लेकिन इन सब के बावजूद लंबे दौरों पर भी क्रिकेट से दूर रहने के कई तरीक़े हैं और पब जाने की ज़रूरत नहीं है. बहुत सारे क्रिकेटर बिल्कुल शराब नहीं पीते. कई अन्य खेलों के प्रोफेशनल खिलाड़ी भी कभी शराब को हाथ नहीं लगाते.
हाई-परफॉर्मेंस के नज़रिए से देखें तो देर रात शराब पीना अगले हफ़्ते ओवल में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए फिट रहने का सही तरीक़ा नहीं है.
ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लायन ने हाल ही में बताया कि 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप जीतने के बाद शराब पीने से उनकी पिंडली की चोट बढ़ी. इसके चलते वह तीन हफ़्ते बाद एशेज़ के दूसरे टेस्ट में चोटिल हो गए.
इन सवालों के जवाब कहाँ हैं?
इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच दूसरे टेस्ट के लिए ज़्यादा समय नहीं बचा है. टीम का एलान होना है और आशंका है कि स्टोक्स और एटकिंसन उसमें न हों.
एटकिंसन ने लॉर्ड्स में सात विकेट लिए थे, जो मुश्किल एशेज़ के बाद शानदार वापसी थी. अगर वह जगह खोते हैं तो यह उनके लिए व्यक्तिगत झटका होगा.
लेकिन इंग्लैंड के पास तेज़ गेंदबाज़ों का अच्छा विकल्प है. जोफ्रा आर्चर वापसी कर सकते हैं.
ईसीबी ने माना है कि नियम तोड़े गए हैं और स्टोक्स की मौजूदगी ने हालात को और बिगाड़ दिया है. लेकिन अब सवाल यह है कि कप्तानी किसे दी जाए.
क्या इंग्लैंड सच में कप्तानी ब्रूक को सौंप सकता है? कैसे एक कप्तान नाइटक्लब विवाद की वजह से बाहर हो और उसका विकल्प ख़ुद भी कुछ महीनों पहले नाइटक्लब विवाद से जुड़ा रहा हो.
यही दुविधा है, जिसका सामना कोच मैकुलम, रॉब की, ईसीबी के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गूल्ड और चेयर रिचर्ड थॉम्पसन कर रहे हैं. ताज़ा विवाद ने इंग्लैंड टीम की पूरी व्यवस्था को हिला दिया है.
ईसीबी ने एशेज़ के बाद मैदान और मैदान से बाहर की समीक्षा की थी और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर बदलने की ज़रूरत नहीं समझी थी. लेकिन पहली ही परीक्षा में वे उलझ गए और उनके फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं.
पावर स्ट्रक्चर में स्टोक्स से ऊपर मौजूद सभी लोगों को ये कहने का हक़ है कि स्टोक्स ने उन्हें निराश किया. लेकिन उन्हें भी ज़िम्मेदारी लेनी होगी क्योंकि उन्होंने ऐसा माहौल बनाया, जिसमें स्टोक्स को लगा कि नियम तोड़ना ठीक है.
मैकुलम ने अपनी व्यवस्था को 'अनौपचारिक' बताया था. अब शायद उन्हें उसी अनौपचारिकता पर पछतावा हो रहा होगा.
कुछ सवालों के जवाब मिलने अभी बाकी हैं.
- क्या लंदन की वो रात स्टोक्स से इंग्लैंड कप्तानी छीनने के लिए काफ़ी है?
- क्या स्टोक्स को महसूस होगा कि उनके लिए हालात अब अच्छे नहीं हैं.
- क्या ईसीबी यह मान लेगा कि अब बहुत हो गया और कोई भी खिलाड़ी, यहां तक कि बेन स्टोक्स भी, टीम और खेल की प्रतिष्ठा से ऊपर नहीं हैं?
- या फिर यह मान लिया जाए कि ग़लत जगह ग़लत समय पर होना इतना बड़ा कारण नहीं है कि इंग्लैंड की जर्सी पहनने वाले सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक को हटा दिया जाए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.